नेशनल हेराल्ड केस: AJL की कुर्क संपत्तियों को रिलीज करने पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

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AJL पर नियंत्रण हासिल करने के लिए यंग इंडियन के माध्यम से किए गए लेन-देन में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है

नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने AJL को PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल से कुर्क संपत्तियां रिलीज कराने की मांग करने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश देने से इनकार किया। ED की याचिका पर अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश देने से इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को नेशनल हेराल्ड मामले में Associated Journals Limited (AJL) को राहत पाने के लिए PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल का रुख करने से रोकने संबंधी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी, यंग इंडियन, AJL तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ ED की मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।

हाईकोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 2 नवंबर को सूचीबद्ध किया है।

ED का आरोप: ट्रायल कोर्ट के आदेश का इस्तेमाल कर संपत्तियां रिलीज कराने की कोशिश

सुनवाई के दौरान ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया कि AJL ट्रायल कोर्ट के आदेश का हवाला देकर एजेंसी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों को रिलीज कराने की मांग कर रही है।

राजू ने कहा:

“वे इस आदेश का इस्तेमाल संपत्तियां रिलीज कराने के लिए कर रहे हैं।”

ED ने AJL और यंग इंडियन से जुड़ी कई संपत्तियां कुर्क की हैं। इनमें दिल्ली के ITO के पास बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस भी शामिल है।

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ED ने हाईकोर्ट से इस स्थिति में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया, लेकिन न्यायमूर्ति दत्ता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अदालत कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर रही है।

PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल में सुनवाई टालने का सुझाव

सुनवाई के दौरान एसवी राजू ने सुझाव दिया कि पक्षकार हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष कार्यवाही स्थगित कराने का अनुरोध कर सकते हैं।

इस पर न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा:

“मैं कुछ नहीं कह रहा हूं।”

न्यायाधीश ने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में संबंधित पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष चल रही इस कार्यवाही में आरोपी नहीं हैं।

अदालत ने इस चरण पर AJL की संपत्तियों को रिलीज करने की मांग पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया।

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?

यह मामला नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र के प्रकाशक AJL पर नियंत्रण हासिल करने के लिए यंग इंडियन के माध्यम से किए गए लेन-देन में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है।

ED ने आरोप लगाया है कि AJL और यंग इंडियन से संबंधित लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग की कथित योजना का हिस्सा थे। मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित संबंधित पक्षों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोपियों ने इन आरोपों का विरोध किया है।

ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2025 में ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से किया था इनकार

दिसंबर 2025 में राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।

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ट्रायल कोर्ट ने माना था कि ED की अभियोजन शिकायत जिस आधार पर प्रस्तुत की गई थी, उस रूप में वह विचारणीय नहीं थी। अदालत के अनुसार, ED का मामला अनुसूचित अपराध से संबंधित प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के बजाय भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत पर आधारित था।

इसी आधार पर विशेष अदालत ने ED की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया। ED ने इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

अब 2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल AJL की कुर्क संपत्तियों को रिलीज कराने की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार किया है। मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

इस बीच, ED की याचिका पर हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय और संपत्तियों को रिलीज कराने की मांग पर संबंधित प्राधिकरणों की आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

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