इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई से जुड़ा आदेश लिया वापस, फिजिकल हियरिंग में कोर्ट रूम में होंगे 10 लोग

कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए इलाहाबाद हार्कोर्ट की प्रधान पीठ और लखनऊ खंड पीठ ने सोमवार से मुकदमों की वर्चुअल सुनवाई का फैसला किया था. लेकिन अब हाईकोर्ट ने सोमवार को यह आदेश वापस ले लिया. अधिवक्ताओं के विरोध के कारण आदेश वापस लिया गया. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश … Read more

सुप्रीम कोर्ट समेत देश में कई राज्यों के उच्च न्यायालयों में 3 जनवरी से वर्चुअल मोड में कार्य होगा –

इलाहाबाद हाई कोर्ट, कलकत्ता हाई कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट समेत देश के विभिन न्यायलयों ने कोरोना और ओमीक्रान के बढ़ते संक्रमण के चलते दिनांक 3 जनवरी से वर्चुअल मोड़ में जाने का निश्चय लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी रविवार शाम को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है- बार के सदस्यों, पार्टी-इन-पर्सन और … Read more

90 दिन में चार्जशीट दाखिल न होना जमानत का स्वतः आधार : हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने यूनियन ऑफ इंडिया थ्रू सीबीआई वर्सेज राजाराम यादव केस में इस तथ्य पर विस्तार से विचार कर निर्णय दिया है कि 90 दिन में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं होने पर अभियुक्त को 167(2) सीआरपीसी के तहत जमानत प्राप्त करने का अधिकार है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी अपराध … Read more

सुप्रीम कोर्ट करेगा 50 साल से चल रहे 2664 करोड़ की रामपुर के आखिरी नवाब संपत्ति बंटवारे विवाद में फैसला-

रामपुर नवाब की पूरी संपति को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तहत शरिया क़ानून के आधार पर सभी वारिसों में संपत्ति का बंटवारा किए जाने की मांग की थी. फिर निचली अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. उत्तर प्रदेश के रामपुर के आख़िरी नवाब रजा अली खान की 26 सौ करोड़ … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय का फैसला पलटा, साथ ही साथ पति के परिजनों को आरोपी बनाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की-

दहेज प्रताड़ना के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को पलटते हुए महिला व पुरुष के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राथमिकी (FIR) में आकस्मिक रूप से नाम जोड़कर पति के परिजनों को वैवाहिक विवादों में आरोपी बनाने की प्रवृत्ति … Read more

उच्च न्यायालय: धारा 506 IPC संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है अतः कम्प्लेंट केस नहीं चलाया जा सकता-

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में अपना निर्णय देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में, धारा 506 के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है, इसलिए इसे कम्प्लेंट केस के रूप में नहीं चलाया जा सकता है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने धारा 482 के तहत एक राकेश कुमार शुक्ला द्वारा … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट में साल 2022 से होगी मुकदमों की E-Filing-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने का देश के सभी हाईकोर्ट को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के क्रम में हाईकोर्ट ने सरकारों को केसों को E-Filing मोड से करने को कहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में आगामी एक जनवरी 2022 से केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार समेत सरकार के किसी भी … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दुर्घटना में मारे गये युवक के मामले में बीमा कंपनी को दिया 33 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा देने का निर्देश-

अधिकरण ने दो लाख 30 हजार 400 रुपये आठ फीसदी ब्याज सहित मुआवजे के भुगतान का आदेश दिया था। मामले के तथ्यों के अनुसार 20 जुलाई 2004 को अभिषेक की दिल्ली-रायबरेली सड़क पर दुर्घटना में मौत हो गई। जिसके कारण मुआवजे का दावा किया गया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने एक युवक … Read more

डबवाली अग्निकांड पीड़ित विनोद बांसल की जुबानी, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने हमें बुलाया, बोले-आपका केस मैं ही सुनूंगा

1996 में अग्निकांड पीड़ित ने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में पीआइएल फाइल हुई। अग्निकांड पीडि़त विनोद बांसल की जुबानी… 15 जनवरी 2003 की तारीख कभी नहीं भूल सकता। जब चीफ जस्टिस विनोद राय ने कह दिया कि इलाज हो गया है बच्चों की फीस माफ हो गई है। इस केस में कुछ नहीं बचा है … Read more

उच्च न्यायलय ने हलफनामे पर जताई सख्त नाराजगी, फांसी के अपराधी के पैरोल पर छूटने के मामले में मुख्य सचिव तलब-

अदालत ने सरकार के इस तरीके पर नाखुशी जाहिर की थी जिसमें लगातार तीन बार फांसी के सजायाफ्ता पैरोल पर छोड़े गए और सुप्रीम कोर्ट के 23 मार्च 2020 के आदेश के दुरुपयोग फांसी के चार सजायाफ्ता बंदियों को कोरोना काल में तीन बार पैरोल पर छोड़े जाने के मामले में समुचित हलफनामा न दाखिल … Read more