हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी को ‘भूत’ और ‘पिशाच’ कहना क्रूरता नहीं, दोषसिद्धि के आदेश को किया रद्द

पति-पत्नी के रिश्तों में अनबन के मामले कई बार घर की चहारदीवारी से निकलकर कोर्ट तक पहुंच जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में पटना हाईकोर्ट Patna High Court ने फैसला देते हुए अहम टिप्पणी की। पटना हाईकोर्ट ने आईपीसी IPC U/S 498A के तहत पति पर लगे क्रूरता के आरोपों को रद्द कर दिया। … Read more

अग्रिम जमानत आवेदन CrPC u/s 41A के तहत नोटिस जारी होने के बाद भी कायम रखने योग्य है – HC

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत दे दी और कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत उपस्थिति के लिए नोटिस जारी होने के बाद भी आवेदन कायम रखने योग्य है। न्यायमूर्ति टी मल्लिकार्जुन राव की पीठ ने कहा, “याचिकाकर्ता के विद्वान वकील द्वारा दिए गए उपरोक्त निर्णय के आलोक में, इस … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने HC के फैसले रद्द करते हुए कहा कि हिरासत में मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों को जमानत देने के सवाल पर सख्त रुख अपनाया जाएगा

Supreme Court SEND TO Allahabad Hc

हाल के एक आदेश में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय #SUPREME_COURT ने कहा कि हिरासत में मौत के मामले में पुलिस अधिकारियों को जमानत देने के सवाल से निपटने के दौरान सख्त दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि ऐसे अपराध गंभीर और गंभीर प्रकृति के हैं। इसमें … Read more

हनीमून पर पत्नी को बोला ‘सेकंड हैंड’, हाईकोर्ट ने लगाया 3 करोड़ का मुआवजा और गुजरा भत्ता देने का आदेश

बॉम्बे High Court ने 1993 के सांप्रदायिक दंगों के मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया

Domestic Violence Act: मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा है जिसमे पत्नी को तीन करोड़ रूपये का मुआवजा मिलेगा। साथ ही पति को 50,000 रूपये प्रति महीना भी देना होगा। पत्नी ने आरोप लगाया की पति ने उसे हनीमून के दौरान सेकेंड हैंड कहा था। पत्नी के आरोपों को सही पाते हुए ट्रायल कोर्ट ने पति … Read more

पति या पत्नी से तलाक की डिग्री के बिना लिव-इन पार्टनर के साथ वासनापूर्ण जीवन बिताना अपराध, हाई कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं, ऐसे 'लिव इन रेलशनशिप' मामलों में संरक्षण देने से 'द्वी विवाह' हो समर्थन मिलेगा और भारतीय मूल्यों का हनन होगा

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट Punjab and Haryana High Court के न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पटियाला के एक जोड़े के लिए पुलिस सुरक्षा का आदेश देने से इनकार कर दिया है। फैसला सुनाते हुए उन्होंने टिप्पणी की क्योंकि उन्होंने देखा कि व्यक्ति की पहले भी शादी हो चुकी है … Read more

हाई कोर्ट ने एनआई अधिनियम की धारा 148 के तहत अपीलीय न्यायालय द्वारा विवेक के प्रयोग की प्रकृति और तरीके की विस्तृत व्याख्या की

Nia Keral Hc

अपीलीय अदालत के पास धारा 148 एनआई अधिनियम के तहत जुर्माना/मुआवजे का एक हिस्सा जमा करने या ऐसी जमा राशि को माफ करने का आदेश देने का विवेकाधिकार है: केरल उच्च न्यायालय केरल उच्च न्यायालय ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई अधिनियम) की धारा 148 के तहत अपीलीय न्यायालय द्वारा विवेक के प्रयोग की प्रकृति … Read more

दूसरी पत्नी और उसके संबंधियों पर नहीं हो सकता द्विविवाह (BIGAMY) IPC U/S 494 का केस, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

कर्नाटक हाई कोर्ट ने वक्फ बोर्ड को विवाह और तलाक प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार देने वाले सरकारी आदेश पर सवाल उठाया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने द्विविवाह (BIGAMY) मामले में अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर कोई पति या पत्नी अपनी पहली शादी के निर्वाहन के दौरान दूसरी शादी करता है तो वह बिगैमी कानून के तहत आरोपी होता है। ऐसे पति या पत्नी के खिलाफ IPC की धारा 494 के तहत द्विविवाह के … Read more

केजरीवाल ने कहा ‘केस में मेरा चार बार नाम आया’, ‘मुझे किसी कोर्ट ने दोषी नहीं पाया’, अदालत ने केजरीवाल की रिमांड 1 अप्रैल तक दी बढ़ा

Delhi Excise Policy Scam : दिल्ली के शराब नीति केस में गिरफ्तार किए गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गुरुवार दोपहर ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया. ईडी ने रिमांड बढ़ाने का आग्रह किया. केजरीवाल ने कोर्ट में अपनी भी दलील रखी. इसके बावजूद केजरीवाल को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली. अदालत ने … Read more

‘जमानत की शर्त में राजनीतिक गतिविधि पर रोक शामिल नहीं’; सुप्रीम कोर्ट ने पलटा उड़ीसा उच्च न्यायालय का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मौलिक अधिकारों और जमानत शर्तों पर एक व्यापक आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने कहा कि राजनीतिक गतिविधियों में शामिल न होना निचली अदालतों में जमानत की शर्त नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने साफ किया कि किसी व्यक्ति पर इस तरह के प्रतिबंध लगाना उसके … Read more

धोखाधड़ी से प्राप्त निर्णय या आदेश को किसी भी समय किसी भी अदालत में चुनौती दी जा सकती है: इलाहाबाद HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ ने दोहराया कि धोखाधड़ी करके प्राप्त किसी भी निर्णय या आदेश को किसी भी समय किसी भी अदालत में चुनौती दी जा सकती है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने कहा कि, “इस प्रकार यह कानून का स्थापित प्रस्ताव है कि न्यायालय, न्यायाधिकरण या प्राधिकरण के साथ धोखाधड़ी करके प्राप्त … Read more