‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला देकर अकाउंट ब्लॉक करने का आरोप
दिल्ली हाईकोर्ट 29 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी गई है। याचिका में इंस्टाग्राम अकाउंट हैकिंग, वेबसाइट हटाने और सोशल मीडिया दमन के आरोप लगाए गए हैं।
Delhi High Court 29 मई 2026 को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा पार्टी के X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी गई है। मामला न्यायमूर्ति Purushaindra Kumar Kaurav की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।
‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला देकर अकाउंट ब्लॉक करने का आरोप
याचिकाकर्ता अभिजीत डिपके ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने “राष्ट्रीय सुरक्षा” का हवाला देते हुए पार्टी की सोशल मीडिया उपस्थिति पर रोक लगाई। डिपके का कहना है कि केवल X अकाउंट ही नहीं, बल्कि पार्टी का इंस्टाग्राम पेज, वेबसाइट और बैकअप सोशल मीडिया अकाउंट्स भी या तो हैक कर लिए गए या हटाए गए।
याचिका में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई एक व्यापक “डिजिटल क्रैकडाउन” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन को दबाना है।
इंस्टाग्राम हैक, बैकअप अकाउंट हटाने के आरोप
डिपके के अनुसार, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया, जिसके कारण पार्टी का उस पेज पर नियंत्रण समाप्त हो गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक हुआ।
अपने निजी X हैंडल पर किए गए पोस्ट में डिपके ने लिखा था कि पार्टी का मुख्य X अकाउंट “withheld” कर दिया गया और बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया।
उन्होंने पोस्ट में कहा:
“कॉकरोच जनता पार्टी पर कार्रवाई। इंस्टाग्राम पेज हैक। मेरा निजी इंस्टाग्राम भी हैक। ट्विटर अकाउंट withheld। बैकअप अकाउंट भी हटाया गया।”
वेबसाइट ऑफलाइन करने का भी आरोप
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पार्टी की वेबसाइट को भी ऑफलाइन कर दिया गया। डिपके ने इस कार्रवाई को “तानाशाहीपूर्ण रवैया” बताते हुए कहा कि सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मिलकर चुनिंदा खातों को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि डिजिटल राजनीतिक अभिव्यक्ति और व्यंग्यात्मक आलोचना को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई थी CJP
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन राजनीतिक मंच है, जिसने मीम्स और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए शासन, राजनीति और सार्वजनिक मुद्दों पर टिप्पणी कर युवाओं के बीच लोकप्रियता हासिल की थी।
डिपके का दावा है कि इस डिजिटल आंदोलन से लगभग 10 लाख लोग जुड़े थे। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 6 लाख सदस्यों ने NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग संबंधी ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम डिजिटल नियंत्रण का सवाल
यह मामला अब केवल एक सोशल मीडिया अकाउंट के ब्लॉक होने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, ऑनलाइन राजनीतिक व्यंग्य और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सरकारी नियंत्रण जैसे व्यापक संवैधानिक प्रश्नों से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई में यह महत्वपूर्ण होगा कि अदालत सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कार्रवाई को किस दृष्टिकोण से देखती है, विशेषकर तब जब याचिकाकर्ता “चयनात्मक सेंसरशिप” और “डिजिटल दमन” के आरोप लगा रहे हैं।
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