“दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3(2) को उसके अक्षरशः लागू करने की आवश्यकता” ताकि नागरिकों को तुच्छ मुकदमेबाजी का विषय न बनना पड़े – इलाहाबाद HC

उपर्युक्त सूची दहेज के आरोपों को खत्म करने के लिए एक उपाय के रूप में भी काम करेगी जो बाद में वैवाहिक विवाद में लगाए जाते हैं. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3(2) के तहत विवाह के समय दूल्हा या दुल्हन को मिले उपहारों की सूची बनाए रखने के महत्व … Read more

HC में “अवध बार एसोसिएशन” चुनाव की मतगणना जारी, देर रात तक आएंगे अध्यक्ष पद के नतीजे; महासचिव मनोज द्विवेदी, कोषाध्यक्ष सुधाकर मिश्रा समेत कई जीते

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के अवध बार एसोसिएशन के विभिन्न पदों पर मंगलवार को मतदान हुआ। जानकारी हो की अवध बार एसोसिएशन में वैलिड वोटरों की संख्या 3786 है जिसमे से 3553 वोट किये गए। इसी के साथ सभी प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार भी थम गया है। आज 15 मई 2024 को मतों की … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट का एक महत्वपूर्ण निर्णय, उत्तर प्रदेश में अब वसीयत का पंजीकरण नहीं है जरूरी!

allahabad high court

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि उत्तर प्रदेश में वसीयत का रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है। बता दें कि राज्य सरकार ने 23 अगस्त 2004 से वसीयत का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया था। अब कोर्ट ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में वसीयत को पंजीकृत करने की आवश्यकता नहीं है और … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मनी लॉंड्रिंग मामले में विधायक अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज की

इलाहाबाद उच्च न्यायलय की लखनऊ खंडपीठ ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज मनी लॉंड्रिंग मामले में विधायक अब्बास अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने निर्णय में कहा कि मनी लॉंड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के तहत कोर्ट प्रथम दृष्टया इस बात से संतुष्ट नहीं है कि अभियुक्त इस मामले में निर्दोष … Read more

इस्लाम में आस्था रखने वाला व्यक्ति ‘लिव-इन-रिलेशनशिप’ में किसी भी अधिकार का दावा नहीं कर सकता, खासकर तब जब वह शादी शुदा हो – इलाहाबाद HC

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाल ही में मुस्लिम व्यक्ति के लिव-इन रिलेशनशिप अधिकार को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा कि इस्लाम में आस्था रखने वाला व्यक्ति लिव-इन-रिलेशनशिप की प्रकृति में किसी भी अधिकार का दावा नहीं कर सकता, खासकर तब जब उसका कोई जीवित जीवनसाथी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी अधिकारियो के उपस्थिति पर हाईकोर्ट को बताया कि यदि आवश्यक हो तो उन्हें पहली बार में वर्चुअल उपस्थित होने की अनुमति दी जानी चाहिए

हाईकोर्ट द्वारा नियमित रूप से सरकारी अधिकारी की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश देने की प्रथा की निंदा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि हाईकोर्ट को सरकारी अधिकारी की उपस्थिति का निर्देश देना आवश्यक लगता है तो इसे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होना चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य बनाम इलाहाबाद में … Read more

101 वारंट पर पेशी नहीं, 26 साल से फरार, MLA बने, विधानसभा में भी बैठे, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खतरनाक माना साथ ही सपा विधायक के रवैय्ये पर आपत्ति की दर्ज

मेरठ से समाजवादी पार्टी के विधायक रफीक अंसारी की हनक और दादगिरी तो देखिए. पहले तो गंभीर अपराध में लिप्त रहे, फिर मुकदमा हुआ और कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुए तो हनक में पेश नहीं हुए. ऐसा एक बार नहीं, बल्कि 101 बार हुआ. मतलब कि विधायक के खिलाफ 101 गैर जमानती वारंट … Read more

SC ने उत्तर प्रदेश सरकार से जिला मजिस्ट्रेट की पत्नी को प्रधान पद पर नियुक्त करने संबंधी अजीबोगरीब नियम की औचित्य और वैधता स्पष्ट करने को कहा

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश के एक अजीबोगरीब नियम को देखकर हैरान रह गया, जिसके अनुसार किसी जिले में पंजीकृत सोसायटी की अध्यक्ष के रूप में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की पत्नी को काम करना चाहिए। कोर्ट ने इस नियम को “अत्याचारी” और “राज्य की सभी महिलाओं के लिए अपमानजनक” करार दिया और राज्य से … Read more

डीएम जिले में राजस्व के मुखिया हैं राजस्व का काम देखें, खुद को गर्वनर न समझें, HC की सख्त टिप्पणी, जाने मामला विस्तार से…..

इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court ने कहा है कि डीएम DM जिले में राजस्व के मुखिया हैं राजस्व का काम देखें, खुद को गर्वनर न समझें। कोर्ट ने कहा कि जिले में शिक्षा विभाग का मुखिया जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) होता है। वह विभाग के उच्चाधिकारियों और शिक्षा मंत्री के प्रति जवाबदेह है, डीएम के … Read more

SC का अहम फैसला, कहा कि जांच एजेंसी की चार्जशीट में साक्ष्य की प्रकृति और मानक ऐसे सुदृढ़ और स्पष्ट हों कि साक्ष्य साबित होते ही अपराध स्थापित हो जाये…..

चार्जशीट तब पूरी होती है जब उसमें संज्ञान लेने और ट्रायल के लिए पर्याप्त सामग्री और साक्ष्य मौजूद हों : सुप्रीम कोर्ट आपराधिक अपीलों की बंच की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चार्जशीट की विषय-वस्तु से संबंधित कुछ पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की है। सर्वोच्च कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट तब पूरी होती … Read more