नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल अहमदाबाद बेंच द्वारा प्री-पैक दिवालिया होने के केस में सेक्शन 54 C के तहत अपना पहला निर्णय सुनाया-

प्री-पैकेज्ड इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (“पीपीआईआरपी) के तहत दिवालिया होने का यह संभवत: पहला मामला है- जीसीसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की अहमदाबाद बेंच द्वारा स्वीकार किया जाने वाला पहला प्री-पैक केस बन गया है। इसके लेनदारों का 54.16 लाख रुपये बकाया है। इस प्रक्रिया को हाल ही में IBC में एक … Read more

नाबालिग उम्र में की गई शादी, हिं.वि.अधि. की धारा 13-बी के तहत तलाक के लिए याचिका देने पर अनुमति दी जानी चाहिए – उच्च न्यायलय

Punjab And Haryana High Court (पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट) ने कहा है कि 18 साल की उम्र से पहले विवाहित लड़की तलाक की डिक्री के जरिए अलग होने की मांग कर सकती है. हालांकि यह तब नहीं होगा है जब लड़की ने 18 साल की उम्र में याचिका के जरिए शादी को अमान्य घोषित कर … Read more

POCSO के तहत दर्ज आरोपी को उच्च न्यायलय ने दी जमानत कहा: क्या १५ साल की लड़की अपने कार्यों के पूरे प्रभाव को जानने में सक्षम नहीं थी-

Madhya Pradesh High Court मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने राकेश पुत्र अंबरम बनाम मध्य प्रदेश राज्य के मामले में मामला दर्ज किया। दिनांक ०९-०९-२०२१ एक दिलचस्प मुद्दा सामने आता है कि क्या १५ साल की लड़की अपने कार्यों के पूरे प्रभाव को जानने में सक्षम नहीं थी कि वह एक आदमी के साथ गई और … Read more

उच्च न्यायलय में हिंदी भाषा को सम्मान देते न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी, हर दिन 30 से 35 याचिकाओं में हिंदी भाषा में देते हैं आदेश व निर्णय

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने हिंदी में फैसले सुनाने की दिशा में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। न्यायमूर्ति चौधरी ने अपने 20 माह के कार्यकाल में अब तक दो हज़ार से अधिक निर्णय हिंदी में ही दिए हैं। एकल न्याय पीठ में बैठकर वो हर दिन 30 से 35 मुकदमों में … Read more

वैधानिक किरायेदार को सिर्फ किराया अधिनियम के तहत लाभ, संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम के प्रावधान भवन और भूमि पर लागू नहीं होते – सर्वोच्च न्यायलय

किरायेदार ने इमारत के विध्वंस के बाद भूमि पर अधिकार का दावा करते हुए पहला मुकदमा दायर किया- किरायेदारी का अधिकार न केवल भवन में बल्कि भूमि में भी है- वैधानिक किरायेदार के अधिकारों और देनदारियों को केवल किराया अधिनियम के तहत पाया जाना चाहिए, न कि संपत्ति के हस्तांतरण अधिनियम के तहत- शीर्ष अदालत … Read more

बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार की जांच के खिलाफ परमबीर सिंह की याचिका खारिज की-

मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा दायर उस याचिका को बृहस्पतिवार को सुनवाई के योग्य नहीं माना, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गयी दो प्राथमिक जांच को रद्द करने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की … Read more

मा. न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्ता जी का उच्च न्यायालय में लगभग ४००० निर्णय हिन्दी में देकर हिन्दी भाषा के प्रति अभूतपूर्व योगदान रहा –

justice p s gupta

हिन्दी भाषा पखवाड़ा पर विशेष- न्यायमूर्ति श्री प्रेम शंकर गुप्त हिन्दी में निर्णय देने का प्रशंसनीय कार्य किया और इसके चलते बहुत प्रसिद्ध हुए। वे उच्च न्यायालय के अधिवक्ता, न्यायाधीश एवं हिन्दी के प्रबल पक्षधर व मनीषी के रूप में जाने जाते हैं। हिन्दी, अन्य भारतीय भाषायें व साहित्य उनके हृदय की धड़कन है। राष्ट्र … Read more

Evidence Act की धारा 106 उन मामलों पर लागू होगी जहां अभियोजन पक्ष उन तथ्यों को स्थापित करने में सफल रहा है – उच्चतम न्यायालय

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 106 के तहत अभियुक्त के भार को निभा पाने में विफलता परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा संचालित मामले में प्रासंगिक नहीं है, यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितियों की एक कड़ी स्थापित करने में असमर्थ है। मा न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और मा न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ … Read more

सिर्फ माला पहनाने से नहीं होती शादी, पूरे विधि-विधान के साथ अग्नि के 7 फेरे लेने जरूरी – मध्यप्रदेश हाइकोर्ट

ग्वालियर. :  लव मैरिज पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) हाई कोर्ट (High Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है. ग्वालियर खंडपीठ ने कहा कि सिर्फ माला पहनने से शादी नहीं हो जाती. उसके लिए पूरे विधि-विधान के साथ अग्नि के 7 फेरे लेने जरूरी हैं. उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी आर्य समाज मंदिर में शादी करने … Read more

वकीलों द्वारा ‘फर्जी’ जनहित याचिकाएं दायर करने की हरकत को प्रोत्साहित नहीं कर सकती है – सर्वोच्च न्यायालय

पीठ ने याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया- शीर्ष अदालत ने मंगलवार को वकीलों से जुड़ी एक याचिका पर अहम फैसला सुनाया। ज्ञात हो कि एक जनहित याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह कोरोना वायरस या अन्य किसी कारण से जान गंवाने वाले … Read more