दिल्ली उच्च न्यायालय: क्या पत्नी पति के ही घर में निवास करते हुए भी धारा 125 CrPC में भरण-पोषण की माँग कर सकती है?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक याचिका में नोटिस जारी किया जिसमें यह मुद्दा उठाया गया था कि क्या अपने पति के साथ अपने घर में रहने वाली पत्नी आपराधिक प्रक्रिया संहिता (क्रिमिनल प्रोसीजर कोड) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार है या नहीं? न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने मामले में नोटिस जारी … Read more

जस्टिस पुष्पा वी.गनेडीवाला: ‘स्किन-टु-स्किन कॉन्टैक्ट’ वाला फैसला देने वाली नहीं बनेंगी स्थायी जज, SC कॉलेजियम का फैसला, रुका प्रमोशन-

18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के लिए स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट जरूरी नहीं है. स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट के बिना बच्चों के नाजुक अंगों को छूना POCSO Act के तहत यौन शोषण होगा . यौन उद्देश्य से बच्चे के यौन अंगों को छूना पोक्सों के तहत … Read more

NDPS ACT: निजी तलाशी के दौरान धारा 50 का पालन नहीं करने से वाहन से हुई बरामदगी अमान्य नहीं हो जाती-

SUPREME COURT सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरोपी की निजी तलाशी के दौरान नशीला पदार्थ अधिनियम ‌(Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 ) की धारा 50 का पालन नहीं करने के कारण वाहन से हुई बरामदगी अमान्य नहीं हो जाती है। न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ … Read more

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर पत्नी के खिलाफ व्यभिचार के आरोप साबित हो जाते हैं तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं-

व्यभिचार( adultery)  के आधार पर पत्नी या पति कोई भी एक दूसरे से तलाक ले सकता है। लेकिन  बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई पर फैसला सुनाते हुए कहा की अगर पति अपनी पत्नी  को  व्यभिचार( adultery)  के कारण तलाक देता है तो पत्नी मासिक रखरखाव के भुगतान की हकदार नहीं होती है। बॉम्बे … Read more

सुप्रीम कोर्ट से चार धाम परियोजना को मिली मंजूरी, जानिए क्या था विवाद-

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर चारधाम परियोजना के तहत बन रही सड़कों को ‘डबल लेन’ तक चौड़ा करने की इजाज़त दे दी है. जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की सदारत वाली पीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाते हुए चारधाम परियोजना के बारे में सीधे जानकारी हासिल करने के लिए साबिक जज ए के … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से बताया कि अपराध तय करते वक्त अदालतों को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अदालतों का कर्तव्य है कि वे न सिर्फ अपराध बल्कि अपराधी, उसकी मानसिक स्थिति और उसकी सामाजिक आर्थिक स्थितियों को भी ध्यान में रखें. न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह अदालतों का कर्तव्य है कि वे आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय : दो भाई-बहनों व एक भतीजे के हत्यारे के फांसी की सजा को उम्रकैद में बदली-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि दोषी ने नृशंस अपराध किया है। लेकिन राज्य सरकार ने यह नहीं बताया कि आरोपी के सुधार की गुंजाइश नहीं है। याची ने अपराध किया है लेकिन वह दुर्दांत अपराधी नहीं है। उसका यह पहला अपराध था। सर्वोच्च अदालत में मध्य प्रदेश में संपत्ति … Read more

सुप्रीम कोर्ट: चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी Anticipatory Bail लेने से नहीं रोका जा सकता-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा की चार्जशीट दाखिल करने के बाद आत्मसमर्पण करने और नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का विकल्प होने से पक्षकारों को अग्रिम जमानत लेने से नहीं रोका जा सकता सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल करने के बाद आत्मसमर्पण करने और नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का विकल्प होने … Read more

हाईकोर्ट: किसी व्यक्ति को “भगौड़ा” घोषित करने से पहले अदालत की संतुष्टि और धारा 82 के प्रावधानों का पालन जरूरी-

दिल्ली उच्च न्यायलय ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को “घोषित अपराधी” घोषित करने से पहले संबंधित अदालत को यह देखना जरूरी है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ वारंट जारी किया गया था वह कैसे फरार हो गया। यह देखना भी जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति ने स्वयं को इस तरह छिपाया कि उसका … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी की बढ़ी मुश्किलें-

allahabad high court

इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. Allahabad High Court में वसीम रिजवी के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि किसी भी प्रकार से राजनीति से प्रेरित होकर पैगंबर मोहम्मद व … Read more