कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: वैध लाइसेंस दिखाना जरूरी

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Supreme Court’s instruction on the last day of Kanwar Yatra: It is necessary to show a valid license

सुप्रीम कोर्ट का आदेश — सिर्फ लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट दिखाना होगा
शीर्ष अदालत ने भेदभाव के आरोपों पर विचार से किया इनकार, कांवड़ यात्रा के अंतिम दिन पर सीमित निर्देश


नई दिल्ली — सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों पर मालिक का नाम और क्यूआर कोड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों पर विस्तार से विचार नहीं करेगी, क्योंकि कांवड़ यात्रा का आज अंतिम दिन है

न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने साफ किया कि इस स्तर पर अदालत केवल यही निर्देश दे सकती है कि सभी ढाबा और होटल मालिक वैधानिक प्रावधानों के तहत अपने लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्रदर्शित करें।


🧾 निजता और भेदभाव का मुद्दा याचिका में उठाया गया

यह आदेश शिक्षाविद् अपूर्वानंद झा और अन्य की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उत्तर प्रदेश प्रशासन का निर्देश ढाबा, होटल और रेस्तरां मालिकों के निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है।

याचिका में कहा गया कि 25 जून को यूपी प्रशासन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह निर्देश दिया गया था कि कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालय मालिकों को क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा, जिससे मालिकों की पहचान का पता चल सके।

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⚖️ सुप्रीम कोर्ट पहले भी लगा चुका है रोक

अदालत को बताया गया कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा 2023 में जारी ऐसे ही निर्देशों पर रोक लगा दी थी, जिनमें कांवड़ मार्ग पर दुकानों को अपने मालिकों और कर्मचारियों के नाम प्रदर्शित करने को कहा गया था।


🙏 धार्मिक आस्था और खानपान की विविधता का हवाला

याचिका में यह भी बताया गया कि श्रावण मास के दौरान भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए लाखों कांवड़ यात्री विभिन्न स्थानों से गंगाजल लेकर आते हैं। इस अवधि में अनेक श्रद्धालु मांसाहार, प्याज और लहसुन के सेवन से परहेज करते हैं, जिस कारण प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर मौजूद ढाबों की निगरानी को लेकर यह कदम उठाया।


📌 अदालत का तटस्थ रुख

हालांकि अदालत ने क्यूआर कोड और मालिक की पहचान प्रदर्शित करने के मुद्दे पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया। पीठ ने कहा:

“हमें बताया गया है कि यात्रा का आज अंतिम दिन है… इसलिए हम केवल इतना आदेश दे सकते हैं कि सभी संबंधित होटल मालिक वैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करेंगे।”

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