इलाहाबाद, उड़ीसा, गौहाटी, तेलंगाना, हिमांचल प्रदेश, कर्नाटक समेत देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 8 न्यायाधीशों और 18 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति-

कानून और न्याय मंत्रालय ने विभिन्न उच्च न्यायालयों में 18 अतिरिक्त न्यायाधीशों और 8 न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिसूचित किया है। नियुक्तियों का विवरण उच्च न्यायलय वार निम्न है- हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय- • न्यायिक अधिकारी सुशील कुकरेजा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त• न्यायिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह हिमाचल प्रदेश उच्च … Read more

HC ने कहा कि डीएम और एसडीएम निजी भूमि संपत्ति के विवादों में कोई दखल न दें, एसडीएम को निषेधाज्ञा पारित करने का कोई अधिकार नहीं-

अदालत ने प्रस्तुत मामले में जिलाधिकारी मथुरा को याची के प्रत्यावेदन पर तीन हफ्ते में विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया और कहा कि याची का प्रत्यावेदन सही पाया जाता है तो उसके मामले में प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई दखल नहीं दिया जाना चाहिए। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निजी भूमि … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषसिद्धि के खिलाफ लंबित अपील के बजाय जमानत याचिका पर बहस करने के अधिवक्ताओं के इस प्रैक्टिस पर, की निंदा-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं की उस प्रथा का खंडन किया है जहां वे अदालत से जमानत अर्जी पर सुनवाई करने का आग्रह करते हैं, भले ही दोषसिद्धि के खिलाफ अपील अंतिम निपटान के लिए तैयार हो। न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने इस प्रकार कहा, “मामला अंतिम निपटान … Read more

HC ने कहा हम सभी क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों का जश्न मना रहे हैं, लेकिन हम उनके सम्मान के लिए कतई चिंतित नहीं-

allahabad high court

एक हत्यारा अपने शिकार से भौतिक शरीर को नष्ट कर देता है, परंतु एक बलात्कारी असहाय महिला की आत्मा को नीचा दिखाता है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बलात्कार के बढ़ते अपराधियों को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा वैसे तो हम सभी क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों का जश्न मना रहे हैं, लेकिन … Read more

न्यायिक अधिकारी के खिलाफ ‘पहले एनबीडब्लू बाद में समन जारी करने’ के मामले में वाद दाखिल, न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा –

डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में तैनात जूनियर डिविजन के न्यायिक मजिस्ट्रेट के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया है। न्यायालय ने सुनवाई कर परिवाद की पोषणीयता पर आदेश सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष उपस्थित थे। परिवादी आजम राईन की ओर से दलील दिया गया कि थाना … Read more

लठैत की तरह काम न करे पुलिस, मकान ध्वस्तीकरण मामले में उच्च न्यायलय ने की टिप्पणी-

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने डिक्री के निष्पादन से पहले एसडीएम SDM के आदेश पर एक परिवार को बेदखल कर मकान ध्वस्त करने को गम्भीरता से लिया है। साथ ही तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस लठैत की तरह काम न करे। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने यह आदेश मोहम्मद सईद की द्वितीय … Read more

853 मामलों के विश्लेषण देने में देरी पर इलाहाबाद HC की खिंचाई करते हुए, SC ने कहा – छुट्टियों में काम करें या केस हमें भेज दें-

LKO

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court द्वारा 9 मई को कहा गया था कि पहली बार अपराध करने के ऐसे सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया जाना चाहिए, जो 10 वर्ष कैद में गुजार चुके हैं। परन्तु इसके 2 माह बाद भी कोर्ट को बताया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 62 जमानत अर्जियां अभी लंबित … Read more

लखीमपुर मामले में आशीष मिश्रा को जमानत देने से इनकार करते हुए ‘टूल किट’ का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर एजेंडा और बहस चलाना न्यायहित में घातक – HC

High Court Lucknow Bench

इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच Lucknow Bench Allahabad High Court ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ़ मोनू को जमानत देने से इनकार करते हुए मामले के संदर्भ में मीडिया ट्रायल पर टिप्पणी की है। यह नोट करने के बाद कि दोनों पक्षों, आरोपी और पीड़िता … Read more

HC ने कहा कि याचिका उनके अवैध संबंधों पर न्यायालय की मुहर प्राप्त करने के लिए दायर किया गया है-

HC ने कहा कि “लिव-इन रिलेशन” एक ऐसा रिश्ता है जिसे कई अन्य देशों के विपरीत भारत में सामाजिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है- पति और पत्नी होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ताओं के जीवन की सुरक्षा की मांग करने वाली एक याचिका पर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिका उनके अवैध … Read more

HC ने कहा कि Article 226 में निहित शक्तियां CrPC की धारा 482 की तुलना में बहुत अधिक, समझौते के आधार पर FIR रद्द की जाती है –

इंडियन पेनल कोड की धारा 323 ए, 504 ए, 506 कंपाउंडेबल हैं। धारा 376 ए, 354 यहां पर लागू नहीं होतीं, क्योंकि पीड़ित की चिकित्सकीय जांच नहीं की गई है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि एक बार पार्टियों ने फैसला किया है कि वे इस मुकदमे को लड़ना नहीं चाहती हैं, दर्ज … Read more