मृतक का पोस्टमॉर्टम करने में घोर लापरवाही और अवैधता के लिए डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश- बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट: अनावश्यक अर्जेंसी का हवाला देने पर वकील पर ₹10,000 का जुर्माना

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक मृतक का पोस्टमॉर्टम करने में घोर लापरवाही और अवैधता के लिए एक डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। यह निर्देश मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विरोधाभासों के संबंध में ठाणे के जिला सामान्य अस्पताल के जिला सिविल सर्जन द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के जवाब में आया। … Read more

पूर्व वरिष्ठ सरकारी वकील को महिला से दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट ने दी जमानत जो उसके कार्यालय में गई थी सहायता मांगने

महिला से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार पूर्व वरिष्ठ सरकारी वकील पीजी मनु को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। मनु पर आरोप था कि उसने एक बलात्कार पीड़िता का बार-बार यौन शोषण किया, जो अपने मामले में कानूनी सलाह लेने के लिए उसके पास आई थी। न्यायमूर्ति सोफी थॉमस ने कड़ी शर्तों के साथ मनु … Read more

यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 असांविधानिक करार, एक्ट धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन, सरकारी मदरसे होंगे बंद

इलाहाबाद उच्च न्यायलय के निर्णय के उपरांत लखनऊ के 121 मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा पर संकट के बादल हैं। लखनऊ में कुल 121 मदरसे संचालित होते हैं, इनमें से 18 अनुदानित तथा बाकी मान्यताप्राप्त हैं। इन मदरसों में करीब 21 हजार छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी … Read more

संदेह चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, उचित संदेह से परे सबूत की जगह नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि संदेह चाहे कितना भी मजबूत क्यों न हो, उचित संदेह से परे सबूत की जगह नहीं ले सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि “जहां अभियोजन यह साबित करता है कि मृतक को आखिरी बार अपीलकर्ताओं के साथ देखा गया था और उसके तुरंत बाद मृतक की मृत्यु हो गई, तो … Read more

ब्रेकिंग न्यूज़ : सुप्रीम कोर्ट से अरविंद केजरीवाल ने ईडी द्वारा गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस ले ली

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली केजरीवाल की याचिका पर तत्काल सुनवाई का जिक्र किया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने सिंघवी को जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच के पास जाने को कहा था। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता अरविंद … Read more

क्या NI ACT U/S 138 के तहत बिना अभियोजन के किसी शिकायत को खारिज करना CrPC U/S 256 (1) के तहत बरी करने जैसा होगा और ऐसा ही किया जा सकता है?

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस सवाल को एक बड़ी अदालत के पास भेजा है कि क्या निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत बिना अभियोजन के किसी शिकायत को खारिज करना सीआरपीसी की धारा 256 (1) के तहत बरी करने जैसा होगा और ऐसा ही किया जा सकता है और ऐसा सीआरपीसी की … Read more

आरोपों से यह संकेत नहीं मिलता कि अभियोजक झूठे वादे के कारण यौन संबंध में शामिल थी: सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार मामले को रद्द करने का फैसला सुनाया

सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के मामले को यह कहते हुए रद्द करने को बरकरार रखा कि पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों से यह संकेत नहीं मिलता है कि शादी का वादा झूठा था या शिकायतकर्ता ऐसे झूठे वादे के आधार पर यौन संबंध में शामिल थी। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों … Read more

NI Act U/S 138 : अदालत आरोपी द्वारा मांग नोटिस की प्राप्ति की तारीख से 15 दिन मिंयाद से पहले दायर शिकायत का संज्ञान नहीं ले सकती – HC

निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 : कर्नाटक उच्च न्यायालय ने दोहराया कि यदि आरोपी द्वारा नोटिस Notice प्राप्त होने की तारीख से अनिवार्य 15 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले शिकायत दर्ज की जाती है तो अदालत परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत अपराध का संज्ञान नहीं ले सकती … Read more

Mens Rea & Actus Reus दोनों लापता: इलाहाबाद HC ने सांसद बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ मानहानि का मामला रद्द कर दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि का मुकदमा रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति फैज़ आलम खान की पीठ ने कहा कि, “मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि विवादित पत्र शिकायतकर्ता को लिखे या सूचित नहीं किए गए हैं और … Read more

CrPC u/s 82, 83 के तहत उद्घोषणा जारी करने से पहले, अदालत को संबंधित व्यक्ति द्वारा कार्यवाही को जानबूझकर टालने के बारे में संतुष्टि का संकेत देना चाहिए: इलाहाबाद HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि न्यायालय को सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत उद्घोषणा जारी करने से पहले संबंधित व्यक्तियों द्वारा कार्यवाही को जानबूझकर टालने के बारे में अपनी संतुष्टि का संकेत देना चाहिए। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की पीठ ने कहा, ”सीआरपीसी की धारा 82/83 के तहत उद्घोषणा जारी करने … Read more