श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही मस्जिद ईदगाह विवाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई सुलह वार्ता के दौरान हिंदू पक्ष ने विवादित ढांचा हटाकर दूसरी जगह ईदगाह के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। जानिए बैठक में क्या हुआ और दोनों पक्षों का क्या रुख रहा।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही मस्जिद ईदगाह विवाद: सुलह वार्ता में हिंदू पक्ष का नया प्रस्ताव
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शनिवार को विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच सुलह का प्रयास किया गया। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान (हिंदू पक्ष) ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए विवाद के समाधान के लिए एक नया प्रस्ताव रखा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई विशेष लोक अदालत में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार विधिक सेवा प्राधिकरण की विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावनाओं पर चर्चा की गई। हालांकि, शाही मस्जिद ईदगाह पक्ष के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण प्रस्ताव पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी।
अब इस मामले में 21 से 23 अगस्त के बीच सुप्रीम कोर्ट में होने वाली विशेष सुनवाई के दौरान आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।
हिंदू पक्ष का प्रस्ताव: ढांचा हटे, दूसरी जगह बने ईदगाह
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पक्ष की ओर से कहा गया कि यदि शाही मस्जिद ईदगाह पक्ष विवादित स्थल से अपना दावा वापस लेकर वहां से ढांचा हटाने के लिए सहमत हो जाता है, तो जन्मस्थान पक्ष मथुरा में किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर ईदगाह निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने को तैयार है।
हिंदू पक्ष का कहना है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसी भी ढांचे को सुरक्षित तरीके से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। उनका दावा है कि यह विवाद आपसी सहमति से समाप्त किया जा सकता है।
हिंदू पक्ष ने ऐतिहासिक तथ्यों का भी किया उल्लेख
सुलह वार्ता के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से उपस्थित याचिकाकर्ताओं ने अपने दावों के समर्थन में ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि जिस भूमि पर वर्तमान में शाही मस्जिद ईदगाह स्थित है, वह मूल रूप से श्रीकृष्ण जन्मस्थान की भूमि है।
उनका यह भी कहना था कि यदि ईदगाह पक्ष विवादित भूमि पर अपना दावा छोड़ देता है, तो वैकल्पिक स्थान पर ईदगाह निर्माण के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
अब तक 18 मुकदमे हो चुके हैं दायर
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद को लेकर अब तक 18 अलग-अलग वाद विभिन्न अदालतों में दायर किए जा चुके हैं। इनमें से कई मामलों की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में भी लंबित है। इसके अलावा, हाल के दिनों में इस विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई विशेष अनुमति याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
ईदगाह पक्ष की अनुपस्थिति से नहीं बढ़ सकी बातचीत
विशेष लोक अदालत में शाही मस्जिद ईदगाह पक्ष की अनुपस्थिति के कारण किसी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में प्रस्ताव पर औपचारिक चर्चा आगे नहीं बढ़ पाई और वार्ता अधूरी रह गई।
ईदगाह समिति ने क्या कहा?
शाही मस्जिद ईदगाह समिति के सचिव ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल समझौते की संभावनाओं को परखने के लिए थी। उनका कहना है कि वर्ष 1968 में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका था और वर्तमान विवाद बाद में दायर किए गए मुकदमों के कारण उत्पन्न हुआ है। समिति का कहना है कि फिलहाल नए समझौते की कोई स्थिति नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद में सुलह की संभावनाओं को देखते हुए विशेष लोक अदालत के माध्यम से बातचीत का प्रयास कराया है। अब आगामी सुनवाई के दौरान अदालत यह तय करेगी कि मामले को आगे किस दिशा में बढ़ाया जाए।
SEO Tags
#श्रीकृष्णजन्मस्थान #शाहीमस्जिदईदगाह #मथुराविवाद #MathuraDispute #KrishnaJanmabhoomi #ShahiIdgah #SupremeCourt #SupremeCourtNews #MathuraNews #BreakingNews #HindiNews #CourtNews #LegalNews #AllahabadHighCourt #IndiaNews #ReligiousDispute #HinduPaksh #IdgahCommittee #GoogleNews #TrendingNews #NewsUpdate #LegalToday #MathuraCourt #HindiBreakingNews #LatestNews #IndianJudiciary #CourtUpdate #SEO #NewsArticle #ViralNews
