सहायक शिक्षक (एलटी ग्रेड) नियमितीकरण के साथ तदर्थ निरंतरता पेंशन लाभ के लिए योग्य है: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सहायक शिक्षक (एलटी ग्रेड) को तदर्थ अवधि में प्रदान की गई सेवाओं के लिए पेंशन लाभ से इनकार करने वाले स्कूलों के जिला निरीक्षक के एक आदेश को रद्द कर दिया। पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिवादी को परमादेश जारी करते हुए, न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने कहा, “याचिकाकर्ता … Read more

सिर्फ प्राथमिकी दर्ज होने मात्र पर कोई उम्मीदवार सार्वजनिक नियुक्ति के लिए अपात्र नहीं ठहराया जा सकता

बिना अनुमति बुलेटप्रूफ वाहन चलाना चौंकाने वाली स्थिति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने A श्रेणी गैंगस्टरों को मिल रही 'सुरक्षा' पर जताई गंभीर चिंता

पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायलय ने केनरा बैंक को एक महिला को नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। महिला का ऑफर लेटर 2018 में एक लंबित एफआईआर FIR के आधार पर रद्द कर दिया गया था। पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायलय ने अपने आदेश में कहा कि एक उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामला … Read more

सेवा बर्खास्तगी पर ग्रेच्युटी की जब्ती स्वतः नहीं, प्रभावित पक्ष को कारण बताओ नोटिस देना जरूरी

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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने एक मामला सुनवाई के दौरान माना कि ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के अनुसार सेवा से बर्खास्तगी पर ग्रेच्युटी की जब्ती स्वत: नहीं होती है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा कि प्रभावित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जरूरी है। पीठ सियाराम बसंती द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रही … Read more

सिर्फ प्राथमिकी दर्ज होने मात्रा और बिना उचित जांच किए कर्मचारी को सेवा से सरसरी तौर पर बर्खास्त करना, न्याय के नैसर्गिक सिद्धान्तों का उल्लंघन-

उच्च न्यायलय ने हाल ही में कहा है कि केवल एफआईआर दर्ज होने और उचित जांच किए बिना किसी कर्मचारी को सेवा से सरसरी तौर पर बर्खास्त करना न्याय के नैसर्गिक सिद्धान्तों का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की ओर से यह टिप्पणी आई: “इस प्रकार, याचिकाकर्ता को उचित प्रक्रिया अपनाए बिना संक्षेप कार्रवाई में … Read more

अस्थायी नियुक्ति को स्थायी बनाया जा सकता है परन्तु एक बार चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एक बार इस योजना के तहत चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद, इस तथ्य की परवाह किए बिना कि कोई पद अस्थायी है या स्थायी, एक नियुक्ति मूल है और सक्षम प्राधिकारी द्वारा पद को स्थायी रूप से स्वीकृत किए जाने पर इसे स्थायी बनाया जा सकता … Read more

अगर कर्मचारी की प्रमोशन किसी गलत बयानी पर आधारित नहीं थी तो पेंशन से कोई रिकवरी नहीं की जा सकती: HC

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने "पाकिस्तानी नागरिक" कहकर निर्वासन की कार्रवाई पर लगाई रोक, IRP कांस्टेबल समेत चार याचिकाकर्ताओं को राहत

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट Jammu & Kashmir & Laddakh High Court की एक खंडपीठ द्वारा दिये अपने निर्णय में कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से उसकी पदोन्नति की मांग के तथ्य के संबंध में किसी भी गलत बयानी के अभाव में, उसके सेवानिवृत्ति लाभ से कोई वसूली नहीं की जा सकती है या … Read more

हाईकोर्ट का निर्णय: परिवार का सदस्य शासकीय सेवक हैं तो भी मृतक आश्रित नियुक्ति को इंकार नहीं किया जा सकता-

उच्च न्यायलय ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदन पर यह देखना जरूरी है कि पूर्व से जो सदस्य सरकारी नौकरी में है वह परिवार की मदद करता है या नहीं मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय Madhya Pradesh High Court द्वारा मृत प्रधान पाठक के पुत्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के … Read more

हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति दावा को बिना कोई कारण बताए खारिज करने के आदेश को किया ख़ारिज, नौकरी के शासनदेश पर माँगा जबाव-

कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का आदेश उचित नहीं कहा जा सकता, जिसे जारी करने का पीछे का कारण न बताया जाए। इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने अनुकंपा नियुक्ति उम्मीदवारों Compassionate Appointment Employees को बड़ी राहत दी है। दरअसल अनुकंपा नियुक्ति Compassionate Appointment के मामले में हाईकोर्ट High Court ने बड़ा फैसला … Read more

हाईकोर्ट: ससुर गवर्नमेंट सर्विस में इसके बाद भी बहू को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए-

ससुर को बहू के परिवार का सदस्य नहीं माना जा सकता- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक अहम फैसला दिया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि ससुर गवर्नमेंट सर्विस में इसके बावजूद बहू को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए. ससुर को बहू के परिवार का सदस्य नहीं माना जा सकता. न्यायमूर्ति पी सैम … Read more

सुप्रीम कोर्ट : सजा की मात्रा तय करना अपीलीय अथॉरिटी के विवेकाधीन कार्य क्षेत्राधिकार के भीतर-

Supreme Court सर्वोच्च न्यायलय की पीठ ने कहा कि नियम-52 अपीलीय अथॉरिटी को यह जांचने का अधिकार देता है कि क्या लगाया गया जुर्माना अत्यधिक, पर्याप्त या अपर्याप्त है और उसके अनुरूप दंड की बढ़ाने, घटाने या खत्म करने का अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील … Read more