सुप्रीम कोर्ट के 20 अप्रैल, 2022 आदेश के बावजूद ‘न्यायिक अधिकारी’ नहीं हुआ पद पर बहाल, हाईकोर्ट और पंजाब सरकार का रवैया बेहद निराशाजनक

Testimony Of Witnesses Cannot Be Discarded Merely Because They Are Relatives: Supreme Court

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक न्यायिक पदाधिकारी को अफेयर होने के आधार पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और न्यायिक अधिकारी को पद पर दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद उसकी सेवाओं को बहाल नहीं किया गया। … Read more

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी “न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना साहसिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसके परिणामों की छाया लंबी और ठंडी होती है”

Supreme Court 2

“Disregarding a Court’s order may seem bold, but the shadows of its consequences are long and cold.” सर्वोच्च न्यायालय ने अवमानना ​​के एक मामले पर विचार करते हुए टिप्पणी की, “न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना साहसिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसके परिणामों की छाया लंबी और ठंडी होती है।” कोर्ट ने कहा की … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलीगढ़ में एक मुस्लिम व्यक्ति को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया, जिस पर डकैती और एक महिला पर हमला करने का मामला दर्ज था

इलाहाबाद हाईकोर्ट: धारा 148 के तहत 20% मुआवजा जमा करना अनिवार्य नहीं, न्यायालय के पास विवेकाधिकार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अलीगढ़ में एक मुस्लिम व्यक्ति को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया है, जिस पर डकैती और एक महिला पर हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। उसके भाई को हिंदू लोगों के एक समूह ने लूटपाट करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए पीट-पीटकर मार डाला था। … Read more

सुप्रीम कोर्ट का रजिस्ट्री को निर्देश, न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना अब कोई भी ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफ स्वीकार न किया जाए

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सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफ स्वीकार न करे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की खंडपीठ ने आदेश दिया, “हम काफी समय से देख रहे हैं कि पक्षकार तस्वीरों की ब्लैक एंड व्हाइट फोटोकॉपी रिकॉर्ड में रखने में … Read more

पुलिस को जांच में की गई खामियों के कारण ही गंभीर अपराधों के दोषियों को बेपरवाही से घूमने का मौका मिलता है – सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में बरी किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, यति नरसिंहानंद का अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर सांप्रदायिक बयान देने का इतिहास रहा है

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा है कि हमारे देश में पुलिस अधिकारियों को जांच करते समय अपनी ओर से अक्सर होने वाली कमियों और चूकों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उन खामियों को दूर किया जा सके, जो अभियोजन पक्ष के मामले को गुण-दोष के आधार पर कमजोर करती हैं और गंभीर अपराधों … Read more

उपभोक्ता विवादों में दावे का मूल्य केवल जमा की गई राशि से नहीं बल्कि मुआवजे और अन्य दावों सहित मांगी गई कुल राहत से निर्धारित होता है – सर्वोच्च न्यायालय

Supreme Court Of India

सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता विवादों में दावे का मूल्य केवल जमा की गई राशि से नहीं बल्कि मुआवजे और अन्य दावों सहित मांगी गई कुल राहत से निर्धारित होता है। न्यायालय राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध दायर अपील पर विचार कर रहा था। उपभोक्ता संरक्षण … Read more

पहले वकील से बिना संपर्क, उसके खिलाफ झूठा आरोप लगाने और झूठा हलफनामा दायर करने के मामले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीनों लोगों पर दो-दो लाख रुपये हर्जाना लगाया

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा की ये गलत है। कोर्ट ने कहा की पहले वाले वकील से बिना संपर्क किए उसके खिलाफ झूठा आरोप लगाने और झूठा हलफनामा दायर करने के मामले को गंभीरता से लिया है। याचियों ने दूसरा वकील रख लिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले वकील से संपर्क किए बगैर … Read more

पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति को किसी अपराध के संबंध में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सकता है, जबकि वह पहले से ही किसी अन्य अपराध में हिरासत में हो- SC

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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति को किसी अपराध के संबंध में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सकता है, जबकि वह पहले से ही किसी अन्य अपराध में हिरासत में है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी औपचारिक गिरफ्तारी से आरोपी पुलिस अधिकारी की हिरासत में नहीं आता है, क्योंकि आरोपी उस … Read more

‘कोर्ट मार्शल’ कार्यवाही में प्रतिवादी से कनिष्ठ रैंक के अधिकारी को जज एडवोकेट नियुक्त करने के कारणों को दर्ज न करना, कार्यवाही को अमान्य बनता है: सुप्रीम कोर्ट

Court Marshal

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि संयोजक आदेश में जज एडवोकेट के रूप में पद में कनिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति के कारणों को दर्ज न करना कोर्ट मार्शल की कार्यवाही को अमान्य करता है। यह अपील पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा सी.डब्लू.पी. संख्या 20380/2012 में पारित दिनांक 21.05.2014 के आदेश के विरुद्ध है। उक्त … Read more

मात्र प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होने का अर्थ कार्यवाही शुरू करने जैसा नहीं लगाया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

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एक महत्वपूर्ण फैसले में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि मात्र प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होने का अर्थ कार्यवाही शुरू करने जैसा नहीं लगाया जा सकता। यह निर्णय बैकारोज़ परफ्यूम्स एंड ब्यूटी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरो और अन्य के मामले में आया, जहां न्यायालय ने अपीलकर्ता बैकारोज़ परफ्यूम्स एंड ब्यूटी … Read more