हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को मिला नया जज, दो एडिशनल जजों की भी नियुक्ति; केंद्र ने जारी की अधिसूचना

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चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का जज नियुक्त

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में तीन नई नियुक्तियां हुई हैं। चिराग भानु सिंह को हाईकोर्ट का जज और भूपेश शर्मा व योगेश जसवाल को दो साल के लिए एडिशनल जज नियुक्त किया गया है।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को एक नया जज और दो एडिशनल जज मिले हैं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को इन नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की। कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217 और 224 के तहत इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है।

चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया है, जबकि हाईकोर्ट के मौजूदा रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा और सिरमौर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल को दो वर्ष की अवधि के लिए एडिशनल जज नियुक्त किया गया है। तीनों जज अपने-अपने पद का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से पद संभालेंगे।

चिराग भानु सिंह का लंबा न्यायिक अनुभव

चिराग भानु सिंह ने मंडी के वल्लभ पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला से कानून की शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 1994 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, शिमला में नामांकन के बाद उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक और सेवा मामलों में वकालत की।

वर्ष 2007 में उन्हें एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इससे पहले वह 2003 से हिमाचल प्रदेश के डिप्टी एडवोकेट जनरल के रूप में भी कार्य कर चुके थे। वर्ष 2009 में वह तत्कालीन CJI के नेतृत्व वाले भारतीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, जिसने ऑस्ट्रेलिया में अधिकारों की सुरक्षा और न्याय तक पहुंच से जुड़े विषयों पर कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।

अपने न्यायिक करियर के दौरान सिंह ने हिमाचल प्रदेश इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल-कम-लेबर कोर्ट के जज, चंबा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लीगल रिमेंब्रांसर-कम-प्रिंसिपल सेक्रेटरी (लॉ), प्रिंसिपल सेक्रेटरी (लोकायुक्त एवं मानवाधिकार आयोग) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

वह सुप्रीम कोर्ट में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल-I) के पद पर भी दो बार सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने स्टेट जुडिशियल एकेडमी के निदेशक और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के OSD के रूप में भी काम किया।

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जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक वह बिलासपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे। इसके बाद वह धर्मशाला में कांगड़ा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।

भूपेश शर्मा होंगे एडिशनल जज

भूपेश शर्मा वर्तमान में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लॉ से कानून की पढ़ाई की और जुलाई 1996 में हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा में सब-जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में प्रवेश किया।

उन्होंने कांगड़ा, धर्मशाला के अलावा मंडी, शिमला और सरकाघाट में न्यायिक दायित्व संभाले। अक्टूबर 2004 में उन्हें सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-कम-एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर पदोन्नत किया गया। इसके बाद सुंदरनगर और सोलन में तैनाती रही।

मार्च 2012 में वह एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने और हमीरपुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यभार संभाला। अप्रैल 2014 में उन्हें स्पेशल जज, CBI, शिमला नियुक्त किया गया।

दिसंबर 2014 में उन्होंने रामपुर बुशहर स्थित किन्नौर सिविल एवं सेशंस डिवीजन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद वह हमीरपुर, सोलन, ऊना और शिमला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे।

4 अक्टूबर 2024 को उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का रजिस्ट्रार जनरल नियुक्त किया गया था और वह अब तक इस पद पर कार्यरत थे।

योगेश जसवाल भी हाईकोर्ट में जाएंगे

योगेश जसवाल को भी दो वर्ष के लिए एडिशनल जज नियुक्त किया गया है। उनका जन्म 2 मार्च 1967 को ऊना जिले की अंब तहसील के अंबोटा गांव में हुआ था। उन्होंने शिमला में शिक्षा प्राप्त की और 1991 में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से LLB किया।

वकालत के दौरान उन्होंने शिमला में सिविल, क्रिमिनल और रेवेन्यू मामलों की पैरवी की। जुलाई 1996 में वह हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा में सब-जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में शामिल हुए। उनकी शुरुआती तैनातियां हमीरपुर, रोहड़ू, पालमपुर और कसौली में रहीं।

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2004 में वह सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और 2005 में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट बने। बाद में उन्होंने कुल्लू में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, लाहौल-स्पीति के रूप में भी काम किया।

जनवरी 2013 में उन्हें हायर ज्यूडिशियल सर्विस में पदोन्नत किया गया। इसके बाद उन्होंने शिमला और घुमारवीं में एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। 2016 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनने के बाद उनकी तैनाती किन्नौर (रामपुर बुशहर) और चंबा में रही।

उन्होंने 2018 में लेबर कोर्ट-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी, 2021 में कांगड़ा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जनवरी 2024 तक हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के रूप में कार्य किया। इसके बाद वह शिमला स्थित लेबर कोर्ट-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी रहे।

मई 2024 से उन्होंने हिमाचल प्रदेश जुडिशियल एकेडमी, शिमला के निदेशक के रूप में कार्य किया। अप्रैल 2025 में उन्हें सिरमौर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नाहन के पद पर नियुक्त किया गया था।

हाईकोर्ट में न्यायिक क्षमता होगी मजबूत

इन नियुक्तियों से हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायिक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। खास तौर पर चिराग भानु सिंह, भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल का लंबा न्यायिक एवं प्रशासनिक अनुभव हाईकोर्ट के कामकाज में उपयोगी साबित हो सकता है।

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