इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वकील आज न्यायिक कार्य से रहे विरत-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में कटौती और वकीलों पर पुलिस और प्रशासन की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट, इलाहाबाद के वकील मगंलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। उधर, माफिया अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा की गिरफ्तारी के खिलाफ सोमवार को हुए प्रदर्शन के मद्देनजर जिला कचहरी और आसपास भी सुरक्षा … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने किया मणिपुर में हिंसा मामले की सुनवाई के लिए DGP को तलब, अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स माफिया का हिंसा के पीछे हाथ

उच्चतम न्यायलय ने मणिपुर में हिंसा के मामले की सुनवाई में पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है. राज्य में मई से जुलाई के बीच हुई हिंसा पर सख्त टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि हालात राज्य की पुलिस के नियंत्रण के बाहर थे. अब डीजीपी सोमवार 7 अगस्त … Read more

कैट बार एसोसिएशन के समर्थन में 01.08.2023 मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वकील रहेंगे हड़ताल पर

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सोमवार को निर्णय लिया कि कैट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के समर्थन में मंगलवार को वकील हड़ताल पर रहेंगे। HCBA द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया- प्रयागराज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद की कार्यकारिणी एक बैठक दिनांक 31.07.2023 को सायंकाल 04:00 बजे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के ओल्ड … Read more

दिल्ली सेवा अध्यादेश की जगह लेने वाला नया विधेयक बड़े बदलावों के साथ आया है

दिल्ली सेवा अध्यादेश को बदलने के लिए जो विधेयक तैयार किया गया था, वह एक विवादास्पद प्रावधान सहित बड़े बदलावों के साथ आया है, जो स्पष्ट रूप से सुप्रीम कोर्ट के 11 मई, 2023 के फैसले के प्रभाव को दूर करने के लिए डाला गया था। यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी में ट्रिब्यूनल के प्रमुखों की … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कुकी समुदाय को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार ठहराने वाली याचिका को एकतरफा बताते हुए किया सुनवाई से इनकार

उच्चतम न्यायलय में सोमवार 31 जुलाई 2023 को कुकी घुसपैठियों को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार बताने वाली उस याचिका आई लेकिन कोर्ट ने उसको सुनने से इनकार कर दिया, जिसमें सिर्फ अवैध कुकी घुसपैठियों को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार बताया गया था। चीफ जस्टिस ने इसे एकतरफा बताते हुए याचिका सुधार कर दोबारा दाखिल करने … Read more

कोलकाता HC बंगाल में ‘अवैध निर्माण और गुंडागर्दी’ मामले पर ‘योगी मॉडल’ की तारीफ, और कहा की जरूरत पड़े तो बुलडोज़र UP से किराए पर ले लो..’

कलकत्ता उच्च न्यायलय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने अवैध निर्माण पर कड़ा रुख अपनाते हुए गुंडों-बदमाशों के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। शुक्रवार 28 जुलाई को मानिकतला थाना क्षेत्र में अवैध निर्माण से संबंधित मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की पीठ में है। न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की … Read more

अपराध गठन सामग्री के अभाव में मृतिका के साथ प्रेम संबंध रखने वाले व्यक्ति को दी जमानत – HC

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुकदमे के लंबित रहने के दौरान आईपीसी की धारा 306, 504 और 506 के तहत अपराधों के लिए आरोपियों को जमानत पर रिहा करने की प्रार्थना करते हुए दायर जमानत याचिका में, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ, ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने का … Read more

वैवाहिक विवादों में पति के रिश्तेदारों को फंसाकर IPC की धारा 498-A का दुरुपयोग, HC ने रद्द की पूरी आपराधिक कार्यवाही

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सशरीर रात 9:00 बजे उपस्थित होने का आदेश

झारखंड उच्च न्यायालय ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 (‘सीआरपीसी’) की धारा 482 के तहत धारा 498-ए के एक मामले में शिकायतकर्ता के भाई-भाभी और भाभी के खिलाफ दायर पूरी आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए दायर एक याचिका में दंड संहिता, 1860 (‘आईपीसी’) के, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संजय कुमार द्विवेदी, जे की अदालत में … Read more

पति के अचानक उकसावे के क्रम में पत्न्नी द्वारा पति की हत्या, पत्नी को IPC की Sec 300 के Exception 1 का मिला लाभ – HC

Gauhati High Court HAJ AIR FARE RETURN IN 90 DAYS

न्यायमूर्ति सुमन श्याम और न्यायमूर्ति अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ, की खंडपीठ ने एक आपराधिक अपील का फैसला किया, जिसमें अपने पति की हत्या के लिए आईपीसी की धारा 302 के तहत अपीलकर्ता-पत्नी की सजा को धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या में बदल दिया गया था। अपीलकर्ता पर अपने पति पर कुल्हाड़ी से हमला … Read more

अदालतों को विलंब माफी के आवेदनों से निपटने के दौरान ‘कठोर तकनीकी दृष्टिकोण’ के बजाय न्याय उन्मुख दृष्टिकोण अपनाना चाहिए: शीर्ष अदालत

शीर्ष अदालत ने कहा कि अदालतों को विलंब माफी के आवेदनों से निपटने के दौरान ‘कठोर तकनीकी दृष्टिकोण’ के बजाय न्याय उन्मुख दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने एक अक्टूबर, 2005 को मुकदमे का फैसला सुनाया गया। प्रतिवादियों ने 52 दिन की देरी माफ करने की मांग करते हुए एक आवेदन के … Read more