जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने के लिए नौ वकीलों के नामों की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने के लिए नौ वकीलों के नामों की सिफारिश की है। सूची में तबस्सुम जफर का नाम भी शामिल है, जिनकी नियुक्ति होने पर वह पहली कश्मीरी महिला वकील होंगी जो इस हाईकोर्ट में जज बनेंगी।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए एक महिला सहित नौ वकीलों के नामों की सिफारिश की है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रस्तावित नामों में लद्दाख से जुड़े नामग्याल वांगचुक और अधिवक्ता तबस्सुम जफर भी शामिल हैं।
यदि तबस्सुम जफर की नियुक्ति को केंद्र सरकार से औपचारिक मंजूरी मिल जाती है, तो वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त होने वाली पहली कश्मीरी महिला वकील बन जाएंगी।
कॉलेजियम ने इन नौ वकीलों के नामों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित कॉलेजियम के बयान के अनुसार, हाईकोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए जिन नौ अधिवक्ताओं के नामों की सिफारिश की गई है, वे हैं:
- विशाल शर्मा
- विक्रन कुमार शर्मा
- नामग्याल वांगचुक
- पवन कुमार कुंडल
- ताहिर मजीद शम्सी
- तबस्सुम जफर
- अमित गुप्ता
- प्रणव कोहली
- अनुपम रैना
इनमें नामग्याल वांगचुक लद्दाख से हैं। उनकी सिफारिश को प्रस्तावित न्यायिक नियुक्तियों में लद्दाख के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तबस्सुम जफर बन सकती हैं पहली कश्मीरी महिला हाईकोर्ट जज
कॉलेजियम की सूची में अधिवक्ता तबस्सुम जफर का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनकी नियुक्ति को यदि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलती है, तो वह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में न्यायाधीश बनने वाली पहली कश्मीरी महिला वकील होंगी।
यह नियुक्ति हाईकोर्ट की न्यायिक संरचना में महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
हाईकोर्ट कॉलेजियम ने अप्रैल में भेजे थे 11 नाम
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली की अध्यक्षता वाले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट कॉलेजियम ने अप्रैल 2026 में कुल 11 नामों की सिफारिश की थी।
इनमें बार कोटे के तहत 10 अधिवक्ता और बेंच कोटे के तहत एक न्यायिक अधिकारी शामिल थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बार कोटे के तहत भेजे गए 10 नामों में से फिलहाल नौ नामों को ही मंजूरी दी है।
पूर्व एडवोकेट जनरल जहांगीर इकबाल गनई का नाम सूची में नहीं
हाईकोर्ट कॉलेजियम की ओर से सिफारिश किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता जहांगीर इकबाल गनई का नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मौजूदा सिफारिश सूची में शामिल नहीं है।
गनई जून 2016 से जुलाई 2018 तक जम्मू-कश्मीर के एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश नहीं किए जाने के संबंध में कोई कारण सार्वजनिक नहीं किया है।
न्यायिक अधिकारी यश पॉल बोर्नी की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है
बेंच कोटे के तहत हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित न्यायिक अधिकारी यश पॉल बोर्नी के नाम को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को अलग से मंजूरी दी थी।
इसके बाद केंद्र सरकार ने 19 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति अधिसूचित कर दी थी।
हाईकोर्ट में 11 पद खाली
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 25 है। इसमें 19 स्थायी और छह अतिरिक्त न्यायाधीशों के पद शामिल हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में हाईकोर्ट में 14 न्यायाधीश कार्यरत हैं और 11 पद रिक्त हैं। ऐसे में नौ अधिवक्ताओं के नामों की सिफारिश रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया में केंद्र सरकार की मंजूरी और औपचारिक अधिसूचना भी आवश्यक होगी।
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