‘कोर्ट मार्शल’ कार्यवाही में प्रतिवादी से कनिष्ठ रैंक के अधिकारी को जज एडवोकेट नियुक्त करने के कारणों को दर्ज न करना, कार्यवाही को अमान्य बनता है: सुप्रीम कोर्ट

Court Marshal

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि संयोजक आदेश में जज एडवोकेट के रूप में पद में कनिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति के कारणों को दर्ज न करना कोर्ट मार्शल की कार्यवाही को अमान्य करता है। यह अपील पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा सी.डब्लू.पी. संख्या 20380/2012 में पारित दिनांक 21.05.2014 के आदेश के विरुद्ध है। उक्त … Read more

मात्र प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होने का अर्थ कार्यवाही शुरू करने जैसा नहीं लगाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

282716 Supreme Court

एक महत्वपूर्ण फैसले में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि मात्र प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होने का अर्थ कार्यवाही शुरू करने जैसा नहीं लगाया जा सकता। यह निर्णय बैकारोज़ परफ्यूम्स एंड ब्यूटी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो और अन्य के मामले में आया, जहां न्यायालय ने अपीलकर्ता बैकारोज़ परफ्यूम्स एंड ब्यूटी … Read more

विधवा बहू का भरण-पोषण पाने का अधिकार उसके वैवाहिक घर में रहने पर निर्भर नहीं, वह अपने ससुर से भरण-पोषण पाने की हकदार- इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आगरा के एक परिवार से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि गुजारा भत्ता लेने के लिए किसी विधवा को ससुराल में रहना जरूरी नहीं है। एक महिला विधवा होने पर अपने माता-पिता के साथ रह सकती है और इस स्थिति में भी वह अपने ससुर से गुजारा भत्ता पाने … Read more

धारा 138 एनआई अधिनियम: उच्च न्यायालय ने मजिस्ट्रेट की इस धारणा को मानने से इंकार दिया कि अभियुक्त ने कार्यवाही को खींचने के लिए गवाह को वापस बुलाया

Cheque Bounce

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक अभियुक्त द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत एक अपराध के लिए कार्यवाही में एक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर एक आपराधिक याचिका पर विचार किया। विवादित आदेश में, ट्रायल कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 311 के तहत अभियुक्त के आवेदन को खारिज कर दिया, … Read more

न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़े मामलों में ‘कॉलेजियम के सदस्यों के बीच प्रभावी परामर्श की कमी’ और उम्मीदवारों की ‘पात्रता’ न्यायिक समीक्षा के दायरे में आती है – SC

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़े मामलों में कॉलेजियम के सदस्यों के बीच प्रभावी परामर्श की कमी और उम्मीदवारों की ‘पात्रता’ न्यायिक समीक्षा के दायरे में आती है। रिट याचिकाकर्ताओं की शिकायत यह है कि उच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 4 जनवरी, 2024 के सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम संकल्प के अनुसार दो याचिकाकर्ताओं … Read more

नीलामी बिक्री को पूरा करने की प्रक्रिया से संबंधित आईबीबीआई विनियमनों में कोई प्रतिकूल परिणाम नहीं बताए गए हैं, जिससे इसे अनिवार्य माना जाए: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court 5

सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (परिसमापन प्रक्रिया) विनियम, 2016 (आईबीबीआई विनियम) के विनियम 33 के अंतर्गत अनुसूची-I का नियम 12 नियम 13 से जुड़ा हुआ नहीं है और नियम 13 में कोई प्रतिकूल परिणाम नहीं बताए गए हैं, जिसके कारण इसे अनिवार्य माना जाए। न्यायालय ने पाया कि नियम … Read more

POCSO Act: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी अधिकारी की पत्नी को जमानत से किया इंकार, कहा कि ये दो परिवारों के बीच विश्वास की भावना को कम करने का उदाहरण

Pocso Act

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा की पत्नी सीमा रानी खाखा को जमानत देने से इनकार कर दिया है. आरोपी अफसर पर अपने दोस्त की नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार कर उसे गर्भवती करने का आरोप है. दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा की पत्नी को जमानत … Read more

2021 पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा पीड़ित का परिवार दो आरोपियों को जमानत देने के कलकत्ता HC के आदेश जिसमें प्रमुख साक्ष्यों और कानूनी मिसालों की अनदेखी की गई है के खिलाफ SC पहुंचा

कलकत्ता उच्च न्यायालय के 5 अगस्त, 2024 के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की गई है, जिसमें अविजित सरकार की हत्या के सिलसिले में दो आरोपियों को जमानत दी गई है। याचिकाकर्ता, जो पीड़िता की मां और बड़े भाई हैं और अपराध के प्रत्यक्षदर्शी हैं, ने … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने बी.एड योग्यता वाले प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को रखा बरकरार

The 2supreme Court Of India

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें बी.एड. योग्यता वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि देवेश शर्मा बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी होने के बावजूद बी.एड. उम्मीदवारों को नियुक्तियां दी गईं। कोर्ट … Read more

एनआई एक्ट पर मद्रास उच्च न्यायालय: सुनवाई में देरी के लिए गवाह को वापस बुलाने की अनुमति नहीं जा सकती

मद्रास High Court

मद्रास उच्च न्यायालय ने हाल ही में चेक बाउंस मामले में शिकायतकर्ता द्वारा दायर एक आपराधिक मूल याचिका पर विचार किया, जिसमें लघु वाद न्यायालय द्वारा पारित आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया गया था, जिसके तहत न्यायालय ने पीडब्लू1 को जिरह के लिए वापस बुलाने की मांग करने वाले आवेदन को स्वीकार किया … Read more