हाई कोर्ट ने पूछा कि इंस्पेक्टर कैसे कर रहा है सिविल जज के शक्तियों का इस्तेमाल, जज को दिया निर्देश, एस पी तलब-

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूछा कि शक्ति का दुरुपयोग करने के लिए क्यों न उनके (बस्‍ती कोतवाली इंस्‍पेक्‍टर) खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही की जाए?

इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने सिविल जज Civil Judge के अस्थाई निषेधाज्ञा Temporary Injunction के बावजूद बस्ती Basti जिले की कोतवाली इंचार्ज द्वारा याची को पेपर सहित हाजिर होने के आदेश पर रोक लगा दिया है।

उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने इंस्पेक्टर कोतवाली को नोटिस जारी कर 11 जुलाई को स्पष्टीकरण के साथ हाजिर होने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट ने एसपी बस्‍ती से मांगा व्‍यक्तिगत हलफनामा-

हाई कोर्ट ने पूछा कि शक्ति का दुरुपयोग करने के लिए क्यों न उनके (बस्‍ती कोतवाली इंस्‍पेक्‍टर) खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही की जाए?

न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने यह आदेश दिनेश कुमार यादव की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने एसपी बस्ती से भी व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है कि उनके अधीक्षण में इंस्पेक्टर ने सिविल जज की शक्ति का इस्तेमाल करने की कैसे कोशिश की?

इंस्‍पेक्‍टर पर सिविल कोर्ट के अधिकार के अतिक्रमण का आरोप-

उच्च न्यायालय ने कहा कि यदि हलफनामा Affidavit दाखिल नहीं किया गया तो एसपी भी हाजिर हों। कोर्ट ने सिविल जज को भी निषेधाज्ञा अर्जी पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। याची को बेदखल करने तथा थाने जाने पर रोक लगा दी है। मामले के अनुसार याची की कप्तानगंज के कटरा खुर्द गांव की भूमि के कब्जे को लेकर विवाद है।

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इलाहाबाद हाई कोर्ट Allahabad High Court ने अस्थाई निषेधाज्ञा Temporary Injunction जारी की है। विपक्षी व इंस्पेक्टर की मिलीभगत से याची को भूमि संबंधी कागजात के साथ कोतवाली बुलाया। इसे चुनौती दी गई है। याची का कहना है कि इंस्पेक्टर ने सिविल कोर्ट के अधिकार का अतिक्रमण किया है।