क्या एक हिंदू पुनर्विवाहित विधवा पुनर्विवाह के बाद मृत पति की संपत्ति में हिस्सा प्राप्ति कर सकती है – उच्च न्यायलय

वर्तमान प्रकरण में, बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस.एम.मोदक ने इस मुद्दे पर अपनी राय दी कि क्या एक हिंदू पुनर्विवाहित विधवा मृत पति की संपत्ति में अपने हिस्से का दावा कर सकती है? केस के तथ्य- मृतक भारतीय रेलवे में प्वॉइंटमैन के पद पर कार्यरत था। उसकी शादी प्रतिवादी से हुई थी। मृतक की मृत्यु … Read more

क्या राजस्व अभिलेख में संपत्ति के म्युटेशन से संपत्ति का मालिकाना हक मिलेगा ? शीर्ष अदालत का जवाब-

उच्चतम न्यायलय ने संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर बड़ा फैसला – शीर्ष अदालत ने गुरुवार को फिर एक बार कहा कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में संपत्ति के दाखिल-खारिज (Mutation of Property) से न तो संपत्ति का मालिकाना हक मिल जाता है और न ही समाप्त होता है। संपत्ति का मालिकाना हक केवल एक सक्षम सिविल … Read more

जेल मैन्युल के अनुसार अगर बजा पचासा घंटा तो बंदियों समेत अधिकारियों में भी बढ़ जाती है दहशत, जाने क्या होता है पचासा-

पचासा घंटी या पगली घंटी बजने के दौरान कई चिह्नित बंदियों को एकत्रित किया जाता है- सुबह छह बजे जेल की सभी बैरकों से कैदी ग्राउंड में इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं। लाउड स्पीकर पर दूर-दूर तक गूंज रहा है-ऐ मालिक तेरे बंदे है हम, ऐसे हो हमारे करम, नेकी पर चलें और बदी … Read more

शीर्ष अदालत का ऐतिहासिक निर्णय, केंद्र सरकार ने NDA में लड़कियों को शामिल करने का किया ऐलान-

ऐतिहासिक निर्णय : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) परीक्षा में लड़कियों को शामिल करने का बड़ा ऐलान किया है। केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (National Defence Academy, NDA) में लड़कियों को भी शामिल करने का फैसला … Read more

शीर्ष अदालत का देश के जजों को संदेश, बताया कैसे लिखा जाना चाहिए फैसला और फैसले में क्या-क्या होने चाहिए जरूरी तत्व-

मा. न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और मा. न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने उत्तर प्रदेश के बलिया के एक मामले में हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा पाए स्वामीनाथ यादव, सुरेंद्र कुमार पांडेय, झींगुर भार, और विक्रम यादव की अपील पर जमानत देने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को रद करते हुए यह फैसला … Read more

उच्च न्यायलय ने रिटायर्ड प्रांतीय चिकित्सा सेवा के डॉक्टरों को संशोधित एनपीए का लाभ देने से किया इन्कार-

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के एक आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें 24 अगस्त 2009 से पहले रिटायर्ड हुए प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) के डॉक्टरों को संशोधित एनपीए (NON PRACTICE ALLOWANCE) का लाभ देने से इनकार किया गया था। कोर्ट ने निर्देश किया सरकार के आदेश के बाद वसूली … Read more

न्यायालय ने नीट-यूजी को टालने से इनकार किया, 12 सितंबर को होनी है परीक्षा-

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नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) को टालने से सोमवार को इनकार करते हुए कहा कि वह प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता और इसकी तारीख में बदलाव करना ‘अनुचित’ होगा। नीट-यूजी 12 सितंबर को होनी है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार … Read more

शीर्ष अदालत ने धारा 113-ए भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत विवाहित महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के अनुमान को आकर्षित करने की शर्तें को स्पष्ट किया-

मृतक के रिश्तेदार होने के आधार पर करीबी रिश्तेदारों / हितबद्ध गवाहों के साक्ष्य मूल्य को अस्वीकार नहीं किया जा सकता- शीर्ष अदालत ने कहा है कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-ए की प्रयोज्यता को आकर्षित करने के लिए, तीन शर्तों को पूरा करना आवश्यक है- महिला ने आत्महत्या की है ऐसी आत्महत्या उसकी … Read more

कानूनी पेशा अभी भी मुख्य रूप से एक शहरी पेशा है, कानून को अक्सर एक अमीर आदमी के पेशे के रूप में देखा गया है – सीजेआई

कानून बिरादरी में महिलाओं की भागीदारी की कमी- देश के मुख्य न्यायाधीश Chief Justice of India Justice एनवी रमन्ना ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कानून को अक्सर अमीर लोगों Rich People का पेशा माना जाता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने न्यायालयों में जजों की कमी … Read more

धारा 165 IEA: न्यायाधीश को न्यायतंत्र के अंतर्गत एक स्वतंत्र शक्ति प्रदान करती है-

यह धारा, पीठासीन न्यायधीश को गवाहों एवं पक्षकारों से सवाल करने का अधिकार सौंपती है- न्यायाधीश को न्याय देने में प्रभावी तौर पर उभारना है तो पीठासीन न्यायाधीश को महज़ एक दर्शक और एक रिकॉर्डिंग मशीन नहीं होना चाहिए कि वह मामले को बस सुने और एक टाइपिस्ट की तरह अपना निर्णय सुना दे। उसे … Read more