सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेरिट से चुने गए SC/ST/OBC उम्मीदवार अनरिजर्व सीटों के हकदार, यह अब स्थापित कानून

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनरल कट-ऑफ से अधिक अंक लाने वाले SC/ST/OBC उम्मीदवार अनरिजर्व सीटों के हकदार हैं। यह मेरिट और समानता पर आधारित स्थापित कानूनी सिद्धांत है। ✍️ कानूनी संवाददाता | नई दिल्ली 🔹 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेरिट से चुने गए SC/ST/OBC उम्मीदवार अनरिजर्व सीटों के हकदार, यह अब स्थापित … Read more

SC/ST एक्ट विवाद वाले मामलों में समझौते पर कार्यवाही रद्द हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट

SC/ST एक्ट विवाद वाले मामलों में समझौते पर कार्यवाही रद्द हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि SC/ST एक्ट का मामला जातिगत आधार पर नहीं है और विवाद निजी प्रकृति का है, तो पक्षकारों के स्वैच्छिक समझौते पर कार्यवाही रद्द की जा सकती है। कोर्ट ने पुलिस … Read more

‘रक्षक बनी भक्षक’: सुप्रीम कोर्ट ने महिला संरक्षण गृह की प्रभारी अधिकारी की ज़मानत रद्द की, पीड़ितों को सुरक्षा देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

‘The protector turned predator’: Supreme Court cancels bail of the officer in charge of the women protection home, orders to provide security to the victims नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने पटना के एक महिला संरक्षण गृह की प्रभारी अधिकारी की ज़मानत रद्द करते हुए सख्त टिप्पणी की है कि “जिसे रक्षक बनाकर नियुक्त किया … Read more

तांती जाति को Scheduled Caste List में मिलाना कानूनन गलत: Supreme Court ने एससी श्रेणी के तहत उम्मीदवार के दावे को खारिज करने को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने 'मौत की सजा' पाए हत्या के आरोपी चंद्रभान सुदाम सनप को अभियोजन पक्ष के मामले में "बड़ी खामियों" के कारण किया बरी

सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत तांती उम्मीदवार के दावे को खारिज करने के फैसले को बरकरार रखा और दोहराया कि अनुसूचित जाति सूची में तांती जाति का विलय कानून की दृष्टि से गलत है। सर्वोच्च न्यायालय ने डॉ. भीम राव अंबेडकर विचार मंच बिहार बनाम बिहार राज्य 2024 आईएनएससी 528 में अपने … Read more

पुलिस अधिकारी चंद्रशेखरन को नाबालिक अनुसूचित जाति के लड़की से बलात्कार किये जाने के कारण जमानत देने से इनकार किया – High Court

ट्रस्ट एक कानूनी व्यक्ति नहीं है और मुकदमा नहीं कर सकता या मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता

केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक पुलिस अधिकारी को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अनुसूचित जाति समुदाय की 14 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार Rape का आरोप है। यह अपील अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 14-ए के तहत दायर है। इस अपील में चुनौती … Read more

हाईकोर्ट का एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में बड़ा फैसला, भंगी, नीच, भिखारी, मंगनी जैसे शब्द जातिसूचक नहीं

Rajasthan High Court Big Decision 16112024

हाईकोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट से चार जाति सूचक शब्दों को हटाते हुए कहा कि भंगी, नीच, भिखारी, मंगनी जैसे शब्द जातिसूचक नहीं हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने SC-ST Act के तहत दर्ज मामले में अहम आदेश पारित करते हुए SC-ST Act में दर्ज … Read more

अनुसूचित जातियों में उप-वर्गीकरण को लेकर अपने फैसले की समीक्षा को सहमत सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को अनुसूचित जातियों में उप-वर्गीकरण को लेकर दिए गए अपने फैसले की समीक्षा करने के लिए सहमत हो गया है। इस संबंध में कोर्ट में कई याचिकाएं डाली गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने इस निर्णय में कहा था कि राज्यों को आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने … Read more

सुप्रीम कोर्ट का 6:1 बहुमत से महत्वपूर्ण निर्णय SC/ST कोटे में उप जाति आधारित कोटा संभव, आरक्षण केवल पहली पीढ़ी तक ही सीमित होना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने आज 6:1 बहुमत से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उप-वर्गीकरण को अनुमेय मानते हुए फैसला सुनाया, साथ ही न्यायमूर्ति पंकज मिथल की सहमति से यह माना कि आरक्षण केवल पहली पीढ़ी तक ही सीमित होना चाहिए और यह जाति के अलावा किसी अन्य मानदंड पर होना चाहिए, क्योंकि संविधान में जाति … Read more

HC ने ED अधिकारियों के खिलाफ SC/ST Act के अंतरगर्त दर्ज FIR पर किसी प्रकार की पुलिसिया कार्रवाई पर रोक, हेमंत सोरेन को तगड़ा झटका

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सशरीर रात 9:00 बजे उपस्थित होने का आदेश

हेमंत सोरेन की ओर से रांची में SC/ST Act के अंतरगर्त दायर कराई गई FIR के मामले में ED के अधिकारियों को झारखण्ड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर किसी प्रकार की पुलिसिया कार्रवाई पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति ए के चौधरी ने सोमवार को … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अगर किसी महिला की सहमति शुरू से ही शादी के झूठे वादे के जरिए हासिल की गई है, तो यह बलात्कार होगा

J Abhay S Okapankaj Mithalsc

सुप्रीम कोर्ट में शेख आरिफ बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में अपीलकर्ता पर शादी के झूठे वादे के तहत एक महिला के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का आरोप लगाया गया था। महिला को बाद में उस व्यक्ति की दूसरी महिला से सगाई की तस्वीरें मिलीं जिसके बाद उसने प्राथमिकी दर्ज की। हालाँकि, अपीलकर्ता ने तर्क … Read more