अदालत इस तरह के रिश्ते की रक्षा नहीं कर सकती है जो कानून द्वारा समर्थित नहीं, HC ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े पर 2000 रुपये का लगाया जुर्माना

allahabad high court

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लिव-इन रिलेशनशिप LIVE-IN-RELATIONSHIP में रहने वाले एक जोड़े पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसने याचिकाकर्ता के पति से सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि अदालत इस तरह के रिश्ते की रक्षा नहीं कर सकती है जो कानून द्वारा समर्थित नहीं है। और … Read more

हैबियस कार्पस मामलों में उच्च न्यायालयों को परामर्श के माध्यम से समलैंगिक महिला जोड़े की यौन अभिविन्यास को दूर करने का प्रयास नहीं करना चाहिए : SC

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि समान-लिंग वाले जोड़ों से संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण हैबियस कार्पस (Habeas Corpus) याचिकाओं में, उच्च न्यायालय को केवल कथित बंदी की इच्छाओं का पता लगाना चाहिए और परामर्श की कथित प्रक्रिया के माध्यम से बंदी की यौन अभिविन्यास को दूर करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। अदालत एक समलैंगिक … Read more

मुख्तार अंसारी को 33 वर्ष 3 महीने 9 दिन पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में आजीवन कारावास की सजा

ये हुई सजा- मुख्तार अंसारी को 33 वर्ष 3 महीने 9 दिन पुराने गाजीपुर के फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई। बांदा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा अंतरराज्यीय गिरोह (आईएस-191) का सरगना और माफिया मुख्तार को आठवीं बार सजा हुई है। बांदा जेल में उम्रकैद … Read more

श्रमिकों को बिना किसी गलती के गलत तरीके से रोजगार देने से इनकार करने का मामला: शीर्ष अदालत ने वेतन पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली कंपनी की याचिका को किया खारिज

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यति नरसिंहानंद का अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर सांप्रदायिक बयान देने का इतिहास रहा है

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने एक कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के वेतन पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली एक अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह श्रमिकों की गलती के बिना रोजगार से गलत तरीके से इनकार करने का मामला है। कोल इंडिया लिमिटेड Coal India Ltd की सहायक … Read more

सीआरपीसी की धारा 173(2) का अनुपालन न करना: कई कानूनी मुद्दों को जन्म देता है: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट प्रक्रिया पर दिशानिर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, 22 साल बाद आया निर्णय-

सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 173(2) के तहत पुलिस रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। यह मानते हुए कि इसका अनुपालन न करना कई कानूनी मुद्दों को जन्म देता है। उक्त निर्देश झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक आरोपी द्वारा दायर अपील में जारी किए … Read more

राज्य के आपत्ति जताने भर से ही आरोपी व्यक्ति के अंतरिम जमानत को रोक नहीं सकते, जानें सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसा क्यों कहा?

देश के शीर्ष अदालत ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यदि राज्य द्वारा अग्रिम जमानत देने पर आपत्ति लगाई जाती है तो भी किसी आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार नहीं किया जा सकता हैं. जानिए पूरा मामला विस्तार से … Anticipatory Bail : सुप्रीम कोर्ट ने हाल … Read more

अक्सर अदालतों की कार्रवाई वकीलों की बीमारी के बहाने से बढ़ती है, जो आमतौर पर सही नहीं होती हैं – हाईकोर्ट

ट्रस्ट एक कानूनी व्यक्ति नहीं है और मुकदमा नहीं कर सकता या मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता

अक्सर अदालतों की कानूनी प्रक्रियाएं लंबी होती है. इसकी एक वजह सुनवाई को कई बार टालना भी होता है. टालने से मामले में लंबी तारीख मिलती हैं. सुनवाई टालने के इस विषय पर केरल हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि वकील बीमारियों का कारण बताकर छुट्टी लेते हैं, जिससे सुनवाई … Read more

SC ने FIR को रद्द करने के संबंध में HC द्वारा CrPC की धारा 482 के तहत क्षेत्राधिकार के प्रयोग को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों की व्याख्या की

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एफआईआर FIR को रद्द करने के संबंध में दाखिल मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट द्वारा सीआरपीसी की धारा 482 के तहत क्षेत्राधिकार के प्रयोग को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों की विस्तृत व्याख्या की। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली … Read more

एक व्यक्ति जो समझौता डिक्री में पक्षकार नहीं था, वह समझौता डिक्री को रद्द करने के लिए स्वतंत्र मुकदमा दायर करने का हकदार है: HC

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने माना कि एक व्यक्ति जो समझौता डिक्री में पक्षकार नहीं था, वह समझौता डिक्री को रद्द करने के लिए एक स्वतंत्र मुकदमा दायर करने का हकदार है। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) की धारा 115 के तहत न्यायालय की धारवाड़ पीठ के समक्ष एक याचिका … Read more

लोक अदालत ने बनाया कीर्तिमान, एक दिन में एक लाख 72 हजार से अधिक वादों का निस्तारण करके, वसूला रुपया 3428.67 करोड़ जुर्माना

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी जिला न्यायालय परिसरों, दिल्ली उच्च न्यायालय, स्थायी लोक अदालतों, ऋण वसूली ट्रिब्यूनल, राज्य उपभोक्ता आयोग एवं जिला उपभोक्ता आयोग में शनिवार को साल 2024 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया. इस दौरान दिल्ली के कुल मिलाकर एक लाख 72 … Read more