धारा 141 एनआई एक्ट : कंपनी के मामलों का प्रबंधन मात्र किसी व्यक्ति को इसके आचरण के लिए उत्तरदायी नहीं बनाता: सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि केवल इसलिए कि कोई व्यक्ति कंपनी के मामलों का प्रबंधन कर रहा है, वह कंपनी के व्यवसाय के संचालन का प्रभारी या कंपनी के व्यवसाय के संचालन के लिए कंपनी का जिम्मेदार व्यक्ति नहीं बन जाता है। . अपीलकर्ता ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई अधिनियम) की धारा 141 के … Read more

पार्टीशन सूट : अदालतों को मुकदमे के आंशिक फैसले से बचना चाहिए और एक ही कार्यवाही में सही हक और पार्टियों की हिस्सेदारी तय करनी चाहिए- सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कहा है कि विभाजन के लिए दायर एक मुकदमे में, अदालतों को एक ही कार्यवाही में पार्टियों के सही अधिकार और हिस्सेदारी को व्यापक रूप से स्थगित करने और तय करने का प्रयास करना चाहिए और कार्यवाही की बहुलता या आरोप-प्रत्यारोप से … Read more

शादी का अपूरणीय विच्छेद अनुच्छेद 142 के तहत तलाक का सीधा-सीधा फॉर्मूला नहीं’- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवाह में रहना एक पवित्र और अमूल्य भावनात्मक जीवन-जाल है

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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने कहा है कि शादी के अपूरणीय टूटने के आधार पर तलाक हमेशा वांछनीय नहीं होता है, खासकर भारत में। उस संदर्भ में, न्यायालय ने कहा कि “अदालतों में तलाक की कार्यवाही दायर करने की बढ़ती प्रवृत्ति के बावजूद, विवाह की संस्था … Read more

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A भ्रष्ट लोगों के छिपने की छतरी नहीं : आंध्र प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, 22 साल बाद आया निर्णय-

आंध्र प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू का भ्रष्टाचार के मामलों की जांच से पहले पूर्वानुमति को अनिवार्य बनाने वाले प्रावधान के तहत सुरक्षा का दावा अस्वीकार्य है क्योंकि यह कोई ‘छाता’ नहीं है जिसके नीचे भ्रष्ट लोग छुप सकते हों। इसका उद्देश्य … Read more

केवल कंपनी में आरोपी व्यक्ति के पदनाम का उल्लेख करना धारा 141 NI Act के तहत अपराध को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है : HC

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दर्ज एक मामले में एक प्रैक्टिसिंग वकील के खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द कर दिया है, जिसे आरोपी कंपनी के अतिरिक्त/गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में तलब किया गया था। उच्च न्यायालय ने शिकायत के मामलों और समन आदेशों को रद्द … Read more

दिल्ली उच्च न्यायालय : तात्कालिक घटना में बिना पूर्वचिन्तन के आईपीसी की धारा 308 लागू नहीं होती

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने हमले के एक मामले में एक व्यक्ति की सजा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 308 से आईपीसी की धारा 323 में स्थानांतरित कर दिया है। यह परिवर्तन इसलिए किया गया क्योंकि अदालत ने निर्धारित किया कि इसमें कोई पूर्वचिन्तन शामिल नहीं था, और पूरी घटना अनायास घटित हुई। इसके … Read more

HC की लखनऊ खंडपीठ का आजमगढ़ फर्जी मदरसा मामले में बड़ा फैसला, खार‍िज की FIR रद करने की याच‍िका

गंभीर धाराएं दर्ज होने मात्र से कार्यवाही निरस्त करने से अदालत वंचित नहीं होती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

आजमगढ़ फर्जी मदरसा प्रकरण मामले में लखनऊ खंडपीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला करते हुए एसआइटी रिपोर्ट व एफआइआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। ज्ञात हो क‍ि मामला 313 मदरसों में धांधली 39 के मौजूद ही न होने और गबन का था जिसमें एसआइटी ने कारवाई की थी। लखनऊ खंडपीठ … Read more

पत्नी को बीमार पति का अभिभावक नियुक्त करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वह अपने पति की ओर से निर्णय लेने की अधिकारी होगी

न्यायिक अधिकारियों के आवासों पर कार्य करने के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पति अस्वस्थ और गंभीर हालत में है तो पत्नी बतौर अभिभावक काम कर सकती है। बशर्ते पति और बच्चों का हित उसमें निहित हो। संक्षिप्त तथ्य- याची ने कोर्ट के समक्ष गुहार लगाई थी कि उसके पति विकास शर्मा की हालत गम्भीर है। सिर पर चोट होने से वह … Read more

रिश्वतखोरी पर सांसदों, विधायकों को अभियोजन से छूट है ? सुप्रीम कोर्ट ने 1998 के निर्णय पर पुनर्विचार कर फैसला सुरक्षित रखा

वर्ष 1998 में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने पी वी नरसिंह राव बनाम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामले में दिए गए अपने बहुमत के फैसले में कहा था कि सांसदों को संविधान के अनुच्छेद 105 (2) और अनुच्छेद 194 के तहत सदन के अंदर दिए गए किसी भी भाषण और वोट के लिए आपराधिक … Read more

याचिका के साथ फर्जी कोर्ट आदेश किया गया पेश, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आपराधिक जांच का निर्देश, कहा- वकील की भूमिका की भी की जाये जांच

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court में याचिका के साथ फर्जी कोर्ट आदेश किया गया पेश। सुप्रीम कोर्ट को संदेह हुआ कि ये आदेश फर्जी है, तुरंत कोर्ट ने आपराधिक जांच के आदेश दे दिए। कोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्रार की से यह स्पष्ट है कि इस न्यायालय के आदेश की एक प्रति होने का दावा करने … Read more