NALSA और न्याय विभाग 4 सितंबर को 26 मोबाइल ई-सेवा वैन की शुरुआत करेंगे
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, NALSA और न्याय विभाग 4 सितंबर को 26 मोबाइल ई-सेवा वैन की शुरुआत करेंगे। वैन दूरदराज क्षेत्रों में ई-कोर्ट, कानूनी सहायता और लोक अदालत जैसी सुविधाएं पहुंचाएंगी।
26 मोबाइल ई-सेवा वैन को 4 सितंबर को हरी झंडी
सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और न्याय विभाग के सहयोग से शुक्रवार को 26 मोबाइल ई-सेवा वैन की शुरुआत की जाएगी। इन वैन के माध्यम से दूरदराज और सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक ई-कोर्ट सेवाएं, कानूनी सहायता और विवाद समाधान की सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश और ई-कमेटी के संरक्षक-इन-चीफ जस्टिस सूर्यकांत 4 सितंबर को दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित समारोह में इन वैन को हरी झंडी दिखाएंगे।
समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे मौजूद
समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और ई-कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस विक्रम नाथ, कानून एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल तथा ई-कमेटी के उपाध्यक्ष जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहेंगे।
73 मोबाइल ई-सेवा वैन का है बड़ा लक्ष्य
26 मोबाइल ई-सेवा वैन, देशभर में विभिन्न हाईकोर्ट और जिला न्यायालय क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से तैनात की जाने वाली 73 मोबाइल ई-सेवा वैन के बड़े बेड़े की पहली खेप हैं।
यह पहल ई-कोर्ट परियोजना के विस्तार के रूप में तैयार की गई है। इसका उद्देश्य डिजिटल खाई को कम करना और न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाना है, ताकि न्यायिक एवं कानूनी सेवाएं सीधे उन नागरिकों तक पहुंच सकें जो दूरदराज क्षेत्रों में रहते हैं।
ई-कोर्ट से लेकर मोबाइल लोक अदालत तक सुविधाएं
इन मोबाइल वैन में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें ई-कोर्ट सेवाएं, डिजिटल ई-फाइलिंग, सुरक्षित ई-पेमेंट, मोबाइल लोक अदालत और कानूनी साक्षरता कार्यक्रम शामिल हैं।
हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और ऑनबोर्ड पावर बैकअप से लैस ये वैन दूरस्थ क्षेत्रों से सुरक्षित रिमोट सुनवाई और गवाहों के बयान दर्ज कराने में भी सहायता करेंगी।
सुप्रीम कोर्ट और सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि होंगे शामिल
फ्लैग-ऑफ समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के साथ न्याय विभाग, NALSA और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। ई-कमेटी के विस्तारित सदस्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी भी शामिल होंगे।
इसके अलावा अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों की भी समारोह में मौजूदगी रहेगी।
तकनीक के जरिए न्याय तक व्यापक पहुंच का प्रयास
इस पहल का व्यापक उद्देश्य तकनीक का उपयोग करके न्याय वितरण प्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और पहुंच को बढ़ाना है। मोबाइल ई-सेवा वैन के माध्यम से न्यायिक सेवाओं को उन लोगों के और करीब ले जाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके लिए अदालतों और डिजिटल न्यायिक सुविधाओं तक पहुंचना कठिन है।
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