छापा न पड़े इसलिए कलकत्ता की कंपनी ने दिया 40 करोड़ का चंदा ! सुप्रीम कोर्ट ‘चुनावी बांड’ पर शीघ्र सुनवाई को सहमत-

शीर्ष न्यायालय Supreme Court चुनावी बांड Electoral Bond से राजनीतिक दलों Political Parties को चंदा Donation दिए जाने के कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को शीघ्र सुनवाई के लिए सहमत हो गया। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के इस कथन व दावे पर प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस हिमा … Read more

‘भावनाओं का आदान-प्रदान ही वैवाहिक जीवन की आत्मा वरना शादी महज एक कानूनी बंधन’- हाई कोर्ट

delhi-high-court

दिल्ली हाई कोर्ट Delhi High Court ने एक महिला को तलाक Divorce की मंजूरी देते हुए कहा कि भावनाओं के आदान-प्रदान के बिना विवाह महज एक कानूनी बंधन Only Legal Binding है. न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने आदेश में कहा, ऐसा नहीं है कि हर शादी, जहां युगल Couple काम … Read more

Allahabad High Court: जजों, कोर्ट स्टाफ को बेईमान व संविधान का हत्यारा बताने वाला कोर्ट लिपिक गिरफ्तार, नैनी जेल से होगा पेश-

हाईकोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने बुलंदशहर की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में लिपिक रहे विक्रम शर्मा के खिलाफ आपराधिक अवमानना का आरोप निर्मित कर चार दिन में सफाई मांगी है। नैनी केंद्रीय कारागार से पेश शर्मा पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, प्रदेश के मुख्यमंत्री, इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को 15 दिसंबर … Read more

हाई कोर्ट से आदेश वापस लेने की जिद, याची पर एक लाख रूपये का जुर्माना, वकील पर भी गिरी गाज-

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सशरीर रात 9:00 बजे उपस्थित होने का आदेश

हिनू पोखर टोली में रास्ता विवाद में झारखण्ड उच्च न्यायलय Jharkhand High Court से पूर्व आदेश वापस लेने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दिवेदी ने याचिकाकर्ता बसंती कच्छप पर एक लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही साथ अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील पर भी गंभीर टिप्पणी की और वकील के … Read more

अगर आदेश पसंद नहीं तो इसका यह मतलब नहीं कि वह इलॉजिकल है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता के इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उसकी याचिका पर किसी अन्य पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि दिए गए प्रत्येक आदेश में कुछ न कुछ ‘तर्क’ (Logic) होता है और महज अपनी पसंद का निर्णय नहीं होने का मतलब यह … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अदालतों को किसी मामले के सभी मुद्दों पर न्यायिक निर्णय देना चाहिए न कि सिर्फ एक मुद्दे पर-

सर्वोच्च न्यायलय ने मंगलवार एक मामले कि सुनवाई करते हुए निचली अदालतों को आगाह किया कि मामलों का फैसला करने में शॉर्टकट की मानसिकता से बचें। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि निचली अदालतो द्वारा कुछ सवाल अनुत्तरित छोड़ने के बदले मुकदमे के हर पहलू पर पूरी तरह विचार … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि: आप के साथ गलत होता रहा और आप दो वर्षो तक चुप्प रही, बलात्कारी के अग्रिम जमानत के खिलाफ शिकायतकर्ता की चुनौती खारिज की-

supreme court शीर्ष अदालत ने 23 वर्षीय महिला से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति एनवी रमाना, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ के समक्ष अधिवक्ता प्रशांत शुक्ला ने सुनवाई के दौरान … Read more

सुप्रीम कोर्ट में पति की पुकार कहा, मेरी पत्नी औरत नहीं- मर्द है, कैसे निभाऊं वैवाहिक जीवन, जानिए अजीबोगरीब मामला विस्तार से-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट में एक अजीबोगरीब मामला पहुंचा है जिसमें पति ने अदालत से गुहार लगाते हुए बताया है कि मेरी पत्नी औरत नहीं, मर्द है. मैं उसके साथ कैसे रह सकता हूं. उसे ये बात पता थी कि उसके पास पुरुष जननांग हैं. उसने मुझे धोखा दिया है. उस पर और उसके पिता … Read more

लड़की के DL के पेपर से लड़के ने बनवा लिया निकाहनामा: हाई कोर्ट ने कहा महिला की कानूनी स्थिति अविवाहित-

Bombay High Court बॉम्बे उच्च न्यायलय ने 27 वर्षीय महिला की शादी को मान्यता देने से इनकार कर दिया है, जिसने चुनाव लड़ा था निकाहनामा (विवाह अनुबंध) एक 37 वर्षीय व्यक्ति द्वारा निर्मित। महिला ने दवा किया कि उसने अपनी बड़ी बहन के एक दोस्त को ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने में मदद करने के लिए अपने … Read more

केवल प्रतिशोध में FIR दर्ज होना, धारा 482 CrPC के तहत प्राथमिकी को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता: उच्च न्यायालय

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में दिए अपने निर्णय में कहा कि केवल प्रतिशोध में FIR दर्ज होना, धारा 482 सीआरपीसी के तहत प्राथमिकी को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता। न्यायमूर्ति चीकाती मानवेंद्रनाथ रॉय की बेंच के मुताबिक, यह एक ऐसा मामला है जो जांच अधिकारी को जांच के दौरान तय … Read more