नाजिया इलाही खान सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान की पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि पहले पुलिस और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें तथा कानूनी प्रक्रिया का पालन करें।
सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान द्वारा कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि पहले संबंधित पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें और विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।
पीठ ने कहा- पहले पुलिस के पास जाएं
यह जनहित याचिका अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) अंसार अहमद चौधरी की ओर से दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता रजत कुमार ने अदालत से कहा कि कथित टिप्पणियों के कारण सांप्रदायिक अशांति फैलने की आशंका है, इसलिए मामले पर तत्काल सुनवाई की जाए।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
‘सिस्टम पर भरोसा रखें’— सुप्रीम कोर्ट
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उन्होंने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और अन्य सक्षम प्राधिकारी मौजूद हैं तथा सबसे पहले उन्हें अपना काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च न्यायिक संस्था है और उसकी भूमिका निगरानी (Supervisory Role) की है। यदि हर मामला सीधे सर्वोच्च अदालत में लाया जाएगा, तो निचले स्तर की संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से नहीं निभा पाएंगी।
‘संवेदनशील मामलों को सनसनीखेज न बनाएं’
पीठ ने कहा कि यह निस्संदेह एक गंभीर और संवेदनशील मामला है, लेकिन ऐसे मामलों को अनावश्यक रूप से सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए।
अदालत ने कहा कि यदि सामान्य कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं होती, तब याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
जज ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने कहा कि वह स्वयं इस मामले को लेकर संवेदनशील हैं, लेकिन कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार पूरी कठोरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान ने जून महीने में एक पॉडकास्ट के दौरान पैगंबर मुहम्मद और उनके परिवार के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
इन टिप्पणियों के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ देश के विभिन्न स्थानों पर कई एफआईआर दर्ज की गईं।
याचिका में क्या मांग की गई है?
जनहित याचिका में केंद्र सरकार के गृह विभाग, यूट्यूब, फेसबुक, एक्स (X) और नाजिया इलाही खान को पक्षकार बनाया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री के प्रकाशन, प्रसार और प्रसारण को रोकने तथा ऐसे कंटेंट के नियमन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
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