सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा OBC जाति को SC घोषित करने के ख़िलाफ़ दायर याचिका में कहा, याची हाई कोर्ट जाये-

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार राज्य सरकार द्वारा जारी दो शाशनदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें दो OBC जाति को अनुसूचित जाति सूची में बदलाव किया गया था मई 2014 में, बिहार सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया था जिसमें इसमें ‘खटवे’ जाति जो ओबीसी के तहत थी, को अनुसूचित … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अपीलकर्ता के सजा पूर्ण करने के बाद भी आपराधिक अपील ख़ारिज नहीं किया जा सकता है-

SUPREME COURT सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषसिद्धि के खिलाफ अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है कि दोषी अपीलकर्ता ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को पूरा कर लिया है। न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने सुधार की संभावना का हवाला देते हुए POCSO दोषी की मौत की सजा को उम्रकैद में दिया बदल-

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के मामले में अनुसूचित जनजाति समुदाय के एक दोषी की मौत की सजा Death sentence को उम्रकैद Life Imprisonment में बदल दिया।  These Appeals are preferred against the judgment of the High Court of Madhya Pradesh by which the conviction and … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट: संस्कृत के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार क्यों, अधिकारी मनमानी नहीं कर सकते-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने एक अहम फैसले में संस्कृत भाषा और स्कूलों में संस्कृत अध्यापकों की भर्ती को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा, ‘राज्य सरकार भारतीय सभ्यता की सबसे पुरानी भाषा संस्कृत के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार नहीं कर सकती।  कल्याणकारी राज्य जिस पर भाषा के संरक्षण का दायित्व है, … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालयों को Article 226 रिट पेटिशन का निपटारा करते समय चुनौती देने के आधार पर अपना दिमाग लगाना चाहिए-

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार 13 .01.2022 को उड़ीसा हाईकोर्ट Orissa High Court के आदेश का विरोध करने वाली एक विशेष अनुमति याचिका Special leave Petition पर विचार करते हुए कहा कि, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 Article 226 of Indian Constitution के तहत दायर याचिका Petition पर विचार करते हुए हाईकोर्ट को याचिका में दी … Read more

सुप्रीम कोर्ट: बीमा करने के बाद हेल्‍थ इंश्योरेंस क्‍लेम खारिज नहीं कर पाएगी बीमा कंपनी, जानें क्या है पूरा मामला-

हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) देकर किसी बहाने से क्लेम रिजेक्ट (Claim Reject) करना, अब ऐसा नहीं चलेगा. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले पर एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है. इससे हेल्‍थ इंश्योरेंस क्‍लेम (health insurance claim) को दावे को लेकर लोगों की परेशानी घटेगी. Supreme Court उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: सहायक के तौर पर काम कर रहे कर्मचारी का बीमा क्लेम ठुकराना गलत, हाई कोर्ट का आदेश रद्द-

शीर्ष अदालत राजस्थान उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 की धारा 30 के तहत बीमा कंपनी की अपील को मंजूरी दी गई थी। इस मामले में मृतक तेज सिंह को नियोक्ता द्वारा एक हेल्पर के रूप में काम पर रखा गया था, … Read more

सुप्रीम कोर्ट पंहुचा शवों के अंतिम संस्कार का मामला, जानिए क्‍या है इस धर्म में शवों के अंतिम संस्‍कार का तरीका?

अंतिम संस्‍कार के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका  केंद्र सरकार ने तरीके पर रोक लगाने की मांग  पारसी धर्म में शव का खास तरीके से होता है अंतिम संस्‍कार हर धर्म-संप्रदाय में शादी-ब्‍याह से लेकर अंतिम संस्‍कार तक के अपने तरीके और रस्‍मो-रिवाज होते हैं. जैसे हिंदू और सिख धर्म के अनुयायी शव … Read more

POCSO COURT का त्वरित निर्णय, 90 दिनों में 3 साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी को सजाए मौत-

कचरे वाले ने हैवानियत की सारी हदें पार कर 7 साल की बच्ची से किया दुष्कर्म, कोर्ट ने हैवान मान दिया तीन बार मृत्यदंड की सजा

कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा और शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष देशभर के कई चर्चित मामलों की रूलिंग पेश की- Fatehpur POCSO COURT Death Sentence: शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने बताया कि खागा कोतवाली क्षेत्र के सुजरही गांव में 15 अक्टूबर 2021 की दोपहर 3 साल की बच्ची की रेप … Read more

सुप्रीम कोर्ट: संविधान पीठ का महत्वपूर्ण निर्णय, अग्रिम जमानत में तय समयसीमा जरूरी नहीं-

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस विनीत सरन, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस एस रविंद्र भट की संविधान पीठ ने कहा कि अग्रिम जमानत सामान्य तौर पर तब तक समाप्त नहीं किए जाने की जरूरत है जब तक अदालत द्वारा उसे समन किया जाए या आरोप तय किए जाएं. हालांकि यह अदालत पर निर्भर है … Read more