सुप्रीम कोर्ट का फैसला: वाणिज्यिक ऋण लेने वाला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत “उपभोक्ता” नहीं

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सर्वोच्च न्यायालय ने “द चीफ मैनेजर, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम एडी ब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य” (2025 INSC 288, दिनांक 28 फरवरी 2025) के मामले में यह स्पष्ट किया कि क्या एक वाणिज्यिक उद्देश्य से लिया गया परियोजना ऋण उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (“अधिनियम”) के तहत “उपभोक्ता” की परिभाषा में आता … Read more

आईपीसी की धारा 411 के तहत चोरी की गई संपत्ति की पहचान साबित करने के दायित्व को स्पष्ट करना – सर्वोच्च न्यायालय

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भारत के सर्वोच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय : सर्वोच्च न्यायालय का हिरालाल बाबूलाल सोनी बनाम महाराष्ट्र राज्य में निर्णय भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 411 के तहत चोरी की संपत्ति प्राप्त करने से संबंधित अपराधों के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टांत स्थापित करता है। यह मामला नकली टेलीग्राफिक ट्रांसफर (TTs) और संबंधित बैंक दस्तावेजों के माध्यम … Read more

एमआरटीपी अधिनियम आरक्षण की समाप्ति: सुप्रीम कोर्ट ने समयसीमा और भूस्वामी अधिकारों को बरकरार रखा

नवजात शिशु तस्करी पर सख्त रुख: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए निर्देश

सरकारी निकायों की दीर्घकालिक निष्क्रियता के कारण आरक्षण स्वतः समाप्त हो जाता है और भूमि मालिक को संपत्ति विकसित करने या उपयोग करने का अधिकार – सर्वोच्च न्यायालय  “सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन अधिनियम के तहत आरक्षित भूमि पर अधिकारों की स्पष्टता” सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा … Read more

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ओडिशा के नौकरी ‘अनुबंधित कर्मचारियों की पेंशन पात्रता’ पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: ओडिशा के नौकरी 'अनुबंधित कर्मचारियों की पेंशन पात्रता' पर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश

सर्वोच्च न्यायालय ने 21 फरवरी 2025 को ओडिशा राज्य में नौकरी अनुबंधित कर्मचारियों (Job Contract Employees – JCEs) की पेंशन पात्रता से संबंधित मामला में विशेष रूप से यह निर्धारित किया कि उन्हें अन्य कर्मचारियों—विशेष रूप से “वर्क-चार्ज्ड” कर्मचारियों—की तुलना में कैसे अलग तरीके से माना जाना चाहिए। ओडिशा सरकार ने उच्च न्यायालय के उन … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: गिरफ्तारी के बारे में रिश्तेदारों को सूचित करना और गिरफ्तारी के आधार के बारे में जानकारी देना अनिवार्य

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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के बारे में व्यक्ति के रिश्तेदारों को सूचित करने से पुलिस या जांच एजेंसी को यह अधिकार नहीं मिलता कि वह गिरफ्तार व्यक्ति को उसके गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित करने के अपने कानूनी और संवैधानिक दायित्व से छूट जाए। न्यायालय ने कहा, … Read more

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अनुचित रूप से रद्द की गई जमानत बहाल, हाईकोर्ट के आदेश को किया खारिज

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सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत आरोपी की जमानत रद्द करने के उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने जोर देते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त एक मौलिक अधिकार है, जिसे हल्के में प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति दीपांकर … Read more

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अभियोजन की विफलता को पूरा करने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 लागू नहीं की जा सकती

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अभियोजन की विफलता को पूरा करने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 लागू नहीं की जा सकती

सर्वोच्च अदालत ने एक मर्डर केस में बच्चे की गवाही के आधार पर पिता की दोषी ठहराया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गवाही देने को लेकर किसी मिनिमम एज की क्राइटेरिया नहीं है। इस मामले के सुनवाई के दौरान बच्चों की गवाही को मान्य करने के लिए कुछ दिशानिर्देश निर्धारित … Read more

नाबालिग की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- अपराध की गंभीरता को देखते हुए कानून से नहीं बच सकता

नाबालिग की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- अपराध की गंभीरता को देखते हुए कानून से नहीं बच सकता

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक नाबालिग की जमानत याचिका खारिज कर दी, यह देखते हुए कि चार समान आपराधिक मामलों में नामजद किशोर केवल अपनी उम्र के आधार पर कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने आरोपी को “असुधार्य अपराधी” (incorrigible offender) करार देते … Read more

परिस्थितिजन्य साक्ष्य वाले मामलों में उद्देश्यता महत्वपूर्ण: सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्ति को किया बरी

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  सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति को बरी करते हुए दोहराया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित मामलों में अभियोजन पक्ष के लिए उद्देश्य (मोटिव) का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अदालत आरोपी द्वारा दायर की गई आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती दी थी, … Read more

सुप्रीम कोर्ट Constitution Bench ने मध्यस्थ निर्णयों में संशोधन पर फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (Arbitration and Conciliation Act, 1996) के तहत न्यायालयों को मध्यस्थ (arbitral) पुरस्कारों में संशोधन करने का अधिकार है या नहीं, इस महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें … Read more