जजों की नियुक्ति आंख मूंदकर नहीं कर सकते, केंद्र सरकार ने बताई इसकी ये वजह-

लोकसभा ने ध्वनिमत से कुटुम्ब न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक के जरिए कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम 1984 में संशोधन किया जाना है। जजों की नियुक्ति पर भारत सरकार का एक बड़ा बयान आया है। यह बयान सरकार की तरफ से केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरन रिजिजू ने लोकसभा में दिया। … Read more

हाईकोर्ट ने पति द्वारा Family Court के आदेश को चुनौती देने पर लगाया 20,000 रु का जुर्माना, कहा गुजारा भत्ता न देना मानवीय दृष्टिकोण में सबसे बड़ा अपराध-

दिल्ली उच्च न्यायलय Delhi High Court ने अलग रह रही पत्नी और बच्चे को गुजारा भत्ता Alimony नहीं देने को मानवीय दृष्टिकोण से सबसे बड़ा अपराध बताया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पति द्वारा पारिवारिक न्यायलय Family Court के आदेश को चुनौती देने पर उस पर 20,000 रुपये का भी जुर्माना लगाया है। न्यायमूर्ति … Read more

विधवा बहू ने किया ससुराल पर भरण पोषण का दावा, HC ने कहा ससुर दे बहू को गुजारा भत्ता-

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chattisgarh High Court के फैसले के बाद अब विधवा बहू अपने ससुराल वालों से भरण-पोषण को लेकर दावा कर सकती है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए यह फैसला दिया है। न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर पति की मौत के बाद ससुर … Read more

सुप्रीम कोर्ट में पति की पुकार कहा, मेरी पत्नी औरत नहीं- मर्द है, कैसे निभाऊं वैवाहिक जीवन, जानिए अजीबोगरीब मामला विस्तार से-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट में एक अजीबोगरीब मामला पहुंचा है जिसमें पति ने अदालत से गुहार लगाते हुए बताया है कि मेरी पत्नी औरत नहीं, मर्द है. मैं उसके साथ कैसे रह सकता हूं. उसे ये बात पता थी कि उसके पास पुरुष जननांग हैं. उसने मुझे धोखा दिया है. उस पर और उसके पिता … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय कहा कि प्रेगनेंसी के दौरान माता-पिता के साथ मायके में रहना तलाक का नहीं हो सकता कारण-

Madras High Court मामला तमिलनाडु का है, जिसमें याचिकाकर्ता ने 1999 में शादी कर ली। इसके कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी गर्भवती होने पर अपने माता-पिता के यहाँ मायके चली गई। प्रेगनेंसी के दौरान माता-पिता के साथ रहना तलाक का कारण नहीं हो सकता। पति ऐसे केस को ‘क्रूरता’ की श्रेणी में नहीं डाल … Read more

क्या तलाक़ डिक्री के ख़िलाफ़ लम्बित अपील के दौरान पत्नी धारा CrPC 125 के तहत गुजारा भत्ता माँग सकती है? इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्णय विस्तार से-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने Criminal Procedure Code सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी के भरण-पोषण के दावे की अनुमति दी, भले ही पारिवारिक न्यायालय के पास पहले से ही तलाक की डिक्री थी, उक्त डिक्री के खिलाफ अपील अदालत के समक्ष लंबित थी और अंतिम रूप प्राप्त कर चुकी थी। जस्टिस आफताब हुसैन रिजवी … Read more

CrPC sec 125 ”एक पिता की अपने बेटे को भरण-पोषण देने की बाध्यता उसके बालिग होने पर भी समाप्त नहीं होगी”-उच्च न्यायलय

सुप्रीम कोर्ट ने लगातार यह माना है कि धारा 125 की अवधारणा एक महिला की वित्तीय पीड़ा को कम करने के लिए थी, जिसने अपना वैवाहिक घर छोड़ दिया था; यह बच्चों के साथ, यदि कोई हो, महिला के भरण-पोषण को सुरक्षित करने का एक साधन है- न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद ने यह व्यक्त करते हुए … Read more

Divorce: कोर्ट ने याचिका दायर करने के 14 दिनों के भीतर युगल को तलाक की दी मंजूरी –

Divorce: कोर्ट ने याचिका दायर करने के 14 दिनों के भीतर युगल को तलाक की दी मंजूरी

पुणे स्थित पारिवारिक अदालत ने संयुक्त रूप से एक याचिका दायर करने और छह महीने की अनिवार्य कूलिंग-ऑफ अवधि की छूट हासिल करने के 14 दिन बाद एक इंजीनियर जोड़े को आपसी सहमति से तलाक दे दिया है। आलोक्य- पति, जो कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले का रहने वाला है, दुबई में एक कंपनी में … Read more

तलाक की याचिका दायर करने के लिए एक वर्ष की अनिवार्य अवधि को माफ कर उच्च न्यायलय ने दिया डिक्री-

फैमिली कोर्ट ने उक्त आवेदन के साथ-साथ अधिनियम की धारा 13-बी के तहत एक याचिका की अनुमति नहीं दी है-  मा न्यायमूर्ति रितु बाहरी और मा न्यायमूर्ति अर्चना पुरी की पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इस पर अपनी राय दी कि क्या तलाक की याचिका दायर करने के लिए एक वर्ष की … Read more