सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: ‘घरदामाद’ बनाने की प्रथा साबित किए बिना नहीं मिलेगा पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार

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उरांव जनजाति उत्तराधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उरांव जनजाति की प्रथागत विधि के तहत केवल कथित प्रथा के आधार पर उत्तराधिकार का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रथा (Custom) को लागू कराने से पहले उसके अस्तित्व, प्राचीनता और निरंतर पालन का … Read more

बेटियों द्वारा संपत्ति के उत्तराधिकार मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पिता की मृत्यु 1956 से पहले हुई है तो संपत्ति में Inheritance नहीं

किसी नाबालिग के विदेश यात्रा के अधिकार को केवल इसलिए पासपोर्ट Passport जारी करने/पुनः जारी करने से इनकार करके खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि पिता नाबालिग के आवेदन पर सहमति देकर उसका समर्थन नहीं कर रहा - बॉम्बे HC

बॉम्बे उच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई के लिए आये मामला जो बेटियों द्वारा संपत्ति के Inheritance से संबंधित था। संक्षिप्त तथ्य- मामले के तथ्य इस प्रकार हैं यशवंतराव की दो पत्नियाँ थीं, लक्ष्मीबाई और भीकूबाई, और तीन बेटियाँ: लक्ष्मीबाई से उनकी पहली शादी से सोनूबाई और राधाबाई, और भीकूबाई से उनकी दूसरी शादी से चंपूबाई। … Read more