Unique Order On Breakup After A Live-In Relationship: ‘लंबे समय तक ‘Live-In Relationship’ में रहने वाली महिला भरण-पोषण की हकदार’

Unique Order On Breakup After A Live-In Relationship: मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी व्यक्ति के साथ लंबे समय तक लिव-इन-रिलेशन में रहने वाली महिला को भी अलग होने पर भरण-पोषण लेने का हक है, भले ही वे कानूनी रूप से विवाहित न हों। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी शैलेश … Read more

पति या पत्नी से तलाक की डिग्री के बिना लिव-इन पार्टनर के साथ वासनापूर्ण जीवन बिताना अपराध, हाई कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं, ऐसे 'लिव इन रेलशनशिप' मामलों में संरक्षण देने से 'द्वी विवाह' हो समर्थन मिलेगा और भारतीय मूल्यों का हनन होगा

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट Punjab and Haryana High Court के न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पटियाला के एक जोड़े के लिए पुलिस सुरक्षा का आदेश देने से इनकार कर दिया है। फैसला सुनाते हुए उन्होंने टिप्पणी की क्योंकि उन्होंने देखा कि व्यक्ति की पहले भी शादी हो चुकी है … Read more

अदालत इस तरह के रिश्ते की रक्षा नहीं कर सकती है जो कानून द्वारा समर्थित नहीं, HC ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े पर 2000 रुपये का लगाया जुर्माना

allahabad high court

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लिव-इन रिलेशनशिप LIVE-IN-RELATIONSHIP में रहने वाले एक जोड़े पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसने याचिकाकर्ता के पति से सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि अदालत इस तरह के रिश्ते की रक्षा नहीं कर सकती है जो कानून द्वारा समर्थित नहीं है। और … Read more

लंबे समय तक साथ रहने से विवाह माना जाता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जब कोई पुरुष और महिला लंबे समय तक लगातार साथ रहते हैं तो शादी की धारणा बन जाती है। पीठ ने कहा कि यह अब एकीकृत नहीं रह गया है कि यदि कोई पुरुष और महिला लंबे समय तक पति-पत्नी के रूप में साथ रहते हैं, तो कोई … Read more

केवल बालिग युगल ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं, युगल में से कोई भी नाबालिग हो तो लिव इन रिलेशनशिप मान्य नहीं है – इलाहाबाद उच्च न्यायलय

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल बालिग युगल ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं। और उनके ही कानून का संरक्षण प्राप्त होगा और उसे अपराध नहीं माना जाएगा। युगल में से कोई भी नाबालिग हो तो लिव इन रिलेशनशिप मान्य नहीं है और ऐसे मामले में कानूनन … Read more

पति को छोड़कर लिव इन रिलेशनशिप में रह रही महिला को झटका, हाईकोर्ट ने अवैध रिलेशनशिप के लिए सुरक्षा देने से किया इन्कार

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि अवैध संबंध रखने वाले को सुरक्षा देने का अर्थ है कि अवैध लिव-इन रिलेशनशिप को स्वीकार करना है। इसी के साथ कोर्ट ने दूसरे पुरुष के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही शादीशुदा पत्नी याची की अपने पति से सुरक्षा खतरे की आशंका पर सुरक्षा की मांग में दाखिल याचिका खारिज … Read more

लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी जोड़े को इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा झटका, कहा-इस्लाम भी विवाह पूर्व संबंध कायम करने के विरुद्ध

इलाहाबाद उच्च न्यायलय लखनऊ खंड पीठ ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले एक प्रेमी युगल को राहत देने से इनकार करते हुए कहा है कि कानून पारम्परिक तौर पर विवाह के पक्ष में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रेमी युगलों की सुरक्षा व लिव-इन को लेकर जो निर्णय पारित की गए हैं, उनमें भी शीर्ष अदालत … Read more

लिव-इन रिलेशनशिप भारतीय समाज में स्वीकार नहीं; इसके टूटने के बाद महिलाओं का अकेले रहना मुश्किल: हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती रद्द करने का आदेश किया खारिज

शादी और बलात्कार के झूठे वादे के मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा कि यह मामला लिव-इन रिलेशनशिप का विनाशकारी परिणाम था। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की बेंच ने कहा, “लिव-इन रिलेशनशिप Live in Relationship टूटने के बाद एक महिला के लिए अकेले रहना मुश्किल है। भारतीय … Read more

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गर्भपात कानून पर ‘सुप्रीम निर्णय’, क्या ‘लिव इन रिलेशनशिप’ जैसे ही हमारी सामाजिक व्यवस्था में बदलाव होगा-

अभी हाल में ही अमेरिका में गर्भपात के अधिकार को पलटा है और हम अब उसी अमेरिका के ख़त्म कानूनों के तरफ बढ़ रहे है। इसमें तनिक भी संशय नहीं होना चाहिए कि परिवर्तित सामाजिक व्यवस्था में हर स्त्री का अधिकार है कि वह अपनी गर्भावस्था के संबंध में स्वयं निर्णय ले। किन्तु भारत के … Read more

लिव-इन-रिलेशनशिप से वैवाहिक संबंधों में ‘यूज़ एंड थ्रो’ की उपभोक्ता संस्कृति बढ़ रही है : उच्च न्यायलय

उच्च न्यायलय ने यह नोट किया है कि युवा पीढ़ी शादी को एक बुराई मानती है जिससे मुक्त जीवन का आनंद लेने से बचा जा सकता है। केरल उच्च न्यायालय ने पाया कि वर्तमान में वैवाहिक संबंध ‘उपयोग और फेंक’ की उपभोक्ता संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं और राज्य में लिव-इन संबंध बढ़ रहे … Read more