इलाहाबाद हाई कोर्ट: क्या गैर-संज्ञेय अपराधों में मजिस्ट्रेट चार्जशीट का संज्ञान ले सकता है? जानिए विस्तार से-
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना है कि Cr.P.C. सीआरपीसी की धारा 2 (डी) के मद्देनजर, जहां गैर-संज्ञेय अपराध शामिल हैं, मजिस्ट्रेट पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र का संज्ञान नहीं ले सकते, इसके बजाय इसे शिकायत के रूप में माना जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सैयद आफताफ हुसैन रिजवी ने विमल दुबे और एक अन्य द्वारा Cr.P.C. धारा … Read more