सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य भविष्य निधि योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किया, कहा की जब उच्च न्यायालय ने समान श्रेणी के व्यक्तियों को राहत दे दी थी, तो उसे प्रोफेसर की याचिका खारिज नहीं करनी चाहिए थी

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सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के एक पूर्व प्रोफेसर की अपील को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि उन्हें सामान्य भविष्य निधि, पेंशन और ग्रेच्युटी योजना के तहत सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएं। सर्वोच्च न्यायालय ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि उच्च न्यायालय ने समान स्थिति में रखे गए व्यक्तियों … Read more

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी: ‘मियां-तियां’ और ‘पाकिस्तानी’ कहना गलत, लेकिन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अपराध नहीं

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सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति को ‘मियां-तियां’ और ‘पाकिस्तानी’ कहना भले ही अनुचित और अशोभनीय हो, लेकिन इसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 298 के तहत धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला अपराध नहीं माना जा सकता। यह मामला वर्ष 2020 … Read more

सुप्रीम कोर्ट में असामान्य घटना: वकील ने आत्महत्या की धमकी दी, कोर्ट ने माफीनामा दाखिल करने का आदेश दिया

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सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब एक वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के दौरान धमकी दी कि यदि उसकी आपराधिक याचिका स्वीकार नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा। मामला और न्यायालय की प्रतिक्रिया न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुयान की पीठ के समक्ष “रमेश … Read more

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: मात्र हस्तलिपि विशेषज्ञ की राय पर दोषसिद्धि खतरनाक, पर्याप्त पुष्टिकरण आवश्यक

Supreme Court's decision

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि केवल हस्तलिपि विशेषज्ञ की राय के आधार पर दोषसिद्धि देना उचित नहीं है, जब तक कि इसे पर्याप्त साक्ष्यों द्वारा पुष्ट न किया जाए। इस आधार पर, शीर्ष अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी, 468 और 471 के तहत आरोपी की दोषसिद्धि … Read more

सोशल मीडिया पोस्ट ब्लॉक करने पर बिना नोटिस के कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से छह सप्ताह में मांगा जवाब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका सोशल मीडिया अकाउंट्स या पोस्ट को बिना नोटिस जारी किए ब्लॉक करने की प्रक्रिया को चुनौती देती है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि … Read more

सुप्रीम कोर्ट: Custom Act और GST Act के तहत गिरफ्तारी की शक्ति वैध, न्यायालय ने शर्तों की विस्तृत व्याख्या की

GST Arrest यह शक्ति बिना आधार के प्रयोग नहीं की जा सकती।

मुख्य बिंदु- यह शक्ति बिना आधार के प्रयोग नहीं की जा सकती। गिरफ्तारी का आधार उचित प्रमाणों पर आधारित हो। यह स्पष्ट किया जाए कि अपराध संज्ञेय है या ग़ैर-संज्ञेय। धारा 104(4) के तहत सूचीबद्ध अपराधों के अलावा अन्य मामलों में गिरफ्तारी से पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति ली जाए। अधिकारी को गिरफ्तारी के समय सभी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोज़र प्रकरण पर गुजरात प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

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सुप्रीम कोर्ट ने आज गुजरात प्रशासन के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का कथित रूप से उल्लंघन कर संपत्तियों को गिराने के मामले में दायर की गई थी। हालांकि, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने याचिकाकर्ता … Read more

रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण बढ़ा

रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण बढ़ा

“हास्य एक ऐसा माध्यम है, जिसका आनंद पूरा परिवार ले सकता है। ऐसे कंटेंट का निर्माण नहीं होना चाहिए, जिससे किसी को शर्मिंदगी महसूस हो। गंदी भाषा का उपयोग करना कोई विशेष प्रतिभा नहीं है।” – सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रणवीर इलाहाबादिया को बड़ी राहत देते हुए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दृष्टिहीन व्यक्ति भी बन सकते हैं जज

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए कहा कि दृष्टिहीन व्यक्तियों को भी न्यायिक सेवाओं में नियुक्त किए जाने का अधिकार है। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा नियमों को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया, जिससे दृष्टिहीन व्यक्तियों को न्यायिक सेवाओं में शामिल होने से रोका … Read more

आरोपमुक्त व्यक्ति को पुनः अभियुक्त बना देना: न्यायिक रूप से एक नई मिसाल – सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट

यह टिप्पणी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय “सुदर्शन सिंह वजीर बनाम राज्य (एनसीटी दिल्ली)” की समीक्षा करती है। इस मामले का केंद्रीय प्रश्न यह था कि क्या किसी अदालत द्वारा आपराधिक कार्यवाही में आरोपमुक्ति (डिस्चार्ज) के आदेश को निलंबित (स्टे) किया जा सकता है, और यदि हां, तो किन परिस्थितियों में? इस प्रकरण … Read more