Cr.P.C. धारा 102 के अंतर्गत किसी भी रिश्तेदार का बैंक खाता ‘संपत्ति की परिभाषा’ के तहत आता है और जब्त किया जा सकता है: हाई कोर्ट

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने "पाकिस्तानी नागरिक" कहकर निर्वासन की कार्रवाई पर लगाई रोक, IRP कांस्टेबल समेत चार याचिकाकर्ताओं को राहत

जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी (जिसके अपराध की जांच की जा रही) के किसी भी रिश्तेदार का बैंक अकाउंट सीआरपीसी Cr.P.C. की धारा 102 के तहत संपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आता है। न्यायमूर्ति संजय धर की खंडपीठ ने आगे … Read more

हाईकोर्ट ने लगाई बैंक को फटकार: महज 31 पैसा बकाया रहने पर SBI ने किसान को नहीं दी NOC-

गुजरात हाईकोर्ट Gujrat High Court ने भारतीय स्टेट बैंक State Bank of India को कड़ी फटकार लगाई है. बैंक ने एक किसान पर मात्र 31 पैसे बकाया रहने पर नो ड्यूज का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था. ये मामला गुजरात का है. टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के एक किसान ने स्टेट बैंक … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने बिटकॉइन घोटाले के 20 हजार करोड़ रुपये के आरोपी को फटकार लगाते हुए ईडी के साथ जानकारी साझा करने को कहा-

“सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को बनाए रखना होगा। हम कोई तीस हजारी कोर्ट नहीं हैं।” ज्ञात हो की वर्ष 2018 में यह 2 हजार करोड़ का गेन बिटकॉइन घोटाला मामला अब 20 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है। इसमें आरोपी अमित भारद्वाज के भाई अजय भारद्वाज ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को रद्द करने … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि: जमानती अपराधों के मामलों में नहीं दी जा सकती है अग्रिम जमानत-

कोर्ट ने कहा कि याची पर गैर-जमानती अपराध करने का आरोप होना चाहिए, जो पहले से मौजूद तथ्यों से उपजा हुआ हो। याचिकाकर्ता के मन में उचित आशंका या विश्वास होना चाहिए कि उसे इस तरह के आरोप के आधार पर गिरफ्तार किया जाएगा। इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने फैसला सुनाया कि जमानती अपराध के मामलों … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट: बिना सुनवाई GST निर्धारित कर ब्याज सहित पेनाल्टी वसूलना, नैसर्गिक न्याय का उल्लघंन, लगाया 10 हजार का हर्जाना-

Allahabad High Court इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Goods and Service Tax के तहत टैक्स निर्धारण Tax Assessment और पेनाल्टी Penality लगाने से पहले सुनवाई का मौका न देने को नैसर्गिक न्याय का उल्लघंन माना है। साथ ही ब्याज सहित टैक्स और पेनाल्टी वसूली आदेश की रद्द कर दिया। कोर्ट ने वाणिज्य विभाग Commertial Tax, बरेली को … Read more

एक वकील जज के समान ही संवैधानिक नैतिकता और न्याय का संरक्षक होता है – सुप्रीम कोर्ट

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शीर्ष न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट SARFAESI ACT की धारा 14 (1) के आदेश के निष्पादन में उनकी सहायता के लिए एक वकील आयुक्त की नियुक्ति कर सकते हैं। The seminal question involved in these cases is: whether it is open to the District Magistrate (DM) or the … Read more

हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि आरोपियों को लाभ देने के लिए उचित धाराओं के तहत नहीं किया गया केस दर्ज-

उच्च न्यायालय ने शेयर मार्केट में पैसा लगाने से जुड़े करीब रुपये एक करोड़ [रु १०००००००/- ] के गबन के मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आरोपित को लाभ पहुंचाने की नीयत से आरबीआइ एक्ट व अन्य की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध नहीं किया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शहडोल … Read more

is Cryptocurrency Legal in India? 30% कर के बाद आपको लगता होगा कि क्रिप्टोकरेंसी लीगल है, तो जाने विस्तार से –

is Cryptocurrency Legal in India – FINANCE MINISTER OF INDIA ने इतना तो साफ हो गया है कि भारत में अब वर्चुअल एसेट (Virtual Asset) से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगेगा. इतना ही नहीं, क्रिप्टोकरेंसी के हर एक ट्रांजैक्शन (Transaction) पर अलग से 1% TDS (Tax deduction at source) सरकार को देना होगा. … Read more

Arbitration Act: धारा 34 के आवेदन में संशोधन कब किया जा सकता है? जानिए उच्च न्यायालय का निर्णय-

Madras High Court मद्रास हाई कोर्ट ने दिए अपने निर्णय में कहा कि यदि संशोधनों द्वारा पेश किए गए नए आधार मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत मध्यस्थ पुरस्कार को रद्द करने के लिए दायर याचिका के चरित्र को नहीं बदलते हैं, तो उच्च न्यायालय अपनी विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग करने की ऐसे आवेदन … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बैंक/पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी कृत्य किए जाने पर वैकल्पिक रूप से बैंक/पोस्ट ऑफिस ही उत्तरदायी होगा-

Supreme Court of INDIA उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि डाकघर धोखाधड़ी के कारण हुए नुकसान के लिए अपने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का हकदार है। यह उल्लेख करते हुए कि किसी डाकघर या बैंक को उनके कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी या गलतियों के लिए उत्तरदायी ठहराया जा सकता है, शीर्ष अदालत … Read more