गोहाटी हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि: जिस व्यक्ति ने एक बार ‘भारतीय नागरिकता’ साबित कर दी है, तो उसे विदेशी घोषित नहीं कर सकते-

CONTROVERSY ON INDIAN CITIZENSHIP – एक व्यक्ति जिसने विदेशी ट्रिब्यूनल (FT) में साबित कर दिया है कि वह एक भारतीय नागरिक Indian Citizen है तो उससे उसकी नागरिकता के बारे में फिर से सवाल नहीं किया जा सकता है, गुवाहाटी उच्च न्यायालय Gowahati High Court ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट Supreme Court के दिशानिर्देश … Read more

किसी भी व्यक्ति को FIR दर्ज किये बिना मौखिक रूप से थाने नहीं बुलाया जा सकता: लखनऊ खंडपीठ, इलाहाबाद हाईकोर्ट

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा प्रथम और न्यायमूर्ति मनीष माथुर की इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ Lucknow bench Allahabad high Court ने बुधवार को निर्देश दिया कि यदि किसी पुलिस स्टेशन में शिकायत की जाती है जिसमें जांच की आवश्यकता होती है और आरोपी की उपस्थिति होती है, तो आपराधिक प्रक्रिया संहिता Cr.P.C. के प्रावधानों के … Read more

सात जन्मो का बंधन, चन्द माह में ही गया विखर, सुप्रीम कोर्ट ने तलाक़ पर लगाई मोहर-

विवाह की गाँठ में सात जन्मों के बंधन की प्रतिज्ञा लेकर हमसफर बने एक युवा इंजीनियर दंपती का वैवाहिक जीवन मात्र एक साल में ही अलगाव की दिशा में मुड़ गया। विवाह के बाद दोनों में ऐसा वैचारिक टकराव हुआ कि पहले वे अलग रहने लगे और फिर अदालत के मध्यस्थता प्रयास भी विफल हो … Read more

संविधान का ‘आर्टिकल 355’ क्या है? जिसे बंगाल में लागू करने की मांग हो रही है, ‘आर्टिकल 356’ यानी राष्ट्रपति शासन से अलग क्या है?

आर्टिकल 355 राज्य की कानून व्यवस्था में केंद्र को दखल करने का अधिकार देता है- पश्चिम बंगाल के बीरभूम में जारी हिंसा के बीच कांग्रेस ने राज्य में आर्टिकल 355 लागू करने की मांग की है। लोकसभा में कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी (Congress MP Adhir Ranjan Chaudhary) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram … Read more

Hijab Controversy Verdict : कर्नाटक उच्च न्यायलय का बड़ा फैसला, हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं-

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं; स्कूल यूनिफॉर्म पहननी ही होगी- Hijab Controversy Verdict – कर्नाटक उच्च न्यायलय ने कॉलेजों में हिजाब प्रतिबंध के मामले में अपना निर्णय आज सुनाया। उच्च न्यायलय ने अपने दिए गए निर्णय में ये स्पष्ट रूप से कहा कि हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में अनिवार्य धार्मिक … Read more

उच्चतम बोली लगाने वाले को अपने पक्ष में नीलामी संपन्न कराने का कोई निहित अधिकार नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

न्यायालय मौलिक अधिकारों के संरक्षक होने के नाते जहां मनमानी, तर्कहीनता, अतार्किकता, दुर्भावना और पूर्वाग्रह, यदि कोई हो, हस्तक्षेप करने के लिए बाध्य हैं, लेकिन साथ ही, न्यायालयों को बहुत संयम के साथ न्यायिक समीक्षा की शक्ति का प्रयोग करना चाहिए विशेष रूप से संविदात्मक और वाणिज्यिक मामलों में। Supreme Court of India सर्वोच्च न्यायलय … Read more

भारत के संविधान के अंतर्गत ‘प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता’ की संरक्षण की व्याख्या। क्या इसमें ‘जीविका का अधिकार’ भी शामिल है? लैंडमार्क वादों के डिटेल्स के साथ-

Preamble Of The Indian Constitution Sci

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश काल समय और परिस्थिति के अनुसार इस अनुच्छेद का दायरा बढ़ता गया है। यह व्यक्तियों को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण प्रदान करता है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 का मूल पाठ इस प्रकार है- किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रत्यावेदन देने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ती-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल अधिकारियों के पास एक प्रत्यावेदन दाखिल करने से परिसीमा अवधि नहीं बढ़ जाती है। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा कि यदि रिट याचिकाकर्ता को देरी का दोषी पाया जाता है, तो उच्च न्यायालय को रिट याचिकाकर्ता को एक प्रत्यावेदन दायर करने … Read more

HIJAB CONTROVERSY: हाईकोर्ट ने याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा-

HIJAB CONTROVERSY हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक उच्च न्यायलय में पिछले 11 दिनों से सुनवाई चल रही थी। शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर कई याचिकाएं कोर्ट में दाखिल की गईं। इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी ने कहा … Read more

हिजाब पर क्यों मचा है बवाल, जाने विस्तार से संविधान प्रदत्त अधिकारों, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों के माध्यम से, विस्तार में-

नियम अलग हैं और धर्म अलग। दोनों एक-दूसरे में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। कर्नाटक में हिजाब को लेकर आखिर घमासान क्यों- ताजा विवाद की शुरुआत इस साल की शुरुआत में हुई जब कुछ सरकारी शिक्षण संस्थाओं में कुछ छात्राएं हिजाब पहनकर आने लगीं। संस्था ने जब इसकी अनुमति नहीं दी तो हिजाब के समर्थन में … Read more