लद्दाख में भी बैठेगी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच, राष्ट्रपति ने Article 240 के तहत जारी किया Regulation

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जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच अब केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में भी बैठ सकेगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Article 240 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत 2026 Regulation जारी कर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच को लद्दाख में बैठने का कानूनी आधार दिया। हालांकि Principal Seat में कोई बदलाव नहीं होगा।

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लद्दाख के litigants को हाईकोर्ट की न्यायिक व्यवस्था उनके क्षेत्र के करीब उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऐसा Regulation promulgate किया है, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच अब केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में भी बैठ सकेगी।

Union Territory of Ladakh (Sitting of Bench of the High Court of Jammu and Kashmir, and Ladakh in Ladakh) Regulation, 2026 को 27 अगस्त 2026 को संविधान के Article 240 और Jammu and Kashmir Reorganisation Act, 2019 की Section 58(2) के तहत जारी किया गया।

लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच बैठने का रास्ता साफ

नए Regulation के तहत हाईकोर्ट के Judges और Division Courts लद्दाख में उस स्थान पर बैठ सकेंगे, जिसे Chief Justice निर्धारित करेंगे।

हालांकि इसके लिए Lieutenant Governor of Ladakh की approval आवश्यक होगी।

इसका उद्देश्य लद्दाख से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए litigants को हर बार जम्मू या श्रीनगर जाने की आवश्यकता को कम करना है।

Principal Seat में कोई बदलाव नहीं

Regulation ने हाईकोर्ट की मौजूदा Principal Seat की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं किया है।

यानी लद्दाख में बेंच के बैठने की व्यवस्था बनने के बावजूद हाईकोर्ट की Principal Seat पहले की तरह बनी रहेगी।

साथ ही Chief Justice को यह अधिकार दिया गया है कि वह लद्दाख से उत्पन्न होने वाले किसी मामले या मामलों की किसी श्रेणी को जम्मू अथवा श्रीनगर में सुनवाई के लिए निर्देशित कर सकते हैं।

इसलिए Regulation लद्दाख में बेंच की sitting को सक्षम बनाता है, लेकिन प्रत्येक Ladakh-origin case की सुनवाई अनिवार्य रूप से लद्दाख में ही हो, ऐसा नहीं है।

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Article 240 के तहत राष्ट्रपति ने किया Regulation promulgate

इस व्यवस्था का संवैधानिक आधार Article 240 है।

Article 240 राष्ट्रपति को कुछ Union Territories के लिए peace, progress and good government से संबंधित regulations बनाने की शक्ति देता है।

लद्दाख के संबंध में यह शक्ति Jammu and Kashmir Reorganisation Act, 2019 की Section 58(2) के साथ पढ़ी जाती है।

इस प्रकार राष्ट्रपति द्वारा जारी Regulation के लिए संविधान और पुनर्गठन अधिनियम दोनों का statutory framework मौजूद है।

Article 123 के Ordinance से अलग है यह शक्ति

इस Regulation की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक विशेषता यह है कि यह Article 123 के तहत राष्ट्रपति द्वारा जारी Ordinance नहीं है।

Article 123 के विपरीत, Article 240 की regulatory power Parliament के recess में होने की शर्त से बंधी नहीं है।

इसलिए Article 240 के तहत Regulation promulgate करने के लिए Parliament के prorogued होने की कोई पूर्व शर्त नहीं है।

यह अंतर राष्ट्रपति की संवैधानिक शक्तियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि Article 240 एक अलग constitutional mechanism प्रदान करता है।

Regulation कब लागू होगा?

हालांकि Regulation 27 अगस्त 2026 को promulgate कर दिया गया है, लेकिन यह उसी दिन से operational नहीं होगा।

Notification के अनुसार, यह उस तारीख से प्रभावी होगा जिसे Administrator of the Union Territory of Ladakh Official Gazette में notification जारी करके निर्धारित करेंगे।

अर्थात, लद्दाख में हाईकोर्ट बेंच की वास्तविक sitting शुरू होने के लिए अब संबंधित commencement notification का इंतजार रहेगा।

न्याय तक पहुंच के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम

लद्दाख एक भौगोलिक रूप से दुर्गम और विशाल क्षेत्र है। ऐसे में हाईकोर्ट की sitting को लद्दाख में उपलब्ध कराने का प्रावधान access to justice के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन litigants को लाभ मिलने की संभावना है जिन्हें अपने मामलों के लिए जम्मू या श्रीनगर में हाईकोर्ट की कार्यवाही में शामिल होना पड़ता है।

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साथ ही, Chief Justice को मामलों को जम्मू या श्रीनगर में सुनवाई के लिए निर्देशित करने की शक्ति देकर Regulation ने judicial administration में flexibility भी बनाए रखी है।

कानूनी महत्व

यह Regulation लद्दाख में हाईकोर्ट की स्थायी अलग High Court स्थापित नहीं करता। इसके बजाय यह मौजूदा Jammu and Kashmir and Ladakh High Court की बेंच को लद्दाख में बैठने का कानूनी और संवैधानिक आधार प्रदान करता है।

इसलिए व्यवस्था को इस तरह समझा जा सकता है:

मौजूदा हाईकोर्ट → Principal Seat बरकरार → लद्दाख में Bench Sitting की अनुमति → स्थान Chief Justice तय करेंगे → LG की approval आवश्यक → कुछ मामले जम्मू/श्रीनगर में भी भेजे जा सकते हैं।

Regulation: Union Territory of Ladakh (Sitting of Bench of the High Court of Jammu and Kashmir, and Ladakh in Ladakh) Regulation, 2026
Promulgated: 27 अगस्त 2026
संवैधानिक आधार: Article 240, Constitution of India
वैधानिक आधार: Section 58(2), Jammu and Kashmir Reorganisation Act, 2019

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