सुप्रीम कोर्ट : बहुविवाह-निकाह हलाला पर PIL, होगी सुनवाई, पांच जजों संविधान पीठ गठित की जाएगी

उच्चतम न्यायलय ने आज शुक्रवार को कहा कि वह मुसलमानों में बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ प्रथा की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का गठन करेगा। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका public … Read more

रोशनी अधिनियम : शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि वह इस अधिनियम के तहत आने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह रोशनी अधिनियम Roshni Act के तहत आने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें और उन्हें उनके घरो से न निकालें। केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता मुजफ्फर इकबाल खान ने बताया कि शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि उन्हें अपने घरों से … Read more

‘राम सेतु’ को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने का मामला प्रक्रियाधीन है- केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को किया सूचित

केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह रामसेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने से संबंधित मुद्दे पर विचार कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पर्दीवाला की पीठ, जो इस मुद्दे पर पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, ने … Read more

कॉलेजियम ने कहा की गे एडवोकेट’ सौरभ कृपाल को दी जाये जजशिप, रॉ की रिपोर्ट वकील का स्विस साथी देश के लिए सुरक्षा जोखिम-

कृपाल के नाम पर अडिग रहने का SC का फैसला ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार और शीर्ष अदालत एक बार फिर न्यायिक नियुक्ति प्रणाली को लेकर आमने-सामने हैं। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम का नेतृत्व कर रहे भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के.एम. यूसुफ ने कलकत्ता, … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया – ‘लास्ट सीन’ सजा का एकमात्र आधार नहीं हो सकता, हर परिस्थिति को उचित संदेह से परे साबित किया जाना चाहिए-

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी की सजा को रद्द करते हुए कहा कि ‘आखिरी बार देखे जाने’ का सिद्धांत दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकता क्योंकि इसका आवेदन सीमित था, जहां मृतक को आखिरी बार आरोपी के साथ देखे जाने के बीच का समय अंतराल था, और हत्या का समय संकीर्ण था। न्यायमूर्ति … Read more

आखिर क्यों इतना उग्र हो गए जस्टिस माहेश्वरी? सुप्रीम कोर्ट में उलझ गए माननीय वकील विकास सिंह से, हुई तिखी बहस

सर्वोच्च न्यायालय में बुधवार को न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और एडवोकेट विकास सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। सुप्रीम कोर्ट में आज बुधवार को न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी (Justice Dinesh Maheshwari) सीनियर एडवोकेट व सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल के अध्यक्ष विकास सिंह (Advocate Vikas Singh) के बीच गहमागहमी देखने को मिली। न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने अधिवक्ता … Read more

कॉलेजियम प्रणाली को और पारदर्शी बनाने पर कानून मंत्री ने कहा की, दुनियाभर में कहीं भी जज दूसरे जजों की नियुक्ति नहीं करते हैं

दुनियाभर में कहीं भी जज दूसरे जजों की नियुक्ति नहीं करते हैं। जजों का मुख्य काम है न्याय देना, लेकिन मैंने नोटिस किया है कि आधे से ज्यादा समय जज दूसरे जजों की नियुक्ति के बारे में फैसले ले रहे होते हैं। इससे ‘न्याय देने’ का उनका मुख्य काम प्रभावित होता है- किरेन रिजिजू केंद्रीय … Read more

न्याय के लिए करते रहें इंतजार आपकी भी आएगी बारी, NJAD के मुताबिक देश की अदालतों में पेंडिंग हैं, ‘पांच करोड़’ से ज्यादा केस

NJAD के सर्वे Servey के मुताबिक भारत की अदालतों में फिलहाल 5 करोड़ से ज्यादा केसेज पेंडिंग Cases Pending हैं. इनमें से करीब साढ़े चार करोड़ मामले जिला District Court और तालुका के कोर्ट में ही लंबित है. भारत में 25 हाईकोर्ट्स High Court हैं. इन सभी हाईकोर्ट्स में 59 लाख से ज्यादा केसेज पेंडिंग … Read more

भूमि के अतिक्रमणकर्ता अपने अधिग्रहण को धारा 24(2)-भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 में चुनौती नहीं दे सकते – SC

सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अतिक्रमणकारियों को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 (अधिनियम) में उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार की धारा 24 (2) के प्रावधानों का लाभ लेने और अधिग्रहण को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। भूमि का क्योंकि यदि उन्हें लाभ लेने की अनुमति दी गई … Read more

सुप्रीम कोर्ट : “CrPC Sec 145” के तहत कार्यवाही को बंद करते हुए मजिस्ट्रेट पक्षकारों के संपत्ति पर अधिकारों के संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकता

उच्चतम कोर्ट ने कहा है कि सिविल मुकदमों के लंबित होने के कारण “दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 धारा 145” के तहत कार्यवाही को बंद करते हुए मजिस्ट्रेट पक्षकारों या सवालों में संपत्ति पर पक्षकारों के अधिकारों के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं कर सकता है या कोई निष्कर्ष नहीं लौटा सकता है। “दंड प्रक्रिया संहिता, … Read more