अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्ति, साक्ष्य का कमजोर टुकड़ा है, खासकर जब परीक्षण के दौरान मुकर गया: SC ने हत्या के मामले में आदमी को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि अतिरिक्त न्यायिक स्वीकारोक्ति सबूत का एक कमजोर टुकड़ा है, खासकर जब मुकदमे के दौरान इसे वापस ले लिया गया हो। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा की “न्यायेतर स्वीकारोक्ति सबूत का एक कमजोर टुकड़ा … Read more

कॉलेजियम पर अपनी चिंता दोहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा इसका मतलब यह नहीं कि ‘बार एक अलग गेंद का खेल है और बेंच एक अलग खेल’

न्यायाधीशों को स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, भले ही वे वकीलों के रूप में जो भी विचार रखते हों। कॉलेजियम की सिफारिशों पर कार्रवाई करने में देरी और जजों की नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को मौखिक रूप से … Read more

महिला जज से बदसलूकी पर हाईकोर्ट गम्भीर, कहा ये तो न्यायतंत्र को खतरे में डाल देगा : वकील का किसी भी कोर्ट में वकालत करने पर प्रतिबंध

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

उच्च न्यायालय ने कहा कि महिला जज को लगातार अपमानित करना और धमकी देना गंभीर मामला है । इससे कड़ाई से नहीं निपटा गया तो न्याय तंत्र समाप्त हो जाएगा। हाई कोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर को महिला जज की सुरक्षा करने और आरोपी वकील की हरकत के लिए उनके खिलाफ अलग से कानूनी कार्रवाई करने … Read more

आदेश कोर्ट का, कुर्क हो गई SDM की गाड़ी, किसान को मिलेगा मुआवजा

मध्य प्रदेश के शिवपुरी के पोहरी में कोर्ट के आदेश पर एसडीएम SDM की सरकारी गाड़ी कुर्क कर ली गई. कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है. प्रस्तुत मामला 2014-2015 का है. उस समय अपर काकेटो डैम के निर्माण की वजह से किसान की सिंचित भूमि डूब क्षेत्र में … Read more

घटना के 18 वर्ष बाद पता चला कि दोषी उस दौरान नाबालिग था, हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा को किया ख़ारिज

बॉम्बे High Court ने 1993 के सांप्रदायिक दंगों के मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया

1999 में हुए हत्याकांड के एक मामले में वर्ष 2004 में दोषी को सुनाई गई उम्रकैद के कारावास की सजा को दिल्ली उच्च न्यायलय ने 18 वर्ष बाद रद्द कर दिया। अपीलकर्ता ने घटना के दौरान नाबालिग होने की दलील दी थी और उसके अस्थि परीक्षण से पता चला था कि उस दौरान उसकी उम्र … Read more

जमानत पर फैसला करते समय अदालतों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समाज के बड़े हित के बीच संतुलन बनाना जरूरी : हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि जमानत के सवाल का फैसला करते समय, अदालतों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समाज के व्यापक हित के बीच एक नाजुक संतुलन बनाए रखना चाहिए। जस्टिस वीरेंद्र सिंह की बेंच ने कहा- “जमानत के सवाल का फैसला करते समय, यह न्यायालय का कर्तव्य है कि वह … Read more

हत्या के केस में – सिर की चोट महत्वपूर्ण, सिर्फ फ्रैक्चर नहीं होने से मामला SEC 302 IPC से बाहर नहीं किया सकता: सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायलय SUPREME COURT ने एक मामले में हत्या के आरोपी को दोषी ठहराते हुए कहा कि केवल यह तथ्य कि कोई फ्रैक्चर नहीं देखा और/ या पाया नहीं गया था, मामले को इंडियन पीनल कोड IPC की धारा 302 से बाहर नहीं कर सकता है, जबकि मौत सिर की चोट के कारण हुई थी। … Read more

‘फाइल ऑर्डरशीट’ से विदित है कि न्यायिक कार्यों के निर्वहन में उन्हें अनुचित कार्य करने की ‘आदत’ है: इलाहाबाद HC ने जिला न्यायाधीश, वाराणसी को किया तलब

इस न्यायालय के समक्ष ‘अनुच्छेद 227’ नंबर 7629 2021 के तहत मामला दायर किया गया था और जिला जज से रिपोर्ट तलब की गई थी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सामान्य प्रक्रिया से हटकर वाराणसी के जिला न्यायाधीश को पीठ द्वारा निर्धारित अगली तारीख पर मामले के मूल रिकॉर्ड के साथ अदालत में पेश होने का … Read more

[भारतीय संविधान अनुच्छेद 141] उच्च न्यायालयों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे हमारे निर्णयों पर उचित सम्मान के साथ विचार करें: उच्चतम न्यायालय

यह मानते हुए कि उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय का अधीनस्थ न्यायालय नहीं है, शीर्ष न्यायालय ने हाल ही में एक मामले में अपनी राय दी है। “हालांकि, जब उच्च न्यायालय इस न्यायालय के निर्णयों से निपटता है, जो ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 141′ के तहत सभी के लिए बाध्यकारी हैं, तो यह अपेक्षा की … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के 7 न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की

https://legaltoday.in/supreme-court-collegium-recommends-appointment-of-7-judges-in-3-high-courts/

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम Supreme Court Collegium ने गुरुवार को हाईकोर्ट के निम्नलिखित न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की। जस्टिस वीएम वेलुमणि (मद्रास हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट ) जस्टिस बट्टू देवानंद (आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट) जस्टिस डी रमेश (आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट) जस्टिस ललिता कन्नेगंती (तेलंगाना हाईकोर्ट से कर्नाटक हाईकोर्ट) जस्टिस डी … Read more