सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में स्थायी जज नियुक्तियों को मंजूरी दी

supreme court collegium

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 24 मार्च 2026 की बैठक में मद्रास और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जानिए नियुक्ति प्रक्रिया, कॉलेजियम की भूमिका और इसका न्यायपालिका पर प्रभाव। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 5 जज स्थायी नियुक्ति को हरी झंडी Supreme Court Collegium ने High Court of Chhattisgarh … Read more

त्योहार विकास से ऊपर नहीं – कोलकाता मेट्रो देरी पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

supreme-court-of-india

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता मेट्रो ऑरेंज लाइन प्रोजेक्ट में देरी को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि विकास कार्यों को राजनीति और त्योहारों के नाम पर रोका नहीं जा सकता और राज्य सरकार अपने संवैधानिक दायित्व से पीछे नहीं हट सकती। कोलकाता मेट्रो प्रोजेक्ट में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त … Read more

‘कुछ जज राजा से भी ज्यादा वफादार’ – जमानत, FIR और जेल पर जस्टिस भुइयां की बड़ी टिप्पणी

SC-j bhuiya

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि कुछ जज ‘राजा से ज्यादा वफादार’ बनने की कोशिश में योग्य मामलों में भी जमानत नहीं देते, जिससे लोग महीनों जेल में रहते हैं। उन्होंने FIR के अंधाधुंध पंजीकरण और लंबित मामलों पर भी चिंता जताई। ‘राजा से ज्यादा वफादार’ टिप्पणी से न्यायपालिका पर सवाल सुप्रीम … Read more

अनिल अंबानी से जुड़े मामलों की जांच पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, एजेंसियों को समयबद्ध जांच का निर्देश

anil-ambani-supreme-court india

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और फंड डायवर्जन मामले में ED और CBI की जांच पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का निर्देश दिया। अनिल अंबानी से जुड़े मामलों की जांच पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी से … Read more

‘ब्राह्मोफोबिया’ को अपराध घोषित करने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस

bhrahmophobia sc

ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ कथित हेट स्पीच – “ब्राह्मोफोबिया” सुप्रीम कोर्ट ने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ कथित हेट स्पीच को “ब्राह्मोफोबिया” घोषित कर दंडनीय अपराध बनाने की मांग वाली रिट याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उचित मंच पर जाने की अनुमति देते हुए याचिका वापस लेने की इजाजत दी। … Read more

पत्नी नौकरानी नहीं, जीवनसाथी है – पति भी घर के काम में हाथ बंटाए – SC

supreme court

आप किसी नौकरानी से शादी नहीं कर रहे हैं – सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा खाना न बनाना या घरेलू काम कम करना क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि शादी नौकरानी से नहीं बल्कि जीवनसाथी से होती है और पति को भी घरेलू कामों में योगदान देना चाहिए। … Read more

दहेज मृत्यु मामलों में 99.61% जमानत: इलाहाबाद हाईकोर्ट जज के आदेशों पर उठे सवाल

allahabad

अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच दहेज मृत्यु से जुड़े 510 जमानत मामलों में से 508 में राहत दी इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस पंकज भाटिया द्वारा दहेज मृत्यु मामलों में 99% जमानत देने के आंकड़ों ने बहस छेड़ी, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में। प्रयागराज: दहेज मृत्यु Dowry Death जैसे गंभीर … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—राज्य पुनर्गठन के बाद स्वतः मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव का दर्जा स्वतः समाप्त

supreme-court

SC: यूपी-उत्तराखंड बंटवारे से सोसाइटी ‘मल्टी-स्टेट’ नहीं बनती, हाईकोर्ट का फैसला रद्द सुप्रीम कोर्ट ने कहा—राज्य पुनर्गठन के बाद स्वतः मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव का दर्जा नहीं मिलता। बाजपुर-गदरपुर गन्ना सोसाइटी केस में हाईकोर्ट का फैसला रद्द। राज्य पुनर्गठन और सहकारी संस्थाओं की कानूनी स्थिति पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए Supreme Court of India ने स्पष्ट किया … Read more

गोद लेने वाली माताओं को भी मिलेगा पूरा मैटरनिटी लीव: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व संरक्षण को मौलिक मानवाधिकार बताते हुए 3 महीने की सीमा हटाई। अब गोद लेने वाली सभी माताओं को मैटरनिटी लीव का अधिकार मिलेगा। मातृत्व अधिकारों को लेकर एक ऐतिहासिक फैसले में Supreme Court of India ने स्पष्ट किया है कि मातृत्व संरक्षण केवल जैविक माताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि गोद … Read more

सुप्रीम कोर्ट में 3500+ PIL लंबित, 42 साल पुराना मामला भी अधूरा, बढ़ता न्यायिक बोझ चिंता का विषय

supreme_court

सुप्रीम कोर्ट में 3,500 से अधिक जनहित याचिकाएं लंबित, 698 मामले 10 साल से ज्यादा पुराने। 42 साल पुरानी PIL भी अब तक लंबित, बढ़ता न्यायिक बोझ चिंता का विषय। भारत की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India में जनहित याचिकाओं (PIL) का बढ़ता बोझ अब गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। संवैधानिक व्याख्या … Read more