हाईकोर्ट चार्जशीट व ट्रायल की समय-सीमा तय नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट जांच पूरी करने, चार्जशीट दाखिल करने या ट्रायल निपटाने की तय समय-सीमा नहीं थोप सकता। मद्रास हाईकोर्ट के निर्देशों को “अनावश्यक” बताते हुए हटाया गया। A. Shankar बनाम Secretary to Government (2026) हाईकोर्ट चार्जशीट व ट्रायल की समय-सीमा तय नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट संक्षेप में निर्णय सुप्रीम कोर्ट … Read more

New Criminal Law: तीन नए क्रिमिनल कानून 1 जुलाई 2024 से होंगे लागू, सरकार ने अधिसूचना की जारी

New Criminal Law : तीन नए आपराधिक कानून एक जुलाई 2024 से प्रभावी हो जाएंगे. इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी अधिसूचना में कहा गया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita 2023), भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita 2023) और भारतीय … Read more

संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के लिए सूचीबद्ध 18 विधेयकों में आईपीसी, सीआरपीसी, साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए प्रमुख कानून

18 विधेयकों में महत्वपूर्ण आपराधिक कानून शामिल हैं जो 1860 के भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1973 के आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेते हैं। केंद्र सरकार ने संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान विचार और पारित करने के लिए 18 विधेयकों को सूचीबद्ध किया, जो 4 से … Read more

सावधान कहीं आप ‘सेक्सटॉर्शन’ के शिकार तो नहीं, ये क्या है? और कैसे होता है? किन धाराओं के तहत और कैसे होगी दर्ज शिकायत, जाने विस्तार से

जिस प्रकार से देश और दुनिया में इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने काफी लोकप्रियता हासिल की है. समाज के लिए इसके फायदे तो बेशुमार हैं, पर इसके नुकसान भी हैं. जहां व्हाट्सएप, फेसबुक, ऑनलाइन चैटिंग साइट्स, फेस बुक मैसेंजर, अन्य सोशल मीडिया साइट्स और इंस्टाग्राम, हमें लोगों से अधिक जुड़ाव महसूस कराते हैं, वहीं … Read more

तो क्या बुंदेलखंड राज्य गठन के साथ ही क्रिमिनल लॉ में बदलाव संभव, सरकार का संसद में लिखित जवाब, जानें क्या कहा

ये समिति आईपीसी 1860 के साथ ही कोड ऑफ क्रिमिनल प्रॉसीजर 1973 और इंडियन एविडेंस एक्ट 1872 में संशोधन के लिए सुझाव देगी। उन्होंने ये भी बताया है कि गृह मंत्रालय ने राज्यपाल, उपराज्यपाल, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया और अलग-अलग राज्यों के बार काउंसिल से भी सुझाव … Read more

Parole vs Bail: पैरोल और बेल दोनों शब्दों में क्या है अंतर, आखिर इसके क्या है कानूनी दांव पेंच

HIGHLIGHTS Parole vs Bail–  पैरोल और बेल आपराधिक न्याय प्रणाली का एक अहम हिस्सा है। आपने अकसर इन दोनों शब्दों के बारे में काफी सुना होगा। जब कोई व्यक्ति किसी मामले में गिरफ्तार हो जाता है तो उसे बेल और पैरोल मिलता है। ऐसे कई कानून की प्रणाली है, उनके बारे में जानना बेहद जरूरी … Read more

CrPC में किसी धार्मिक/राजनीतिक प्रमुख को कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं : HC ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया-

कन्नूर के एडीएम की कथित अप्राकृतिक मौत के मामले में जांच राज्य से CBI को स्थानांतरित करने से इनकार - केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में सिरो-मालाबार चर्च के प्रमुख आर्कबिशप कार्डिनल मार जॉर्ज एलेनचेरी द्वारा प्रार्थना की गई राहत देने से इनकार कर दिया, जिसमें पहली बार ट्रायल कोर्ट के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट की मांग की गई थी। न्यायाधीश ज़ियाद रहमान एए की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा … Read more

यदि आरोपी चार्जशीट दाखिल करने के लिए PS से नोटिस प्राप्त करने के बाद ट्रायल के समक्ष पेश होता है, तो CrPC Sec 439 के तहत उसकी जमानत याचिका सुनवाई योग्य : HC

Madhya Pradesh high Court ने हाल ही में दोहराया कि CrPC Sec 439 के तहत उसका आवेदन सुनवाई योग्य है और इसे इस तकनीकी पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए कि उसे पुलिस द्वारा कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था। मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय के जबल पुर बेंच Madhya Pradesh High Court Jabalpur Bench ने … Read more

शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच समझौते के आधार पर जघन्य और गंभीर अपराधों को रद्द नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जघन्य या गंभीर अपराध, जो प्रकृति में निजी नहीं हैं और जिनका समाज पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, अपराधी और शिकायतकर्ता और/या पीड़ित के बीच समझौते के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता … Read more

CrPC Sec 313: आरोपी को अपनी बेगुनाही साबित करने का मूल्यवान अधिकार देता है और Article 21 के तहत संवैधानिक अधिकार है – SC

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय Madhya Pradesh High Court के मई 2017 के फैसले को चुनौती देने वाले अपीलकर्ता जय प्रकाश तिवारी की दोषसिद्धि और सजा को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत द्वारा शिकायतकर्ता की गवाही और सुने हुए सबूत के आधार पर हत्या के … Read more