NLU की रिपोर्ट में कहा गया कि 2022 में ट्रायल कोर्ट ने दी 165 लोगो को फाँसी की सजा, 2000 के बाद सबसे ज्यादा

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी NATIONAL LAW UNIVERSITY के प्रोजेक्ट 39ए ने डेथ पेनल्टी इन इंडिया, एनुअल स्टैटिस्टिक्स रिपोर्ट, 2022′ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी की है। गुजरे वर्ष 2022 में अपने देश की निचली अदालतों Lower Court`s of India ने 165 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। निचली अदालतों द्वारा एक वर्ष में मौत की … Read more

“धार्मिक लोगों को मंदिर संभालने दें”: SC ने अहोबिलम मठ पर HC के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार की याचिका खारिज करते हुए कही ये बात

आक्षेपित निर्णय में, हाई कोर्ट ने माना था कि एक कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का राज्य का निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26 (डी) का उल्लंघन था और मथादीपी के प्रशासन के अधिकार को प्रभावित करता था। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली … Read more

ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन के विवादित डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, याचिकाकर्ता के दो सवाल-

ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) यूनाइटेड किंगडम का राष्ट्रीय प्रसारक है। शीर्ष अदालत से यह तय करने का आग्रह किया है कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) और (2) के तहत नागरिकों को 2002 के गुजरात दंगों पर समाचार, तथ्य और रिपोर्ट देखने का अधिकार है या नहीं। गुजरात दंगों को लेकर बनाई गई ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग … Read more

बलात्कार पीड़िता की शारीरिक भाषा आघात को प्रतिबिंबित नहीं करती थी, वह लंबे समय तक चुप रही: एचसी ने पूर्व विधायक को दी जमानत

बिना अनुमति बुलेटप्रूफ वाहन चलाना चौंकाने वाली स्थिति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने A श्रेणी गैंगस्टरों को मिल रही 'सुरक्षा' पर जताई गंभीर चिंता

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में पंजाब के एक पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को बलात्कार के एक मामले में जमानत देते हुए कहा था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि पीड़िता ने अपनी शारीरिक भाषा या आचरण के माध्यम से किसी आघात को प्रतिबिंबित किया। कोर्ट ने आगे … Read more

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिकों को जिम्मेदारी के बिना बोलने का अधिकार नहीं प्रदान करती : इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार नागरिकों को जिम्मेदारी के बिना बोलने का अधिकार नहीं देता है और न ही यह भाषा के हर संभव उपयोग के लिए असीमित लाइसेंस प्रदान करता है। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की पीठ ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण उपकरण … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा चोट लगने के लंबे समय बाद, यदि पीड़ित की मौत हो, तो भी आरोपी की जिम्मेदारी कम नहीं होगी

सर्वोच्च न्यायलय ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि जब किसी अभियुक्त द्वारा दी गई चोटों के कारण काफी समय बीत जाने के बाद पीड़ित की मृत्यु हो जाती है, तो इससे हत्या के मामले में अपराधी की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस एस. रवींद्र भट की पीठ ने … Read more

आखिर ‘1976 आपातकाल’ में हुए 42 वें संविधान संशोधन को ‘मिनी कांस्टिट्यूशन’ क्यों कहा जाता है-

संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा कहा जाता है. इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 1976 में 42वां संविधान संशोधन किया गया. देश में उस समय आपातकाल लगा हुआ था . इसी दौरान संविधान की प्रस्तावना में 3 नए शब्द समाजवादी ,धर्मनिरपेक्ष और अखंडता को जोड़ा गया. संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा कहा जाता … Read more

एक ही घटना पर दूसरी दर्ज प्राथमिकी कानून का दुरुपयोग, CrPC Sec 173 के तहत फाइनल रिपोर्ट का इन्तजार किए बिना रद्द की जा सकती है – HC

बिना अनुमति बुलेटप्रूफ वाहन चलाना चौंकाने वाली स्थिति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने A श्रेणी गैंगस्टरों को मिल रही 'सुरक्षा' पर जताई गंभीर चिंता

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक मामले कि सुनवाई करते हुए माना कि यदि किसी घटना के संबंध में दूसरी एफआईआर दर्ज की जाती है, जिस पर पहले से एफआईआर मौजूद हो तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और हाईकोर्ट धारा 482 सीआरपीसी के तहत, धारा 173 सीआरपीसी के तहत अंतिम रिपोर्ट … Read more

NDPS Act sec 37: के तहत जमानत देते समय कोर्ट की प्रथम दृष्टया संतुष्टी ‘उचित आधार’ पर आधारित होना चाहिए – HC

Dhc

दिल्ली उच्च न्यायालय एक मामले में पाया है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 37 के तहत जमानत देते समय, एक अदालत के पास आरोपी की प्रथम दृष्टया बेगुनाही और आरोपी जमानत पर रहते हुए ऐसा अपराध नहीं करेगा, इस पर विश्वास करने के लिए “उचित आधार” होना चाहिए। एनडीपीएस अधिनियम … Read more

वकीलों की हड़ताल व विरोध के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया नीति बनाना सुनिश्चित करे : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में वकीलों के आए दिन होने वाले आन्दोलन के मामले पर सुनवाई करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कहा कि वह हड़ताल एवं विरोध के खिलाफ नीति बनाकर कदम उठाए। दरअसल, एनजीओ NGO कॉमन कॉज की ओर से दाखिल अवमानना याचिका में वकीलों के हड़ताल पर जाने और अदालती कामकाज … Read more