HC ने कहा कि याचिका उनके अवैध संबंधों पर न्यायालय की मुहर प्राप्त करने के लिए दायर किया गया है-

HC ने कहा कि “लिव-इन रिलेशन” एक ऐसा रिश्ता है जिसे कई अन्य देशों के विपरीत भारत में सामाजिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है- पति और पत्नी होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ताओं के जीवन की सुरक्षा की मांग करने वाली एक याचिका पर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिका उनके अवैध … Read more

HC ने कहा कि आरोप सिर्फ हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि कई न्यायाधीशों के कामकाज पर सीधा हमला है, याचिका वापस ले या शुरू करें अवमानना कि कार्यवाही-

एक बलात्कार पीड़िता की ओर से एएसजे, रोहिणी अदालत के आदेश के खिलाफ धारा 476 और 506 आईपीसी की प्राथमिकी दर्ज करवा दी- लोअर कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के विरुद्ध आरोप लगाने वाली एक अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि न्यायपालिका आलोचना से अछूती नहीं है, … Read more

HC ने कहा कि Article 226 में निहित शक्तियां CrPC की धारा 482 की तुलना में बहुत अधिक, समझौते के आधार पर FIR रद्द की जाती है –

इंडियन पेनल कोड की धारा 323 ए, 504 ए, 506 कंपाउंडेबल हैं। धारा 376 ए, 354 यहां पर लागू नहीं होतीं, क्योंकि पीड़ित की चिकित्सकीय जांच नहीं की गई है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि एक बार पार्टियों ने फैसला किया है कि वे इस मुकदमे को लड़ना नहीं चाहती हैं, दर्ज … Read more

यदि सबूत की विश्वनीयता है और कोर्ट के विश्वास को प्रेरित करते हैं, तो बलात्कार के मामले में दोषसिद्धि पीड़ित की एकमात्र गवाही पर की जा सकती है – HC

बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला: ‘हल्बा’ और ‘हल्बी’ अनुसूचित जनजातियों में अंतर स्पष्ट, वैधता प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया

बॉम्बे उच्च न्यायलय BOMBAY HIGH COURT ने फैसला सुनाया कि, यदि सबूत विश्वसनीय हैं और न्यायालय के विश्वास को प्रेरित करते हैं, तो दोषसिद्धि पीड़ित की एकमात्र गवाही पर आधारित हो सकती है। न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वरले और न्यायमूर्ति श्रीकांत डी. कुलकर्णी की पीठ ने कहा कि, पीड़िता की मानसिक स्थिति के बारे में पुलिस … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात की इजाजत प्रदान की, कहा कि गर्भपात से सिर्फ इसलिए इनकार नहीं किया जा सकता कि महिला अविवाहित है-

सुप्रीम कोर्ट SUPREME COURT ने एक गर्भपात ABORTION के ऊपर एक फैसले दिल्ली उच्च न्यायलय DELHI HIGH COURT के निर्णय को उलट अविवाहित महिला को 24 हफ्ते के गर्भ को गिराने की इजाजत प्रदान की । न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने दिल्ली उच्च न्यायलय के फैसले को पलटते हुए कहा कि अदालत का … Read more

वैवाहिक विवाद, क्या समझौते के आधार पर खत्म हो सकता है मुकदमा? इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक निर्णय में कहा कि वैवाहिक विवाद जैसे निजी विवादों में पक्षकारों के बीच समझौता होने के आधार पर दर्ज मुकदमा समाप्त किया जा सकता है। साथ ही साथ हाई कोर्ट ने कहा कि जहां गंभीर प्रकृति का अपराध है, वहां पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर मुकदमे को समाप्त … Read more

सांसद बृजभूषण शरण सिंह को उच्च न्यायलय से बड़ी राहत, उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को किया रद्द, दिया ये आदेश-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ Allahabad High Court Lucknow Bench ने स्थानीय प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने सांसद सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह … Read more

फर्जी मेमो दाखिल करके मनोनुकूल आदेश प्राप्त करने वाले वादियों पर लगाया कॉस्ट, निर्णय किया रद्द-

कन्नूर के एडीएम की कथित अप्राकृतिक मौत के मामले में जांच राज्य से CBI को स्थानांतरित करने से इनकार - केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायलय Kerala High Court ने मंगलवार को फर्जी मेमो Fake Memo दाखिल कर जिसमे नोटिस की तामील Fake Service of Notice दिखाया गया है ऐसे हासिल किए गए निर्णय को रद्द कर दिया और फर्जी मेमो पेश करने वाले वादियों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायमूर्ति ए बदरुद्दीन ने पुनर्विचार याचिका पर … Read more

HC ने कहा कि किसी भी नागरिक द्वारा देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ गालियां देने से, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण नहीं मिलेगा-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी वाली फेसबुक पोस्ट Facebook Post डालने के आरोपी एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रिपोर्ट (FIR) को रद्द करने से इनकार कर दिया। प्रस्तुत रिट याचिका प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध संख्या 26 को … Read more

हाईकोर्ट ने पति द्वारा Family Court के आदेश को चुनौती देने पर लगाया 20,000 रु का जुर्माना, कहा गुजारा भत्ता न देना मानवीय दृष्टिकोण में सबसे बड़ा अपराध-

दिल्ली उच्च न्यायलय Delhi High Court ने अलग रह रही पत्नी और बच्चे को गुजारा भत्ता Alimony नहीं देने को मानवीय दृष्टिकोण से सबसे बड़ा अपराध बताया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पति द्वारा पारिवारिक न्यायलय Family Court के आदेश को चुनौती देने पर उस पर 20,000 रुपये का भी जुर्माना लगाया है। न्यायमूर्ति … Read more