दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक समेत सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी जज अनु ग्रोवर बालीगा को सौंपी है। जानिए उनका न्यायिक सफर और नई भूमिका।
NEET पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष जज नियुक्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने जज अनु ग्रोवर बालीगा को सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से नामित फास्ट ट्रैक कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में व्यापक चर्चा रही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा घोटालों में शामिल लोगों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की घोषणा की थी।
गणित की छात्रा से विशेष न्यायाधीश तक का सफर
57 वर्षीय अनु ग्रोवर बालीगा ने गणित विषय में स्नातक (Mathematics Graduate) करने के बाद कानून की पढ़ाई की और एलएलबी (LLB) तथा एलएलएम (LLM) की डिग्रियां प्राप्त कीं।
उन्होंने वर्ष 2000 में तीस हजारी कोर्ट में सिविल जज के रूप में अपने न्यायिक करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कड़कड़डूमा, तीस हजारी और पटियाला हाउस कोर्ट में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया।
कई महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियां संभालीं
अपने न्यायिक करियर के दौरान अनु ग्रोवर बालीगा ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (Juvenile Justice Board) की प्रधान मजिस्ट्रेट तथा द्वारका कोर्ट में सीनियर सिविल जज-कम-रेंट कंट्रोलर के रूप में भी सेवाएं दीं।
इसके अलावा वह द्वारका कोर्ट में जिला न्यायाधीश भी रहीं।
CBI और NDPS मामलों की भी सुनवाई कर चुकी हैं
अनु ग्रोवर बालीगा ने लगभग चार वर्ष तक पटियाला हाउस कोर्ट में NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) मामलों की विशेष न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
वर्ष 2015 से 2017 के बीच वह द्वारका कोर्ट में विशेष CBI न्यायाधीश रहीं। इसके बाद वर्ष 2022 में चार महीने तक उन्होंने राउज एवेन्यू कोर्ट में भी विशेष CBI जज के रूप में कार्य किया।
बाद में उन्होंने कड़कड़डूमा और साकेत की वाणिज्यिक (Commercial) अदालतों का नेतृत्व भी किया।
कानूनी सहायता समिति में भी निभाई अहम भूमिका
वर्ष 2019 से 2022 के बीच अनु ग्रोवर बालीगा ने दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी (DHCLSC) की सचिव के रूप में कार्य किया।
यह समिति विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत गठित वैधानिक संस्था है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
अब संभालेंगी सार्वजनिक परीक्षा कानून से जुड़े मामले
नई नियुक्ति से पहले अनु ग्रोवर बालीगा तीस हजारी कोर्ट के केंद्रीय जिले के मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) की प्रभारी न्यायाधीश थीं।
अब उन्हें विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम/CBI)-25 (विशेष रूप से नामित फास्ट ट्रैक कोर्ट) नियुक्त किया गया है।
यह अदालत विशेष रूप से लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] के तहत दर्ज मामलों तथा उनसे जुड़े अपराधों की सुनवाई करेगी।
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब उनकी अदालत में
NEET-UG 2026 पेपर लीक से संबंधित मामला अब अनु ग्रोवर बालीगा की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे पहले इस मामले की सुनवाई किसी अन्य विशेष न्यायाधीश के समक्ष चल रही थी।
सोमवार को उन्होंने इस मामले में आरोपी मनीषा संजय हवालदार द्वारा न्यायिक हिरासत के दौरान उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई भी की।
फैसले का महत्व
अनु ग्रोवर बालीगा की नियुक्ति यह संकेत देती है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों की सुनवाई अब विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में प्राथमिकता के आधार पर होगी। इससे Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के प्रभावी क्रियान्वयन और ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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