HC ने TNGST ACT के तहत पारित आदेश किया रद्द, क्योंकि आदेश से पहले कोई पूर्व-मूल्यांकन नोटिस/कारण बताओ नोटिस नहीं किया गया था जारी

मद्रास उच्च न्यायालय अन्ना विश्वविद्यालय में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में मद्रास HC ने अधिवक्ता के अनुरोध पर स्वतः संज्ञान याचिका शुरू कर एसआईटी गठित की

मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (टीएनजीएसटी अधिनियम) के प्रावधानों के संदर्भ में पारित एक आदेश को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका को इस आधार पर अनुमति दी है कि इससे पहले कोई पूर्व-मूल्यांकन नोटिस/कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया था। आक्षेपित आदेश पारित करना। विवादित आदेश कार्यालय … Read more

बॉम्बे हाई कोर्ट: किसी भी परिस्थिति में आयकर अधिनियम के तहत ब्याज व्यय को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है

न्यायमूर्ति कमल खता और न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर बंबई उच्च न्यायालय के बेंच ने आयकर आयुक्त (अपील) (संक्षेप में सीआईटी [ए]) और आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) द्वारा पारित आदेश को कायम रखते हुए पाया कि, आयकर की धारा 14ए के तहत ब्याज व्यय को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है। अधिनियम, 1961 किसी भी परिस्थिति … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने ‘इनकम टैक्स कानून’ के अंतरगर्त ‘सर्च & सीज़र’ के मामलों की सुनवाई के लिए ‘उच्च न्यायालयों’ के लिए सिद्धांत तय किए-

उच्चतम अदालत Supreme Court ने कहा कि पूर्व के फैसलों के आलोक में तलाशी और जब्ती के प्राधिकरण की वैधता पर विचार करने के दौरान दर्ज किए गए कारणों की उपयुक्ता या अनुपयुक्तता पर विचार नहीं किया जा सकता। सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय Landmark Order देते हुए आयकर अधिनियम … Read more

इंडियन इम्पोर्टर, ‘समुद्री मार्ग माल ढुलाई भाड़ा’ पर अलग से IGST का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं – सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति डॉ. डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने माना है कि सीआईएफ (लागत, बीमा और माल ढुलाई) अनुबंध CIF (Cost, Insurance, and Freight) Contract में शिपिंग लाइन द्वारा सेवाओं की आपूर्ति के लिए एक भारतीय आयातक पर अलग कर लगाना धारा 8 का उल्लंघन होगा। न्यायालय ने पाया कि भारतीय आयातक समग्र … Read more

हाई कोर्ट ने कहा कि छंटनी और पुनर्नियोजन प्रक्रिया के उल्लंघन में बर्खास्त किए गए कर्मचारी, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट धारा 25G और 25H के तहत बहाली के हकदार है –

gujrat high court

गुजरात उच्च न्यायलय Gujarat High Court ने कहा है कि जहां औद्योगिक विवाद अधिनियम Industrial Dispute Act की धारा 25 (जी) और 25 (एच) के तहत प्रदान की गई छंटनी और पुन:रोजगार की प्रक्रिया के उल्लंघन में एक कर्मचारी की सेवा समाप्त की जाती है, वहां बहाली के आदेश पालन होना चाहिए। न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव … Read more

ऋण चुकाने के बाद उधारकर्ता के मकान के ‘टाइटल डीड’ को बैंक सिर्फ इसलिए नहीं रख सकता क्योकि उसने दूसरा लोन ले रखा है – हाई कोर्ट

बॉम्बे उच्च न्यायलय नागपुर बेंच , नागपुर Bombay High Court NAGPUR BENCH, NAGPUR ने बैंक लोन Bank Loan सम्बन्धित एक मामले में सुनवाई करते हुए निर्णय दिया कि एक बैंक किसी अन्य ऋण के लंबित होने के कारण उक्त दस्तावेजों पर एक सामान्य ग्रहणाधिकार का हवाला देकर ऋण चुकाने के बाद एक उधारकर्ता के घर … Read more

‘शोले’ टाइटल का इस्तेमाल ‘ट्रेडमार्क उलंघन’ के अन्तर्गत है, यह वो प्रतिष्ठित फिल्म है, जिसने भारतीयों को आकर्षित किया है – हाई कोर्ट

Trademark Infringement

ट्रेड मार्क उलंघन Trademark Infringement के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय Delhi High Court की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने कहा कि प्रतिवादियों ने अपनी वेबसाइट के डोमेन नाम “www. sholay.com” के रूप में लोकप्रिय फिल्म “शोले” के नाम का इस्तेमाल किया था और अदालत ने प्रतिवादी पर लागत और नुकसान के रूप में 25 … Read more

Medical Insurance Policy पर सुप्रीम कोर्ट का लैंडमार्क निर्णय, कहा – “बीमा किया है ~ क्लेम देना ही होगा”

सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने अपने दिए लैंडमार्क निर्णय Landmark Decision में कहा है कि एक बार बीमा Insurance करने के बाद बीमा कंपनी प्रस्तावक फार्म में उजागर की गई बीमित व्यक्ति की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति का हवाला देकर क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ … Read more

Cheque Bounce Cases: सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते चेक अनादर मामले को देखते हुए दिया विशेष कोर्ट बनाने का आदेश

Cheque Bounce Cases: Supreme Court Orders Formation of Special Court Amid Rising Dishonour Incidents शीर्ष अदालत Supreme Court ने चेक बाउंस Cheque Bounce Cases के बढ़े हुए मामले को सुनने के लिए विशेष कोर्ट Special Court बनाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पांच राज्यों- महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और यूपी के पांच जिलों में … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: नोटिस पर डिजिटल सिग्नेचर करने भर से उसे जारी नहीं माना जा सकता-

Notice जारी होने के लिए पेपर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से आयकरदाता को नोटिस भेजा जाना जरूरी- इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि नोटिस Notice पर डिजिटल हस्ताक्षर Digital Signature करने भर से उसे जारी नहीं माना जा सकता। जारी होने के लिए पेपर या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों … Read more