यौन अपराध मामलों में भाषा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द

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“पायजामा का नाड़ा तोड़ना और स्तनों को पकड़ना रेप के प्रयास के लिए पर्याप्त नहीं है” यौन अपराध मामलों में अदालतों की भाषा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराध मामलों में असंवेदनशील टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के विवादित फैसले को रद्द कर दिया। … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश: UP में ध्वस्तीकरण पर रोक, याचिकाकर्ताओं को 1 सप्ताह की सुरक्षा

सुप्रीम कोर्ट

उत्तर प्रदेश में आवासीय और विवाह हॉल के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह की अंतरिम सुरक्षा दी। कोर्ट ने कहा—जब तक याचिकाकर्ता हाईकोर्ट नहीं जाते, तब तक यथास्थिति बनी रहे। साथ ही स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा हाईकोर्ट के निर्णय को प्रभावित नहीं करेगी। UP में बिना प्रक्रिया ध्वस्तीकरण पर … Read more

Transgender व्यक्ति की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: शैक्षणिक दस्तावेज़ों में नाम परिवर्तन का निर्देश

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Transgender Persons Act 2019 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति की याचिका स्वीकार कर शैक्षणिक दस्तावेज़ों में नाम परिवर्तन से इनकार करने वाला आदेश रद्द किया। कोर्ट ने आठ सप्ताह में नई मार्कशीट/प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया। Transgender व्यक्ति की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला: शैक्षणिक दस्तावेज़ों में नाम परिवर्तन का निर्देश इलाहाबाद … Read more

न्यायालय जाने से रोकना है सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट

Preventing from going to court is the most serious criminal contempt: Allahabad High Court 🧾 विधि संवाददाता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय जाने से रोकना या डराना, आपराधिक अवमानना का सबसे गंभीर रूप है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने एक जनहित याचिका Public Interest Litigation … Read more

उद्घोषित अपराधी भी अग्रिम जमानत का हकदार: इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि घोषित अपराधी भी अग्रिम जमानत का हकदार है। न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने संजय पांडे द्वारा दायर आपराधिक विविध अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। आवेदक संजय पांडे की ओर से धारा 419, 420, 467, 468, … Read more

इलाहाबाद HC ने लश्कर से संबंध रखने, व्हाट्सएप के जरिए “जिहादी साहित्य” फ़ैलाने और “हथियार” प्राप्त करने के आरोपी को जमानत से किया इंकार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने पिछले हफ्ते आतंकवादी लश्कर समूह से जुड़े होने और नफरत फैलाने, भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने और व्हाट्सएप समूहों whats-app group के माध्यम से हथियारों के अधिग्रहण की सुविधा प्रदान करने के आरोपी एक व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इस शख्स को पिछले साल … Read more

POCSO के आरोपी को इलाहाबाद HC से इस शर्त पर जमानत मिली कि वह पीड़िता से करेगा शादी !

इलाहाबाद हाईकोर्ट

गलत न्यायशास्त्र की एक लंबी गाथा जारी है, एक आरोपी को इस शर्त पर जमानत दी गई कि वह पीड़िता से शादी करेगा और उनके बच्चे को अपना नाम देगा POCSO के आरोपी को इलाहाबाद HC से इस शर्त पर जमानत मिली कि वह पीड़िता से करेगा शादी ! POCSO अधिनियम के तहत 17 साल … Read more

आरोपपत्र दाखिल करने में विफलता प्राकृतिक न्याय का गंभीर उल्लंघन है: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती रद्द करने का आदेश किया खारिज

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि भौतिक विवरण के साथ आरोपों का खुलासा करने वाली चार्जशीट पेश करने में विफलता प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। न्यायमूर्ति अजय भनोट की एकल पीठ ने प्रखर नागर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने … Read more

‘स्टेट लॉ अधिकारियों’ की मौजूदा नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

“हर वकील तब तक अक्षम है जब तक उसे अपना मामला रखने के लिए सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती।” एक पीआईएल मुख्य सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी वकीलों की हालिया नियुक्तियों को चुनौती देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायलय में दायर की गई है। Public Interest Litigation पर चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष … Read more

केवल बालिग युगल ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं, युगल में से कोई भी नाबालिग हो तो लिव इन रिलेशनशिप मान्य नहीं है – इलाहाबाद उच्च न्यायलय

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि केवल बालिग युगल ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकते हैं। और उनके ही कानून का संरक्षण प्राप्त होगा और उसे अपराध नहीं माना जाएगा। युगल में से कोई भी नाबालिग हो तो लिव इन रिलेशनशिप मान्य नहीं है और ऐसे मामले में कानूनन … Read more