जब भी नाबालिग बच्चे के कल्याण और उसकी प्राथमिकता से जुड़ी विस्तृत जांच की आवश्यकता होती है तो HC हिरासत विवाद के तहत बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका पर विचार नहीं कर सकता – SC

SC CONFIRM THE DESISION OF BOMBAY HC

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जब हिरासत के मामलों में नाबालिग बच्चे के हित और कल्याण को निर्धारित करने के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता होती है, तो उच्च न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका पर विचार नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट पीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसा अभ्यास केवल … Read more

हैबियस कार्पस मामलों में उच्च न्यायालयों को परामर्श के माध्यम से समलैंगिक महिला जोड़े की यौन अभिविन्यास को दूर करने का प्रयास नहीं करना चाहिए : SC

Chief Justice DY Chandrachud Justice J.B. Pardiwala and Justice Manoj Misra

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि समान-लिंग वाले जोड़ों से संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण हैबियस कार्पस (Habeas Corpus) याचिकाओं में, उच्च न्यायालय को केवल कथित बंदी की इच्छाओं का पता लगाना चाहिए और परामर्श की कथित प्रक्रिया के माध्यम से बंदी की यौन अभिविन्यास को दूर करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। अदालत एक समलैंगिक … Read more

नाबालिग बच्चों की हिरासत के मामलों में, बंदी प्रत्यक्षीकरण का उपयोग हिरासत की वैधता को उचित ठहराने या जांचने और रिट की अनिवार्यता के लिए नहीं हो सकता: HC

justice yogendra kumar srivastava allahabad hc

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने नाबालिग बेटे की हिरासत की मांग करने वाले एक पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों की हिरासत के मामलों में, बंदी प्रत्यक्षीकरण कार्यवाही का उपयोग हिरासत की वैधता को उचित ठहराने या जांचने और रिट की अनिवार्यता के लिए नहीं किया जा सकता … Read more

बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका दायर करके पति को अपनी नाबालिग पत्नी की कस्टडी के दावा करने का कोई अंतर्निहित अधिकार नहीं है: पटना HC

5486258 patna high court

पटना उच्च न्यायालय ने माना कि एक पति के पास बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका दायर करके अपनी नाबालिग पत्नी की कस्टडी के दावा करने का अंतर्निहित अधिकार नहीं है। कोर्ट ने राजकीय बालिका देखभाल गृह में रहने वाली अपनी नाबालिग पत्नी की कस्टडी के दावा की मांग करने वाली पति द्वारा दायर याचिका पर विचार … Read more

e-mail भेज हुआ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई, हाई कोर्ट ने पूछा कि – थाने में बंद व्यक्ति कैसे कर सकता है पशु तस्करी ?

habeas corpus

इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका Habeas Corpus Petition पर सुनवाई करते हुए एसएससी प्रयागराज और नवाबगंज थाने के दरोगा से उनका व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और कारण जानना चाहा है कि वे बताएं जब युवक थाने में बंद था तो वह पशु तस्करी कैसे कर सकता है। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार … Read more