मरीज़ों के हक़ में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘डॉक्टर’ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत आते है – जानिए विस्तार से

देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court ने शुक्रवार को दिए एक फैसले से यह साफ हो गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ कंजूमर कोर्ट Consumer Court में शिकायत की जा सकती है। इससे आम लोगों को उन प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ शिकायत करने में सुविधा होगी, जो पैसे तो खूब वसूलते हैं, लेकिन इलाज … Read more

हाई कोर्ट ने कहा: FIR को उसके मरने से पहले दिए गए बयान के रूप में माना जा सकता है क्योंकि मृतिका ने एफआईआर स्वयं दर्ज करवाई थी-

वास्तविक जीवन में पत्नी अपने पति को किसी और के साथ नहीं देख सकती, हाई कोर्ट ने कहा- इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने एक महिला की आत्महत्या के मामले में पति की याचिका को खारिज कर दिया। पति ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी। उसने … Read more

सुप्रीम अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए कहा की, एक ही मुकदमे पर भी लगाया जा सकता है गैंगस्टर एक्‍ट-

UP Gangster Act Verdict – शीर्ष कोर्ट Supreme Court के समक्ष आरोपी-अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि केवल एक प्राथमिकी/आरोपपत्र FIR के आधार पर और वह भी एक हत्या के संबंध में, अपीलकर्ता को ‘गैंगस्टर’ और/या ‘गिरोह’ का सदस्य नहीं कहा जा सकता है। दूसरी तरफ इस याचिका का विरोध करते हुए, राज्य सरकार की तरफ … Read more

Cr.P.C. धारा 102 के अंतर्गत किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता ‘संपत्ति की परिभाषा’ के तहत आता है और जब्त किया जा सकता है: हाई कोर्ट

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने "पाकिस्तानी नागरिक" कहकर निर्वासन की कार्रवाई पर लगाई रोक, IRP कांस्टेबल समेत चार याचिकाकर्ताओं को राहत

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी (जिसके अपराध की जांच की जा रही) के किसी भी रिश्तेदार का बैंक अकाउंट सीआरपीसी Cr.P.C. की धारा 102 के तहत संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आता है। न्यायमूर्ति संजय धर की खंडपीठ ने आगे … Read more

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर प्राप्त नौकरी ‘शुरू से ही शून्य’ माना जाएगा, हाईकोर्ट ने दिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश-

मद्रास हाई कोर्ट Madras High Court ने अनुसूचित जाति Schedule Cast का फर्जी प्रमाणपत्र Fake Cast Certificate प्रस्तुत करके नौकरी पाने के मामले में एक कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने और उसके पेंशन संबंधी लाभ में 60 फीसदी कटौती करने का निर्देश दिया। आरोपी चेन्नई के पास कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु ऊर्जा केंद्र (IGCAR) … Read more

हाई कोर्ट ने कहा कि आपराधिक जांच के दौरान भी उत्तर पुस्तिका की प्रमाणित प्रति RTI के तहत दी जा सकती है-

कर्नाटक हाई कोर्ट Karnataka High Court ने राज्य सूचना आयोग State Information Beuro के एक आदेश को चुनौती देने वाली राज्य की एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्राधिकरण को उन आवेदकों की प्रमाणित प्रतियां प्रदान करने का निर्देश दिया गया था जिन्होंने 2013 में सहायक लोक अभियोजक के पद के लिए आवेदन किया … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने आर्य समाज की शादियों को स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत लाने पर लगाई रोक-

उच्च्चतम न्यायलय Supreme Court ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय Madhya Pradesh High Court के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें आर्य समाज Arya Samaj के एक संगठन को निर्देश दिया गया था कि शादी करते समय उसे स्पेशल मैरिज एक्ट Special Marriage Act के प्रावधानों का पालन करना चाहिए. आर्य समाज के एक … Read more

‘Live-In Relationships’ सवैधानिक अधिकारों में आर्टिकल 21 का ‘बायप्रोडक्ट’ है जो तीव्र कामुक व्यवहार और व्याभिचार को बढ़ावा दे रहा है-

मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय इंदौर पीठ Indore Bench of Madhya Pradesh High Court ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ Live-In Relationships संविधान के अनुच्छेद 21 Article 21 of Indian Constitution के तहत मिले अधिकारों का ‘बायप्रोडक्ट’ Byproduct बन गया है। इसकी वजह से यौन अपराधों में वृद्धि हो रही है। … Read more

हाईकोर्ट ने लगाई बैंक को फटकार: महज 31 पैसा बकाया रहने पर SBI ने किसान को नहीं दी NOC-

गुजरात हाईकोर्ट Gujrat High Court ने भारतीय स्टेट बैंक State Bank of India को कड़ी फटकार लगाई है. बैंक ने एक किसान पर मात्र 31 पैसे बकाया रहने पर नो ड्यूज का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था. ये मामला गुजरात का है. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के एक किसान ने स्टेट बैंक … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की सख्त कार्रवाई: शादी से पहले पति के खिलाफ रेप का झूठा केस दर्ज कराने वाली महिला पर लगाया 10 हजार का जुर्माना-

इलाहाबाद हाई कोर्ट

दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर फर्जी प्राथमिकी दर्ज करवा दी थी। इसके बाद दवाब बनाकर समझौता करके महिला ने उसी युवक से शादी कर ली थी। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए महिला पर लगाया जुरमाना। जांच एजेंसी और कोर्ट दोनों को झूठे मामलों से निपटने में वास्तविक मामलों को परिणाम भुगतना … Read more