सुप्रीम कोर्ट का सरकार को निर्देश, कहा जमानत के लिए बेल अधिनियम बनाने की दी राय, सभी उच्च न्यायालयों को इस संबन्ध में रिपोर्ट पेश करने को कहा –

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सुप्रीम कोर्ट तीन न्यायाधीशों की पीठ ने केस सुनवाई के समय जमानत के लिए अलग से जमानत एक्ट पर विचार करने को कहा- भारत के उच्चतम न्यायालय ने भारत सरकार को आपराधिक मामलों में आरोपितों की रिहाई को सरल बनाने के लिए उन्हें जमानत देने के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार करने का … Read more

IPC Sec 376 और 504, 506 के तहत अपराध CrPC की Sec 200 के तहत परीक्षण के उद्देश्य के लिए ‘एक ही परिणति के रूप में जुड़े कृत्यों की एक श्रृंखला’ के दायरे में नहीं आएगा : SC

सुप्रीम कोर्ट

बलात्कार का अपराध (भारतीय दंड संहिता की धारा 376) और दूसरा गाली-गलौज और धमकियां, जिससे अपमान और धमकाने का अपराध होता है (धारा 504/506 आईपीसी), चाक और पनीर की तरह होते हैं- न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने पाया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और धारा 504 और 506 … Read more

मुकदमे के दौरान पॉक्सो एक्ट के तहत नया आरोप जोड़ा जा सकता है: हाई कोर्ट

कर्नाटक उच्च न्यायालय KERNATAKA HIGH COURT ने कहा है कि आपराधिक मुकदमे के दौरान यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO ACT) कानून के तहत एक नया आरोप सत्र न्यायालय SESSION COURT के न्यायाधीश के आदेश से जोड़ा जा सकता है। एक नाबालिग लड़की को अगवा करने, धमकी देने और आपराधिक साजिश के अपराधों के … Read more

कोर्ट फैसले को सुरक्षित रख लिए जाने के बाद भी अतिरिक्त आरोप जोड़ने की अनुमति Cr.P.C. धारा 216 दे सकती है – सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय ने सुनवाई करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट मुकदमे में सबूतों की पेशी, दलीलों के पूरा होने और फैसले को सुरक्षित रख लिए जाने के बाद भी आपराधिक प्रक्रिया संहिता Cr.P.C. की धारा 216 के तहत आरोपों को बदलने या जोड़ने की अपनी शक्तियों का प्रयोग कर … Read more

सुप्रीम कोर्ट का इलाहाबाद हाईकोर्ट से सवाल, अपराधिक अपीलों को सूचीबद्ध करने का बताये तरीका –

इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court में लंबित आपराधिक अपीलों का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने वहां के महारजिस्ट्रार Registrar General को निर्देश दिया है कि इन अपीलों को सूचीबद्ध करने के लिए अपनाई जाने वाली सामान्य प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं। खासकर ऐसी अपीलों में जहां वादियों को उम्रकैद की सजा मिली … Read more

किसी भी व्यक्ति को FIR दर्ज किये बिना मौखिक रूप से थाने नहीं बुलाया जा सकता: लखनऊ खंडपीठ, इलाहाबाद हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा प्रथम और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ Lucknow bench Allahabad high Court ने बुधवार को निर्देश दिया कि यदि किसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की जाती है जिसमें जांच की आवश्यकता होती है और आरोपी की उपस्थिति होती है, तो आपराधिक प्रक्रिया संहिता Cr.P.C. के प्रावधानों के … Read more

Cr.P.C. धारा 102 के अंतर्गत किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता ‘संपत्ति की परिभाषा’ के तहत आता है और जब्त किया जा सकता है: हाई कोर्ट

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने "पाकिस्तानी नागरिक" कहकर निर्वासन की कार्रवाई पर लगाई रोक, IRP कांस्टेबल समेत चार याचिकाकर्ताओं को राहत

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी (जिसके अपराध की जांच की जा रही) के किसी भी रिश्तेदार का बैंक अकाउंट सीआरपीसी Cr.P.C. की धारा 102 के तहत संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आता है। न्यायमूर्ति संजय धर की खंडपीठ ने आगे … Read more

POCSO ACT: कानूनन 16 साल से कम उम्र की लड़की के खिलाफ बलात्कार अपराध में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान मुखबिर की उपस्थिति अनिवार्य – हाई कोर्ट

कर्नाटक हाई कोर्ट Karnataka High Court ने हाल ही में व्यवस्था दी थी कि बलात्कार के मामलों में, यदि पीड़िता की आयु 16 वर्ष से कम है, तो आरोपी द्वारा दायर जमानत अर्जी पर आदेश पारित करने से पहले उसकी बात सुनी जानी चाहिए। न्यायमूर्ति एचपी संदेश ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) की … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट: Sec 202 CrPC कोई आरोपी यदि मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से बाहर है तो, प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच आवश्यक-

Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि, धारा 202 (1) सीआरपीसी Cr PC के तहत, यदि कोई आरोपी मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार से बाहर रहता है, तो मजिस्ट्रेट को या तो स्वयं मामले की जांच करनी चाहिए या धारा 204 सीआरपीसी के तहत प्रक्रिया जारी करने से पहले जांच का निर्देश देना … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अगर शिकायत के साथ हलफनामा नहीं, तो मजिस्ट्रेट सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर शिकायत के साथ हलफनामा नहीं है तो मजिस्ट्रेट दंड प्रक्रिया संहिता Criminal Procedure Code की धारा 156 (3) के तहत एक आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकता है। इस तरह की आवश्यकता के साथ, लोगों को पहली बार में मजिस्ट्रेट के अधिकार को लागू करने से … Read more