हाईकोर्ट ने आरोपी की सजा POCSO के तहत बरकरार रखते हुए कहा कि: लड़की 18 वर्ष से कम तो शारीरिक संबध में उसकी सहमति को बचाव के तौर पर नहीं मन जा सकता –

तेलंगाना उच्च न्यायलय Telangana High Court ने केस सुनवाई के दौरान दोहराया कि अगर लड़की की उम्र 18 साल से कम है तो शारीरिक संबध में उसकी सहमति को बचाव के तौर पर नहीं लिया जा सकता। न्यायमूर्ति के सुरेंद्र की सिंगल बेंच ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत दोषसिद्धि … Read more

केरल हाई कोर्ट में तीन बेंचो द्वारा पेपरलेस कार्य प्रारम्भ, दिशा निर्देश जारी-

केरल उच्च न्यायलय द्वारा सोमवार से तीन न्यायिक पीठो को पेपरलेस होने की घोषणा करते हुए वकीलों द्वारा पालन किए जाने वाले कुछ दिशानिर्देश जारी किए। जमानत के क्षेत्राधिकार और टैक्स मामलों के साथ-साथ इन एकल पीठों की अपील पर विचार करने वाली खंडपीठ में पेपरलेस अदालतें पेश की गई हैं। वर्तमान रोस्टर के अनुसार, … Read more

मुख्यमंत्री के खिलाफ याचिका दायर करने वाले “पीआईएल मैन” अधिवक्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार-

“पीआईएल मैन” अधिवक्ता राजीव कुमार को रविवार को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक उनकी गिरफ्तारी 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में हुई। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी वकील राजीव कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ खनन … Read more

लठैत की तरह काम न करे पुलिस, मकान ध्वस्तीकरण मामले में उच्च न्यायलय ने की टिप्पणी-

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने डिक्री के निष्पादन से पहले एसडीएम SDM के आदेश पर एक परिवार को बेदखल कर मकान ध्वस्त करने को गम्भीरता से लिया है। साथ ही तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस लठैत की तरह काम न करे। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने यह आदेश मोहम्मद सईद की द्वितीय … Read more

उच्च न्यायालयों द्वारा शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के विपरीत – SC

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने कहा है कि पूर्व निर्णीत फैसले पर विचारोपरांत उसके पृथक फैसले हाईकोर्ट High Court पर बाध्यकारी होते हैं। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के बेंच ने कहा कि देश में उच्च न्यायालयों द्वारा इस शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के … Read more

कोर्ट फीस शुल्क में 10 गुना तक बृद्धि, 25 हजार अधिवक्ता आक्रोशित, न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार

झारखंड राज्य Jharkhand State में कोर्ट फीस में 10 गुना तक बढ़ोतरी की गई है। कोर्ट फीस में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ राज्य भर के सभी अधिवक्ता आक्रोशित हैं। विरोध के चलते राज्य के 25 हजार से भी ज्यादा अधिवक्ताओं ने अदालती कामकाज का बहिष्कार किया। इतना ही नहीं, कुछ शहरों में अधिवक्ताओं ने मार्च … Read more

केरल HC ने कहा, मुस्लिम मां अपने नाबालिग बच्चों की अभिभावक नहीं हो सकती-

कन्नूर के एडीएम की कथित अप्राकृतिक मौत के मामले में जांच राज्य से CBI को स्थानांतरित करने से इनकार - केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायालय Kerala High Court की एक खंडपीठ ने कहा है कि वह एक मुस्लिम महिला को अपने नाबालिग बच्चे की संपत्ति का संरक्षक नहीं बना सकती है, क्योंकि उसके हाथ सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court के फैसलों से बंधे हैं। न्यायमूर्ति पी.बी. सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति सीएस सुधा ने पाया कि भले ही मुस्लिम … Read more

जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूजीसी से पैसा लेने के लिए कोर्ट को ढाल की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता: दिल्ली हाई कोर्ट

कोर्ट ने कहा, “आप अपनी संपत्ति बेचते हैं और पैसे का भुगतान करते हैं। आप यूजीसी से पैसे लेने के लिए अदालत की ढाल नहीं ले सकते। अपने वीसी और रजिस्ट्रार से अपने वेतन को रोकने और इस शिक्षक को भुगतान करने के लिए कहें।” जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से धन प्राप्त … Read more

दूसरे धर्म के व्यक्ति को मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है यदि उसे हिंदू देवता में विश्वास है: मद्रास HC

मद्रास उच्च न्यायालय Madras High Court ने माना है कि किसी अन्य धर्म के व्यक्ति को मंदिर में प्रवेश करने से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है यदि वह विशेष हिंदू देवता में विश्वास करता है। न्यायमूर्ति पी.एन.प्रकाश और न्यायमूर्ति आर. हेमलता की खंडपीठ ने इस प्रकार टिप्पणी की, “यदि किसी अन्य धर्म से संबंधित … Read more

पटना उच्च न्यायलय का सरकारी वकीलों को अल्टीमेटम, कहा जूनियर भेज कर अदालत का समय न करे बर्वाद-

पति की मृत्यु के बाद ससुर पर स्वतः नहीं बनती भरण-पोषण की जिम्मेदारी: पटना हाईकोर्ट

पटना उच्च न्यायलय Patna High Court ने अपने एक निर्णय में कहा कि ऐसा देखा जा रहा है कि अक्सर गवर्नमेंट एडवोकेट्स Government Advocates अपने वाद में खुद न उपस्थित होकर अपने जूनियर को समय लेने भेज देते हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जूनियर वकीलों को बिना तैयारी के उनके सीनियर कोर्ट … Read more