दहेज निषेध अधिनियम ‘जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी के बिना किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता’ – पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय

व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं, ऐसे 'लिव इन रेलशनशिप' मामलों में संरक्षण देने से 'द्वी विवाह' हो समर्थन मिलेगा और भारतीय मूल्यों का हनन होगा

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 4 के तहत दर्ज मामले में कार्यवाही को रद्द करते हुए कहा कि जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व स्वीकृति के बिना अधिनियम के तहत किए गए किसी भी अपराध के संबंध में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। संक्षिप्त तथ्य- … Read more

दहेज उत्पीड़न के एक मामले में ‘मजिस्ट्रेट’ को कड़ी फटकार, हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि वह अपना काम करने में गंभीर नहीं – बॉम्बे हाईकोर्ट

Bombay High Court

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में मुकदमे में तेजी लाने के निर्देश देने वाले अपने 2021 के आदेश का पालन न करने के लिए एक मजिस्ट्रेट को कड़ी फटकार लगाई है, जिसमें कहा गया है कि गैर-अनुपालन के लिए उनके बहाने “कमजोर” थे। न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की … Read more

हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज मांगना अपराध, लेकिन कम दहेज के लिए ताना मारना अपने आप में दंडनीय अपराध नहीं, आपराधिक शिकायतें कीं खारिज

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप स्पष्ट होने चाहिए, जिसमें आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए प्रत्येक सदस्य द्वारा निभाई गई विशिष्ट भूमिका पर प्रकाश डाला जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दहेज से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि दहेज मांगना अपराध, … Read more

“दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3(2) को उसके अक्षरशः लागू करने की आवश्यकता” ताकि नागरिकों को तुच्छ मुकदमेबाजी का विषय न बनना पड़े – इलाहाबाद HC

उपर्युक्त सूची दहेज के आरोपों को खत्म करने के लिए एक उपाय के रूप में भी काम करेगी जो बाद में वैवाहिक विवाद में लगाए जाते हैं. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3(2) के तहत विवाह के समय दूल्हा या दुल्हन को मिले उपहारों की सूची बनाए रखने के महत्व … Read more

‘जहर से मौत’: सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपी व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, 22 साल बाद आया निर्णय-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने एक पुलिस अधिकारी द्वारा मौत से ठीक एक घंटे पहले दर्ज किए गए मृत्यु पूर्व बयान पर अविश्वास करने और एक पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए बयान को विश्वसनीयता देने के बाद कथित तौर पर जहरीला पदार्थ देकर अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपी एक व्यक्ति की दोषसिद्धि … Read more