सुप्रीम कोर्ट में बांके बिहारी मंदिर मैनेजमेंट केस की सुनवाई टली, मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं

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बांके बिहारी मंदिर मैनेजमेंट केस की सुनवाई टली

सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन विवाद में सुनवाई दो हफ्ते टाली; फिलहाल मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।


मथुरा स्थित Banke Bihari Temple के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में Supreme Court of India ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है। मामले में मैनेजमेंट कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता Shyam Divan ने तैयारी के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।


🔹 क्यों टली सुनवाई

सुनवाई के दौरान श्याम दीवान ने कोर्ट को बताया कि:

  • स्टेटस रिपोर्ट उन्हें देर रात ही मिली
  • उसे विस्तार से पढ़ने और जवाब तैयार करने के लिए समय चाहिए

इस पर अदालत ने अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित कर दी।


🔹 कोर्ट का रुख: अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि फिलहाल:

  • मंदिर की मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा या संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाएगा
  • वर्तमान प्रबंधन प्रणाली यथावत बनी रहेगी

यह टिप्पणी संकेत देती है कि कोर्ट फिलहाल “स्टेटस क्वो” बनाए रखने के पक्ष में है।


🔹 सेवायतों की याचिका क्या कहती है

यह विवाद मंदिर के सेवायतों (पुजारियों) द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है।
उनका आरोप है कि मैनेजमेंट कमेटी ने ऐसे फैसले लिए हैं जो:

  • पारंपरिक धार्मिक व्यवस्थाओं के विपरीत हैं
  • मंदिर की स्थापित परंपराओं को प्रभावित कर रहे हैं
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🔹 किन फैसलों पर है विवाद

याचिका में विशेष रूप से दो मुद्दों को चुनौती दी गई है:

  1. दर्शन का समय बढ़ाना
  2. देहरी पूजा को रोकना

सेवायतों का कहना है कि ये फैसले बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के लिए गए और इससे सदियों पुरानी परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है।


🔹 नियुक्तियों पर भी सवाल

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि:

  • मैनेजमेंट कमेटी में गोस्वामी (पुजारियों) की नियुक्ति
  • पारदर्शी प्रक्रिया के बिना, मनमाने ढंग से की गई

इसी वजह से सेवायतों में असंतोष है और उन्होंने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।


🔹 पहले क्या आदेश दिए थे कोर्ट ने

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने:

  • Uttar Pradesh Shri Banke Bihari Ji Temple Trust Ordinance, 2025 के कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई थी
  • मंदिर प्रबंधन की निगरानी के लिए एक हाई पावर्ड कमेटी गठित की थी

यह कमेटी Ashok Kumar (इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश) की अध्यक्षता में काम कर रही है और फिलहाल मंदिर के संचालन की देखरेख कर रही है।


🔹 आगे क्या होगा

अब दो सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में:

  • स्टेटस रिपोर्ट पर विस्तार से बहस होगी
  • सेवायतों और कमेटी के बीच विवादित मुद्दों पर कोर्ट विचार करेगा

यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा बनाम संस्थागत सुधार के व्यापक सवालों से भी जुड़ा हुआ है।


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